दिल्ली में BJP कोर कमेटी की बैठक शुरू, अमित शाह भी मौजूद, बिहार चुनाव में सीट शेयरिंग पर चर्चा

नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (BJP) की कोर कमेटी दिल्ली में बैठक के लिए जुटी है, जिसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद हैं। इस बैठक का मुख्य एजेंडा बिहार विधानसभा चुनाव में सीट शेयरिंग और गठबंधन रणनीति तय करना है।


भाजपा (BJP) की कोर कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक आज दिल्ली में शुरू हो गई है। इस बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, और संगठन महासचिव बी.एल. संतोष सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद हैं। बैठक का मुख्य एजेंडा है — बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में एनडीए (NDA) के घटक दलों के बीच सीट शेयरिंग यानी सीट बंटवारे पर अंतिम फैसला करना।

सूत्रों के मुताबिक, बिहार चुनाव को लेकर एनडीए में लंबे समय से सीट बंटवारे को लेकर बातचीत चल रही थी। अब यह बैठक उस पर अंतिम मुहर लगाने के लिए बुलाई गई है। भाजपा चाहती है कि बिहार में गठबंधन की तस्वीर जल्द साफ की जाए ताकि प्रचार अभियान समय पर शुरू किया जा सके।

इस बैठक में बिहार भाजपा प्रभारी, प्रदेश अध्यक्ष और संगठन से जुड़े कुछ प्रमुख नेता भी शामिल हैं। जानकारी के अनुसार, अमित शाह और जेपी नड्डा इस बैठक में खुद सीट बंटवारे का फार्मूला तय कर सकते हैं। वहीं, सहयोगी दलों—लोक जनशक्ति पार्टी (चिराग पासवान), हम पार्टी (जीतन राम मांझी) और राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (उपेंद्र कुशवाहा)—को मिलने वाली सीटों पर भी चर्चा जारी है।

पार्टी सूत्रों का कहना है कि भाजपा बिहार में पहले से मजबूत स्थिति में है और उसका लक्ष्य 2025 के चुनाव में अकेले बहुमत लाने का है। लेकिन सहयोगी दलों को साथ रखकर चुनाव लड़ना पार्टी की रणनीति का हिस्सा है। इसी को ध्यान में रखते हुए यह बैठक बुलाई गई है, ताकि गठबंधन में कोई भ्रम या नाराज़गी न रहे।

बीजेपी मुख्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, बैठक में बिहार चुनाव के अलावा प्रचार अभियान की रूपरेखा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैलियों का कार्यक्रम, और सोशल मीडिया कैंपेन की योजना पर भी चर्चा की जा रही है। पार्टी का मानना है कि चुनावी मैदान में उतरने से पहले संगठनात्मक तालमेल बेहद जरूरी है।

वहीं, एनडीए के सहयोगी दलों के बीच सीटों की संख्या को लेकर अभी भी कुछ असहमति बनी हुई है। चिराग पासवान की पार्टी एलजेपी को करीब 26 सीटें, जीतन राम मांझी की पार्टी को 8 सीटें, और उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी को 7 सीटें मिलने की संभावना जताई जा रही है। भाजपा खुद लगभग 180 सीटों पर चुनाव लड़ सकती है।

राजनीतिक जानकारों का कहना है कि अमित शाह की मौजूदगी इस बैठक को बेहद अहम बनाती है, क्योंकि उनके निर्णय को अंतिम माना जाता है। शाह के नेतृत्व में ही एनडीए का पूरा रणनीतिक रोडमैप तय किया जाएगा।

भाजपा नेताओं का मानना है कि गठबंधन की एकजुटता ही बिहार चुनाव में जीत की कुंजी बनेगी। इसीलिए पार्टी यह चाहती है कि सीट शेयरिंग को लेकर कोई सार्वजनिक विवाद सामने न आए। बैठक के बाद संभव है कि भाजपा और उसके सहयोगी दलों की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की जाए, जिसमें सीटों का औपचारिक ऐलान हो सकता है।

कुल मिलाकर, यह बैठक बिहार चुनाव को लेकर भाजपा की निर्णायक तैयारी मानी जा रही है। अमित शाह और जेपी नड्डा दोनों का फोकस इस बात पर है कि गठबंधन के सभी दल एकजुट होकर मैदान में उतरें और विपक्षी महागठबंधन को कड़ी टक्कर दी जा सके।

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