भारत की विदेश नीति इजरायल और फिलिस्तीन दोनों के साथ संतुलन बनाए रखने की रही है. भारत एक तरफ हमास को आतंकी समूह नहीं मानता है और गाजा में मानवीय संकट पर चिंता भी जताता है तो दूसरी तरफ इजरायल की आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई का समर्थन भी करता है. ऐसे में प्रियंका गांधी के बयान पर भारत सरकार ने तो नहीं, अलबत्ता इजरायली राजदूत ने जरूर तीखी प्रतिक्रिया दी है.
हालात और प्रतिक्रियाएं:
- प्रियंका गांधी ने गाजा में हो रहे संघर्ष पर प्रतिक्रिया दी
उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि इज़राइल “नरसंहार” कर रहा है—उन्होंने दावा किया कि 60,000 से अधिक लोगों की जान गई, जिनमें 18,430 बच्चे शामिल हैं, साथ ही लाखों लोग भूखमरी की कगार पर हैं। - बाद में उन्होंने ‘नरसंहार’ शब्द का इस्तेमाल फिर दोहराया और भारतीय सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाया।
इज़रायली राजदूत रेवुएन अजार ने तीखी प्रतिक्रिया दी, कहा: “यह आपकी गलतबयानी है”। उन्होंने दावा किया कि इज़राइल ने 25,000 हमास आतंकियों को मार गिराया, और जो नागरिकों की मौतें हुईं, वे हमास की रणनीति—जैसे नागरिकों के पीछे छिपना—की वजह से हैं।
इस बयानबाज़ी के बाद राजनीतिक तनाव बढ़ा—कांग्रेस ने सरकार से कदम उठाने की मांग की, वहीं BJP नेताओं ने प्रियंका की इस रूख की आलोचना की, यह कहते हुए कि उन्होंने हमास की ओर से इजरायल पर किए गए हमले को निंदा नहीं किया।
कांग्रेस नेता और सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा देश की दूसरी सबसे बड़ी पार्टी की पहले तीन बड़े नेताओं में शुमार करती हैं. जाहिर है कि जब वो कुछ बोलती हैं तो उसका राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय प्रभाव होता है. प्रियंका गांधी का गाजा प्रेम किसी से छिपा हुआ नहीं है. हमास विरोधी अभियान इजरायल के हमास विरोधी अभियान का विरोध करती रही हैं. पर अब वह सांसद भी बन चुकी हैं .अब जब वो कुछ भी बोलेंगी उस पर प्रतिक्रियाएं तो होंगी हीं. गांधी ने इजरायल-फिलिस्तीन संघर्ष, विशेष रूप से गाजा में चल रहे संकट पर मंगलवार को एक सोशल मीडिया पोस्ट में इजरायल पर गंभीर आरोप लगाया. उन्होंने दावा किया कि इजरायल ने 60,000 से अधिक लोगों की हत्या की, जिनमें 18,430 बच्चे शामिल हैं. उन्होंने इजरायल के इस कृत्य को नरसंहार बताया.उन्होंने भुखमरी और नागरिकों पर अत्याचार का उल्लेख करते हुए भारत सरकार की चुप्पी को भी शर्मनाक बताया.
