प्रदेश के कई भागों में ऑरेंज अलर्ट के बीच लगातार जारी बारिश से दुश्वारियां बढ़ गई हैं। राज्य में चार नेशनल हाईवे सहित 453 सड़कें बाधित हैं। 753 बिजली ट्रांसफार्मर व 276 जल आपूर्ति योजनाएं भी प्रभावित हैं।
हिमाचल प्रदेश के कई भागों में ऑरेंज अलर्ट के बीच लगातार जारी बारिश से दुश्वारियां बढ़ गई हैं। भारी बारिश से राज्य में नदी-नाले उफान पर हैं और कई जगह भूस्खलन की घटनाएं हुई हैं। आपदा प्रभावित सराज में फिर बारिश ने तबाही मचाई है। प्रदेश में मंगलवार सुबह 10:00 बजे तक चार नेशनल हाईवे सहित 453 सड़कें बंद रहीं। 753 बिजली ट्रांसफार्मर व 276 जल आपूर्ति योजनाएं भी प्रभावित हैं। मंडी जिले में सबसे अधिक 318 सड़कें, 657 बिजली ट्रांसफार्मर व 86 जल आपूर्ति योजनाएं बाधित हैं। कुल्लू में 67 सड़कें व कांगड़ा जिले में 120 जल आपूर्ति योजनाएं प्रभावित हैं। राजधानी शिमला में भी सुबह से बारिश जारी है।
थुनाग में घरों में घुसा मलबा, अस्थायी कलवर्ट बहे
सराज में एक बार फिर भारी बारिश ने तबाही मचाई है। लगातार बारिश से नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने के कारण बाढ़ और भूस्खलन का खतरा मंडरा रहा है। बूंगरैलचौक, संगलबाड़ा, ढीम कटारू, लंबाथाच, चिऊणी, थुनाग, पखरैर, मुरहाग, शिकावरी, लेहथाच, कांढ़ा-बगस्याड, शरण, बहलीधार, शिल्हीबागी, बागाचनोगी, भाटकीधार, कलहणी, खबलेच, जैंशला, बस्सी, कुकलाह और बाखली पंचायतें सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। बूंगरैलचौक और थुनाग बाजार में असुरक्षित घरों में मलबा घुस गया, जिससे हजारों लोगों को खतरा पैदा हो गया है। लगातार बारिश ने सराज की सभी सड़कों को बंद कर दिया है। पीडब्ल्यूडी की महीने भर की मेहनत पर पानी फिर गया, क्योंकि बाखलीखड्ड में बने अस्थायी कलवर्ट बह गए। पर्यटन नगरी जंजैहली शेष विश्व से पूरी तरह कट गई है। बिजली आपूर्ति ठप होने से पूरा सराज अंधेरे में डूबा हुआ है। उधर, गोहर उपमंडल की ज्यूणी घाटी के देवीदहड़, जहल, जाच्छ, करनाला, तुन्ना और शाला में भारी बारिश के कारण ज्यूणी खड्ड का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। लोग डर के चलते घरों से बाहर निकल आए हैं। गोहर, स्यांज, नांडी और पंडोह के निवासियों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। खासकर ज्यूणी खड्ड के किनारे रहने वाले लोगों से तुरंत सुरक्षित स्थानों पर जाने को कहा गया है।
भरमौर-पठानकोट हाईवे पर पर भूस्खलन
चंबा जिले में भरमौर-पठानकोट हाईवे पर लूणा, खदामुख, केरु पहाड़ के पास भूस्खलन हुआ। मौके पर मौजूद मशीनरी ने हाईवे बहाल कर दिया है। इसके अलावा जिला में 14 संपर्क मार्ग, 28 बिजली ट्रांसफार्मर और 42 जल आपूर्ति योजनाएं प्रभावित हुई हैं। भटियात विधानसभा क्षेत्र कालीधार में सड़क धंसने और सड़क क्षतिग्रस्त होने से प्रदेश और देश से कटा हुआ है। वहीं चुराह उपमंडल बंजली-चरोड़ी मार्ग भूस्खलन से पिछले एक सप्ताह से बंद है। सड़क बंद होने से ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। क्षेत्र में खाद्य सामग्री, एलपीजी सिलिंडर, सब्जियां समेत अन्य सामान खत्म हो चुका है। वहीं क्षेत्र में 15 गाड़िया फंसी हैं।
आज भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट, इतने दिन बरसेंगे बादल
बीती रात को मंडी में 151.2, बग्गी 104.8, सुंदरनगर 84.1, मुरारी देवी 83.0, नादौन 78.0, गोहर 72.0, करसोग 56.3, पालमपुर 55.8, पंडोह 53.0, नंगल डैम 49.0 व ब्राह्मणी में 48.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। माैसम विज्ञान केंद्र शिमला की ओर से राज्य के कई भागों में 11 अगस्त तक बारिश का दाैर जारी रहने का पूर्वानुमान है। आज कई भागों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। 6 से 11 अगस्त के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।
मानसून में अब तक 1,990 कच्चे-पक्के घर क्षतिग्रस्त
प्रदेश में इस मानसून सीजन में 20 जून से 4 अगस्त तक 192 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। 301 लोग घायल हुए हैं। 36 लोग अभी भी लापता हैं। इस दाैरान 81 लोगों की सड़क हादसों में माैत हुई है। बादल फटने, भूस्खलन, बाढ़ से अब तक 1,990 कच्चे-पक्के घरों, दुकानों को क्षति हुई है। 1,524 गोशालाएं भी क्षतिग्रस्त हुई हैं। 1,546 पालतु पशुओं की माैत हुई है। नुकसान का कुल आंकड़ा 1,75,363.84 लाख रुपये पहुंच गया है।
