टी20 वर्ल्ड कप में भारत से मैच से पहले बाबर आजम की फॉर्म पर सवाल उठ रहे हैं। लाइव टीवी डिबेट में अहमद शहजाद, मोहम्मद आमिर और राशिद लतीफ ने मजाकिया अंदाज में शर्तें लगा दीं, किसी ने दावत का वादा किया, तो किसी ने रिटायरमेंट वापसी की बात कही। अब नजरें बाबर की पारी पर टिक गई हैं।
पाकिस्तान क्रिकेट के पोस्टर बॉय रहे बाबर आजम इन दिनों अपनी जगह बचाने की जंग लड़ते दिख रहे हैं। टी20 वर्ल्ड कप 2026 के पहले मैच में नीदरलैंड्स के खिलाफ 18 गेंदों पर 15 रन की पारी ने आलोचकों को और मुखर कर दिया। हालांकि, अमेरिका के खिलाफ 32 गेंदों में 46 रन बनाकर उन्होंने वापसी की कोशिश जरूर की, लेकिन भारत के खिलाफ बड़े मुकाबले से पहले उनके प्रदर्शन को लेकर संशय बना हुआ है। अब पाकिस्तान को 15 फरवरी को कोलंबो में भारत से भिड़ना है। हालांकि, इस मैच से पहले उनके अपने ही उनकी खिल्ली उड़ा रहे हैं। पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर्स अहमद शहजाद, मोहम्मद आमिर और राशिद लतीफ ने उनका जमकर मजाक उड़ाया।
लाइव शो में मजाक और बड़ी-बड़ी बातें
पाकिस्तानी टीवी शो ‘हारना मना है’ में एंकर ताबिश हाशमी से चर्चा के दौरान इन पूर्व क्रिकेटरों ने बाबर की क्षमता पर खुलकर तंज कसे और हैरान करने वाली शर्तें लगा दीं। अहमद शहजाद ने कहा, ‘क्राउड कोऑर्डिनेटर को उस दिन खाना नहीं लाना पड़ेगा। पूरी टीम को मेरी तरफ से खाना मिलेगा।’ मतलब साफ था- अगर बाबर मैच जिता दें, तो वह सबको दावत देंगे।
आमिर की रिटायरमेंट वाली शर्त
शो के एंकर ताबिश ने मोहम्मद आमिर की ओर से बड़ी घोषणा करते हुए कहा, ‘अगर बाबर 160 के स्ट्राइक रेट से खेलते हैं और पाकिस्तान को जिताते हैं, तो आमिर रिटायरमेंट वापस ले लेंगे।’ इस पर शहजाद ने शर्त थोड़ी वास्तविक बनाने की कोशिश की। उन्होंने कहा, ‘अगर वह 150 के स्ट्राइक रेट से 50 से ज्यादा रन बनाकर मैच जिता दें, तो ये सारी शर्तें लागू होंगी।’ आमिर ने भी इस पर हामी भर दी।
राशिद लतीफ की चुटकी
बहस के बीच राशिद लतीफ ने माहौल हल्का करते हुए कहा, ‘वो इतनी देर बैटिंग ही नहीं करता।’ इस एक लाइन ने स्टूडियो में ठहाके लगवा दिए। फिर राशिद ने कहा, ‘ अगर बाबर ने मैच जितवाया, तो अगले दिन इस प्रोग्राम के लोगों को छुट्टी मिलेगी।’
दबाव बढ़ा या प्रेरणा मिलेगी?
भारत के खिलाफ मुकाबला हमेशा हाई-वोल्टेज रहता है। ऐसे में पूर्व खिलाड़ियों की ये टिप्पणियां बाबर पर अतिरिक्त दबाव डाल सकती हैं। दूसरी ओर, यह उनके लिए आलोचकों को जवाब देने का सुनहरा मौका भी हो सकता है।
