आशु पुरी हत्या प्रयास मामले में पुलिस की बड़ी कार्रवाई तेज़—एक और आरोपी गिरफ्तार, तीन युवक न्यायिक हिरासत में; कई नई जानकारियाँ सामने आईं
ऊना जिले में बहुचर्चित आशु पुरी हत्या प्रयास मामला लगातार गहराता जा रहा है और पुलिस की जांच कई अहम मोड़ ले चुकी है। शनिवार को इस मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए झलेड़ा निवासी महेश कौशल को गिरफ्तार किया। पुलिस ने दोपहर बाद आरोपी को अदालत में पेश किया, जहां अदालत ने महेश कौशल को तीन दिन की पुलिस रिमांड पर भेजने का आदेश दिया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि महेश कौशल, आशु पुरी पर गोली चलाने वाले पक्ष से जुड़ा हुआ है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना के दौरान उसकी सटीक भूमिका क्या थी और वह वारदात से पहले या बाद में कहाँ था तथा उससे जुड़े कौन-कौन से लोग अभी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं।
इसके अलावा, शनिवार को ही तेजधार हथियारों से हमला करने के आरोप में पकड़े गए तीन अन्य युवकों को भी अदालत में पेश किया गया। अदालत ने इन तीनों आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। इन आरोपियों का संबंध गोलीकांड के तुरंत बाद हुए प्रतिशोधी हमले से बताया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि ये युवक उस गुट से जुड़े हैं जिन्होंने गोली चलाने वाले पक्ष पर हमला किया था।
गोलीकांड को अंजाम देने वाले गुट का एक आरोपी गुरजीत मान निवासी सनोली पहले ही पुलिस की गिरफ्त में है। वहीं, गोली मारने का आरोपी परविंद्र निवासी सनोली और उसका सहयोगी पुरजिंद्र उर्फ पिंदू फिलहाल पीजीआई में गंभीर हालत में उपचाराधीन हैं। दोनों को वारदात के बाद हुए हमले में गंभीर चोटें आई थीं।
दूसरी ओर, आशु पुरी गुट से जुड़े तीन युवकों—दीपांशु शर्मा, अभी पुरी और नितिश—को पुलिस ने बीते दिनों पंजाब के रोपड़ से गिरफ्तार किया था। पुलिस ने इन तीनों को तकनीकी जानकारी और मुखबिरों के आधार पर ट्रेस कर पकड़ा। गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से उनकी कार भी जब्त की, जिसे वारदात के बाद फरार होने में उपयोग किए जाने की आशंका है। इन तीनों आरोपियों से पुलिस ने कई घंटे पूछताछ की है और कई अहम सुराग मिलने की संभावना जताई जा रही है।
गौरतलब है कि 19 नवंबर को लाल सिंगी में संतोषगढ़ निवासी आशु पुरी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी थी। वारदात के तुरंत बाद आशु पुरी के साथियों ने दूसरे गुट पर तेजधार हथियारों से हमला किया था। इस हमले में गोली चलाने का आरोपी परविंद्र और उसका साथी पिंदू काफी गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इसी घटना के बाद पुलिस ने आशु पुरी और उसके छह साथियों के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया। पुलिस ने यह भी बताया कि दोनों गुटों के बीच रंजिश काफी समय से चली आ रही थी, लेकिन यह इतना हिंसक रूप ले लेगा—इसकी संभावना किसी ने नहीं जताई थी।
जांच को अधिक प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने के लिए एसआईटी (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम) का गठन किया गया है। एसआईटी लगातार दोनों पक्षों के रिश्तों, विवादों, पैसों के लेन-देन और आपसी झगड़ों के इतिहास की जांच कर रही है। पुलिस अधीक्षक अमित यादव के अनुसार, मामले में कई महत्वपूर्ण कड़ियाँ अभी जुड़नी बाकी हैं और कुछ ऐसे नाम सामने आ रहे हैं जो अब तक इस मामले में शामिल नहीं माने जा रहे थे। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियाँ हो सकती हैं और मामले की पूरी सच्चाई सामने लाने के लिए पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है।
एसपी अमित यादव ने यह भी बताया कि पुलिस के पास कुछ वीडियो रिकॉर्डिंग, सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल कॉल रिकॉर्ड जैसे तकनीकी सबूत भी जुटाए जा रहे हैं, जो इस केस को सुलझाने में अहम भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने वारदात के दौरान या बाद में किसी भी पक्ष को सहायता दी, वे भी पुलिस की जांच के दायरे में आ रहे हैं।
इस बीच, आशु पुरी हत्या मामले को लेकर स्थानीय लोगों में भी काफी आक्रोश और डर का माहौल है। ग्रामीणों का मानना है कि पुलिस को जल्द से जल्द इस मामले की सच्चाई सामने लानी चाहिए ताकि इलाके में शांति और विश्वास बहाल हो सके।
