केवल औपचारिकता के लिए हो रही पुलिस प्रशासन की कार्रवाई
ऊना। जिले में नाबालिग बच्चों की ओर से बेखौफ होकर दोपहिया वाहन चलाने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। कई बच्चे स्कूल आने-जाने के लिए भी बाइक और स्कूटी का इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे न केवल उनकी जान जोखिम में पड़ रही है, बल्कि सड़क पर चलने वाले अन्य लोगों की सुरक्षा भी खतरे में है। पुलिस की टीमें दिन में नाकाबंदी कर नियमों का पालन न करने वालों का चालान तो काट रही हैं, लेकिन स्कूलों के आसपास पुलिस की उपस्थिति नगण्य है। प्रशासन और यातायात पुलिस समय-समय पर कार्रवाई करती रहती है, लेकिन ये अभियान अक्सर कुछ ही दिनों तक सीमित रह जाते हैं। नियमित रूप से वाहन चालकों की जांच न होने के कारण नाबालिगों के हौसले बुलंद हैं। कई बच्चे बिना लाइसेंस, बिना हेलमेट और नियमों की अनदेखी करते हुए सड़कों पर फर्राटा भरते नजर आते हैं। स्थानीय लोगों में राकेश कुमार, अजय पाल, रविंद्र कुमार, अशोक सैनी, मनजिंद्र सिंह और बलबिंद्र कुमार ने कहा कि सड़क हादसों में जान गंवाने वाले कई नाबालिगों के मामलों के बावजूद स्थायी और सख्त व्यवस्था लागू नहीं हो पा रही है। उन्होंने अभिभावकों की लापरवाही को भी इस समस्या का बड़ा कारण बताया, क्योंकि कई माता-पिता कम उम्र में ही बच्चों को वाहन थमा देते हैं। स्थानीय लोग बताते हैं कि वे प्रतिदिन सड़क पर ऐसे नाबालिग बच्चों को देखते हैं, खासकर निजी स्कूलों में पढ़ाई करने वाले बच्चे वाहन चलाकर स्कूल पहुंचते हैं। बीते दिनों कई हादसों में नाबालिगों की जान चली गई। लोगों का कहना है कि पुलिस प्रशासन को हादसों के होने से पहले ही ऐसे मामलों पर रोकथाम करनी चाहिए। अभिभावकों का सुझाव है कि नियमित चेकिंग, स्कूलों के आसपास विशेष निगरानी और अभिभावकों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाने से इस पर अंकुश लगाया जा सकता है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि नाबालिगों और उनके अभिभावकों के खिलाफ लगातार और प्रभावी कार्रवाई की जाए। उपनिदेशक जिला उच्च शिक्षा विभाग अनिल कुमार ने बताया कि स्कूलों में विद्यार्थियों की ओर से वाहनों का उपयोग प्रतिबंधित है। इसके लिए स्कूलों को दिशा निर्देश दिए गए हैं और किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
Una News: बाइक और स्कूटी पर स्कूल पहुंच रहे नाबालिग विद्यार्थी
