हिमाचल में 18 अक्टूबर तक नहीं बरसेंगे बादल, माइनस में केलंग का पारा

हिमाचल प्रदेश में मौसम का मिज़ाज इस समय पूरी तरह बदल गया है। मानसून के बादल अब लगभग पूरी तरह से छंट चुके हैं और आने वाले दिनों में राज्य के अधिकांश इलाकों में सूखा मौसम बने रहने के आसार हैं। मौसम विभाग के अनुसार, 18 अक्टूबर तक राज्य में कहीं भी बारिश की संभावना नहीं है। हालांकि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है और लाहौल-स्पीति जिले का केलंग इलाका इस वक्त माइनस तापमान में पहुंच चुका है।


राज्य के अधिकांश हिस्सों में दिन के तापमान में हल्की बढ़ोतरी हुई है, लेकिन रातें बेहद ठंडी हो चुकी हैं। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला की रिपोर्ट के अनुसार, फिलहाल किसी भी पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के संकेत नहीं मिले हैं। इसका मतलब है कि अगले एक सप्ताह तक आसमान साफ रहेगा और दिन में धूप खिली रहेगी। वहीं, ऊंचाई वाले इलाकों में सुबह और देर शाम के समय ठंडी हवाओं का प्रभाव बढ़ गया है, जिससे सर्दी का अहसास साफ झलकने लगा है।

लाहौल-स्पीति का केलंग इलाका इस समय राज्य का सबसे ठंडा स्थान बना हुआ है। यहां का न्यूनतम तापमान माइनस 0.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। इसी तरह किन्नौर और भरमौर जैसे ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी रात के समय पारा लगातार गिर रहा है। मौसम विभाग ने बताया कि आने वाले दिनों में रात के तापमान में और गिरावट दर्ज की जा सकती है, जबकि दिन के तापमान में ज्यादा बदलाव की संभावना नहीं है।

मौसम में आए इस बदलाव का असर अब स्थानीय जीवन पर भी दिखने लगा है। पहाड़ी इलाकों में सुबह और शाम को लोग अब गरम कपड़ों का इस्तेमाल करने लगे हैं। खेतों में काम करने वाले किसान भी अब जल्दी काम निपटाकर घर लौटने लगे हैं क्योंकि शाम ढलते ही ठंड का असर तेज़ महसूस होता है। वहीं, पर्यटन स्थलों में सैलानियों ने इस बदलते मौसम का आनंद लेना शुरू कर दिया है। मनाली, कुल्लू और शिमला जैसे हिल स्टेशनों पर सुबह-सुबह की ठंड और धूप का मिश्रण एक खूबसूरत नजारा पेश कर रहा है।

मौसम विभाग ने यह भी कहा है कि आने वाले दिनों में राज्य के पश्चिमी और मध्य पर्वतीय इलाकों में रात का तापमान 2 से 3 डिग्री तक और गिर सकता है। हालांकि किसी भी प्रकार की बारिश या बर्फबारी के संकेत फिलहाल नहीं हैं। इससे यह तय है कि दशहरा तक हिमाचल में शुष्क मौसम बना रहेगा।

इस बीच, किसानों और बागवानों ने राहत की सांस ली है क्योंकि लगातार बारिश न होने से खेतों में नमी संतुलित बनी रहेगी और फसलों को किसी तरह का नुकसान नहीं होगा। सेब और अन्य बागवानी उत्पादों की पैकिंग और ट्रांसपोर्टेशन पर भी इसका सकारात्मक असर पड़ेगा।

राज्य के प्रमुख शहरों की बात करें तो शिमला में दिन का अधिकतम तापमान 22 डिग्री और न्यूनतम तापमान 10 डिग्री के आसपास दर्ज किया गया है। धर्मशाला में अधिकतम तापमान 24 डिग्री और न्यूनतम 12 डिग्री रहा। वहीं, ऊना, बिलासपुर और हमीरपुर जैसे निचले इलाकों में दिन में अभी भी हल्की गर्माहट महसूस की जा रही है, लेकिन रातें ठंडी होती जा रही हैं।

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अक्टूबर के तीसरे सप्ताह के बाद पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता बढ़ सकती है, जिससे मौसम में फिर बदलाव देखने को मिल सकता है। फिलहाल राज्य भर में मौसम शुष्क रहेगा और लोगों को सुबह-शाम की ठंड से निपटने के लिए सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

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