नई दिल्ली स्थित हिमाचल सदन में ठहरी एक महिला के कमरे में दिल्ली पुलिस के कुछ कर्मचारियों के अचानक पहुंचने से बवाल हो गया। घटना शनिवार रात सवा 12 बजे की है, जब दिल्ली पुलिस के इस तरह आने पर महिला और हिमाचल सदन के कर्मचारियों ने भी विरोध किया।
नई दिल्ली स्थित हिमाचल सदन में ठहरी एक महिला के कमरे में दिल्ली पुलिस के कुछ कर्मचारियों के अचानक पहुंचने से बवाल हो गया। घटना शनिवार रात सवा 12 बजे की है, जब दिल्ली पुलिस के इस तरह आने पर महिला और हिमाचल सदन के कर्मचारियों ने भी विरोध किया। इस संबंध में एक वीडियो भी वायरल हो रहा है।
वीडियो में एक व्यक्ति यह कहते हुए सुनाई दे रहा है कि उनके पास इस तरह से सरकारी जगह पर जाने के लिए कौन सा वारंट है। वे इस तरह से कैसे जा सकते हैं। महिला यह भी कह रही कि यह उनका कमरा है। महिला ने एक अन्य व्यक्ति को इसकी शिकायत के लिए 112 नंबर डायल करने भी कहा। वह यह भी पूछ रही हैं कि महिला पुलिस कर्मी कहां हैं। एक व्यक्ति यह कह रहे हैं कि समय तो देखिए, सवा 12 बज रहे हैं। बताया जा रहा है कि जब खूब बवाल हुआ तो पुलिस कर्मी वापस चले गए। यहां पर पुलिसकर्मी क्यों आए थे, इस बारे में स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है। हालांकि, रविवार को प्रदेश में इस मामले की खूब चर्चा रही।
हिमाचल सदन में पुलिस कार्रवाई की निष्पक्ष जांच हो : सुधीर
भाजपा विधायक सुधीर शर्मा ने दिल्ली के हिमाचल सदन में दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्रवाई कई सवालों को जन्म देती है कि दाल में कुछ काला जैसा प्रतीत हो रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता सच्चाई जानना चाहती है। पूरे मामले की पारदर्शी जांच आवश्यक है। उन्होंने आरोप लगाया कि युवा कांग्रेस के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से इस घटनाक्रम को राजनीतिक रंग देने का प्रयास किया जा रहा है, जो यह दर्शाता है कि कांग्रेस आग में घी डालने का काम कर रही है। भाजपा नेता ने कहा कि लोकतंत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही आवश्यक है। इस पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, जिससे सच्चाई सामने आ सके और जनता का विश्वास कायम रहे।
