हिमाचल की सात बेटियां 11वीं एशियन वुमन यूथ हैंडबाल चैंपियनशिप में टीम इंडिया का प्रतिनिधित्व करेंगी। भारतीय टीम 15 जुलाई को चीन के लिए रवाना होगी। कनिष्का के नेतृत्व में टीम इंडिया चीन के जिंगगांगशान शहर में होने वाली प्रतियोगिता में दम दिखाएंगी।
चीन में 18 से 27 जुलाई तक होने वाली 11वीं एशियन वुमन यूथ हैंडबाल चैंपियनशिप में भारतीय युवा महिला टीम की कप्तानी का जिम्मा बिलासपुर की कनिष्का को पहली बार सौंपा गया है। कनिष्का के साथ हिमाचल की सात बेटियां टीम इंडिया का प्रतिनिधित्व करेंगी। भारतीय टीम 15 जुलाई को चीन के लिए रवाना होगी। कनिष्का के नेतृत्व में टीम इंडिया चीन के जिंगगांगशान शहर में होने वाली प्रतियोगिता में दम दिखाएंगी। टीम में हिमाचल की सात खिलाड़ी शामिल हैं।
इन होनहार बेटियों ने गुजरात के गांधीनगर में आयोजित राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर में खुद को साबित किया। 70 संभावित खिलाड़ियों में से पहले 28 को शॉर्टलिस्ट किया गया और फिर उनमें से 18 का फाइनल चयन हुआ। हिमाचल की ये सात खिलाड़ी अंतिम टीम में जगह बनाने में सफल रहीं। भारतीय टीम की कप्तान और पिवोट कनिष्का, गोलकीपर नेहा चौहान, लेफ्ट बैक शिवानी देवी, लेफ्ट विंग रिद्धिमा, राइट बैक मुस्कान, सेंटर बैक गारिमा, राइट विंग शिक्षा शामिल हैं। सभी खिलाड़ी मोरसिंघी हैंडबाल नर्सरी की हैं।
हैंडबाल कोच स्नेहलता ने बताया कि ये सभी खिलाड़ी मोरसिंघी हैंडबाल नर्सरी से प्रशिक्षित हैं। खिलाड़ियों ने हर तकनीकी और मानसिक तैयारी का शिविर में बखूबी प्रदर्शन किया। उन्हें उम्मीद है कि भारतीय टीम चैंपियन बनकर देश का परचम एशियन चैंपियनशिप में लहराएगी। टीम के साथ मुख्य कोच सचिन चौधरी, कोच मनीषा विनॉय, नवीन पुनिया और फिजियोथेरेपिस्ट मोनिका शर्मा भी रवाना होंगी।
चयनित खिलाड़ी:
इन सात बेटियों ने अपने दम पर राष्ट्रीय स्तर पर खुद को साबित किया और आज वे देश की शान बनकर अंतरराष्ट्रीय मंच पर खेलने जा रही हैं। ये खिलाड़ी राज्य के अलग-अलग हिस्सों से आती हैं, जिनमें ग्रामीण क्षेत्रों की बेटियां भी शामिल हैं, जिन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद अपनी मेहनत और जज्बे से यह मुकाम हासिल किया।
खेल जगत में बढ़ता हिमाचल का वर्चस्व
हिमाचल प्रदेश पिछले कुछ वर्षों में खेलों की दुनिया में लगातार आगे बढ़ रहा है। चाहे वह हॉकी हो, फुटबॉल, एथलेटिक्स या अब कोर्फबाल—राज्य के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी छाप छोड़ रहे हैं। यह सफलता राज्य में बढ़ते खेल इंफ्रास्ट्रक्चर, प्रशिक्षकों की मेहनत और खिलाड़ियों के अथक प्रयास का परिणाम है।
कोच और खेल संघ की सराहना
कोचिंग स्टाफ और हिमाचल कोर्फबाल संघ ने इन खिलाड़ियों को तैयार करने में अहम भूमिका निभाई है। उनकी मेहनत और मार्गदर्शन के बिना यह उपलब्धि संभव नहीं होती। कोचों ने बताया कि बेटियों ने प्रशिक्षण के दौरान अनुशासन और समर्पण की मिसाल पेश की, जिसकी बदौलत उनका चयन टीम इंडिया में हुआ।
