हिमाचल में हलाल मार्क वाली हरी इलायची की बिक्री पर सवाल, प्राधिकरण करेगा जांच

हिमाचल में हलाल मार्क वाली इलायची पर विवाद, प्राधिकरण करेगा जांच

हिमाचल प्रदेश में हलाल मार्क वाली हरी इलायची की बिक्री का मामला सामने आने के बाद विवाद खड़ा हो गया है। इस पर भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने स्पष्ट किया है कि इस प्रकार के उत्पादों पर प्रतिबंध है।

जानकारी के अनुसार, इससे पहले उत्तर प्रदेश में भी ऐसे उत्पाद बाजार में मिलने के बाद राज्य सरकार ने तुरंत कार्रवाई करते हुए इनके वितरण पर रोक लगा दी थी।

अब हिमाचल में भी इस मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है और संबंधित प्राधिकरण द्वारा जांच की बात कही जा रही है।

हिमाचल के बाजारों में हलाल मार्क वाली इलायची से बढ़ा असमंजस, एफएसएसएआई करेगा जांच

हिमाचल प्रदेश के बाजारों में हरी इलायची के पैकेट पर हलाल मार्क लगाकर बेचे जा रहे उत्पादों ने व्यापारियों और उपभोक्ताओं के बीच असमंजस की स्थिति पैदा कर दी है।

इस मामले को लेकर भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने संज्ञान लेते हुए जांच की बात कही है। प्राधिकरण ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस तरह के उत्पादों पर प्रतिबंध लागू है।

फिलहाल, संबंधित एजेंसियां पूरे मामले की जांच कर रही हैं और बाजार में बिक रहे ऐसे उत्पादों की निगरानी बढ़ा दी गई है।

हलाल मार्क वाली इलायची के पैकेट बाजार में पहुंचे, पहले यूपी में हो चुकी है कार्रवाई

जानकारी के अनुसार, भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) से पंजीकृत यह ब्रांड अब प्रदेश के बाजारों में पहुंच चुका है। इन उत्पादों के पैकेट पर उर्दू और अंग्रेजी में ‘हलाल’ का मार्क अंकित किया गया है।

बताया जा रहा है कि उत्तर प्रदेश में भी इस तरह के उत्पाद बाजार में आने के बाद राज्य सरकार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इनके वितरण पर रोक लगा दी थी।

हिमाचल में हलाल मार्क वाले उत्पादों से बढ़ी हलचल, एफएसएसएआई करेगा सैंपल जांच

हिमाचल प्रदेश में हलाल मार्क वाले ब्रांड की मौजूदगी ने कारोबारी वर्ग में हलचल मचा दी है। इस मामले को लेकर भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के अधिकारियों ने स्थिति स्पष्ट की है।

अधिकारियों के अनुसार, इस तरह के उत्पाद आमतौर पर अरब देशों में निर्यात (एक्सपोर्ट) के लिए तैयार किए जाते हैं और भारतीय बाजार में इन्हें प्रचलित नहीं किया जाता। उन्होंने बताया कि संदिग्ध उत्पादों के सैंपल लेकर जांच के लिए लैब भेजे जाएंगे।

एफएसएसएआई ने यह भी साफ किया है कि इस प्रकार के ब्रांड को भारतीय बाजार में बेचने की अनुमति नहीं है। ऐसे उत्पाद मुख्य रूप से अरब देशों में उपयोग किए जाते हैं और भारत में इनका प्रचलन नियमों के विरुद्ध माना जाता है।

हिमाचल में हलाल ब्रांड पर सख्ती के संकेत, एफएसएसएआई ने दी चेतावनी

“इस प्रकार का हलाल ब्रांड भारत के किसी भी राज्य में बिक्री के लिए प्रचलित नहीं है। उत्तर प्रदेश में पहले ऐसे उत्पाद पर प्रतिबंध लगाया जा चुका है। अब यदि हिमाचल के बाजारों में भी यही ब्रांड पहुंचा है, तो सैंपल लेकर उचित कार्रवाई की जाएगी।”

यह बात भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के सहायक आयुक्त जगदीश धीमान ने कही।

उन्होंने व्यापारियों और ग्राहकों से अपील की है कि वे सामान की खरीदारी करते समय सावधानी बरतें और पैकेजिंग पर विशेष ध्यान दें।

व्यापार मंडल विरोध में उतरा

हिमाचल प्रदेश व्यापार मंडल के प्रदेशाध्यक्ष सोमेश शर्मा ने कहा कि ऐसी कंपनियों का विरोध करना चाहिए और बहिष्कार भी करना चाहिए, जो हलाल आदि शब्दों का प्रयोग करती हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि इन कंपनियों के लाइसेंस रद्द किए जाएं और तत्काल प्रभाव से कार्रवाई की जाए।

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