शिमला पहुंचे कविंद्र गुप्ता, आज हिमाचल के 30वें राज्यपाल के रूप में लेंगे शपथ

नामित राज्यपाल कविंद्र गुप्ता पत्नी के साथ शिमला पहुंचे

Kavinder Gupta सोमवार शाम अपनी पत्नी Bindu Gupta के साथ Lok Bhavan Shimla पहुंचे। प्रदेश के नामित राज्यपाल के रूप में उनके शिमला पहुंचने पर अधिकारियों और गणमान्य लोगों ने उनका स्वागत किया।

बताया जा रहा है कि वह जल्द ही Himachal Pradesh के राज्यपाल पद की शपथ लेंगे।

कविंद्र गुप्ता आज लेंगे हिमाचल के 30वें राज्यपाल पद की शपथ

Kavinder Gupta सोमवार शाम अपनी पत्नी Bindu Gupta के साथ Lok Bhavan Shimla पहुंचे। वह Jammu से संबंध रखते हैं और हिमाचल प्रदेश के नामित राज्यपाल हैं।

मंगलवार यानी आज सुबह 11:45 बजे Himachal Pradesh के मुख्य न्यायाधीश उन्हें प्रदेश के 30वें राज्यपाल के रूप में शपथ दिलाएंगे। शपथ ग्रहण के साथ ही वह औपचारिक रूप से राज्यपाल का पद संभाल लेंगे।

सोमवार को शिमला पहुंचने पर मुख्यमंत्री Sukhvinder Singh Sukhu सहित कई कैबिनेट मंत्रियों ने उनका स्वागत किया।

मीडिया से बातचीत में कविंद्र गुप्ता ने कहा कि वह हिमाचल प्रदेश के विकास और जनकल्याण के लिए सभी वर्गों को साथ लेकर काम करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश की प्रगति के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं और वह इसी भावना के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे।

उन्होंने यह भी कहा कि सात महीने के भीतर उन्हें यह बड़ी जिम्मेदारी मिलना अपने आप में खास है। राज्यपाल का पद उनके लिए सम्मान के साथ-साथ बड़ी जिम्मेदारी और चुनौती भी है, जिसे वह पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ निभाने का प्रयास करेंगे। साथ ही उन्होंने Droupadi Murmu और Narendra Modi का यह जिम्मेदारी सौंपने के लिए आभार भी जताया।

जम्मू में जन्मे कविंद्र गुप्ता रह चुके हैं विस अध्यक्ष और उपमुख्यमंत्री

Kavinder Gupta, जिन्हें हाल ही में Himachal Pradesh का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है, सोमवार को Shimla पहुंचे। उनका जन्म 2 दिसंबर 1959 को Jammu में हुआ था। सार्वजनिक जीवन और प्रशासन में उन्हें चार दशकों से अधिक का अनुभव है और उन्हें एक कुशल जननेता व प्रशासक के रूप में जाना जाता है।

उनके पिता केंद्र सरकार के डाक विभाग में कार्यरत थे। वर्ष 1963 में उनका परिवार Sangrur स्थानांतरित हो गया, जहां उनकी प्रारंभिक शिक्षा हुई। इसके बाद उन्होंने Firozpur और Gurdaspur में अपनी पढ़ाई पूरी की। वर्ष 1979 में उन्होंने Government Degree College Gurdaspur से स्नातक की उपाधि प्राप्त की।

1970 के दशक की शुरुआत में वह Rashtriya Swayamsevak Sangh से जुड़े, जो उनके सामाजिक और सार्वजनिक जीवन की शुरुआत थी। The Emergency in India के दौरान उन्हें आरएसएस के वरिष्ठ नेताओं के साथ Gurdaspur Jail और Patiala Jail में कारावास भी झेलना पड़ा।

छात्र राजनीति से राज्यपाल तक: कविंद्र गुप्ता का लंबा राजनीतिक सफर

Kavinder Gupta का राजनीतिक और सार्वजनिक जीवन छात्र राजनीति से शुरू होकर राज्यपाल पद तक पहुंचा है। वर्ष 1978 से 1979 तक उन्होंने Akhil Bharatiya Vidyarthi Parishad की Punjab इकाई के सचिव के रूप में कार्य किया।

वर्ष 1988 में उन्हें Bharatiya Janata Yuva Morcha की Jammu and Kashmir इकाई का जिला अध्यक्ष नियुक्त किया गया। इसके बाद 1993 से 1998 तक उन्होंने युवा मोर्चा जम्मू-कश्मीर के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में संगठन का नेतृत्व किया।

कविंद्र गुप्ता का निर्वाचित राजनीति में प्रवेश नगर निकाय स्तर से हुआ। वे Jammu Municipal Corporation के पहले महापौर निर्वाचित हुए और लगातार तीन कार्यकाल तक इस पद पर रहे।

वर्ष 2014 में वह Gandhi Nagar Assembly Constituency से Bharatiya Janata Party के विधायक चुने गए। 18 मार्च 2015 को उन्हें Jammu and Kashmir Legislative Assembly का अध्यक्ष चुना गया और वह इस पद को संभालने वाले पहले भाजपा नेता बने।

30 अप्रैल 2018 को उन्हें Jammu and Kashmir का उपमुख्यमंत्री नियुक्त किया गया। इसके बाद 14 जुलाई 2025 को उन्हें Ladakh का उप-राज्यपाल बनाया गया।

वहीं 5 मार्च 2026 को Himachal Pradesh का राज्यपाल नियुक्त किया गया।

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