हिमाचल: श्रीखंड महादेव यात्रा पर निकले चंडीगढ़ के श्रद्धालु की लाैटते समय तबीयत बिगड़ने से रास्ते में माैत

श्रीखंड महादेव यात्रा से लौटते समय चंडीगढ़ के श्रद्धालु की मौत

श्रीखंड महादेव यात्रा से लौटते समय चंडीगढ़ के एक श्रद्धालु की रास्ते में मौत हो गई। मृतक की पहचान अभय (33) पुत्र कमल किशोर, निवासी सेक्टर-15 डी, चंडीगढ़ के रूप में हुई है।

श्रीखंड यात्रा से लौटते समय श्रद्धालु की तबीयत बिगड़ने से मौत, चंडीगढ़ निवासी की पहचान

श्रीखंड महादेव यात्रा से लौटते समय चंडीगढ़ के एक श्रद्धालु अभय (33) की रास्ते में मौत हो गई। अभय सेक्टर-15 डी, चंडीगढ़ के निवासी थे और अपने चचेरे भाई के साथ यात्रा पर निकले थे।

जानकारी के अनुसार, श्रीखंड दर्शन के बाद लौटते वक्त पार्वती बाग के पास अभय की तबीयत अचानक बिगड़ गई। मौके पर पहुंची रेस्क्यू टीम ने अभय को भीम डवारी तक पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार देने के बाद उनकी तबीयत में कुछ सुधार हुआ था। बावजूद इसके, बाद में उनकी मौत हो गई, जिससे यात्रा के दौरान शोक की लहर फैल गई।

श्रीखंड महादेव यात्रा में पहली मौत: चंडीगढ़ के श्रद्धालु ने सिंहगाड-जाओं के बीच तोड़ा दम

श्रीखंड यात्रा से लौटते वक्त बिगड़ी तबीयत, रेस्क्यू टीम ने किया प्रयास लेकिन नहीं बची जान

कुल्लू, हिमाचल प्रदेश: श्रीखंड महादेव यात्रा के दौरान इस वर्ष की पहली दुखद घटना सामने आई है, जिसमें चंडीगढ़ निवासी एक श्रद्धालु की मौत हो गई। मृतक की पहचान अभय (33) पुत्र कमल किशोर, निवासी सेक्टर-15 डी, चंडीगढ़ के रूप में हुई है।

जानकारी के अनुसार, अभय अपने चचेरे भाई के साथ पवित्र श्रीखंड यात्रा पर निकले थे। दोनों ने श्रीखंड महादेव के दर्शन किए और वापसी के दौरान पार्वती बाग के पास अभय की तबीयत अचानक बिगड़ गई। इसके बाद मौके पर तैनात रेस्क्यू टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उन्हें भीम डवारी तक पहुंचाया, जहां उन्हें प्राथमिक चिकित्सा दी गई। उस समय अभय की तबीयत में कुछ सुधार देखने को मिला।

रेस्क्यू टीम ने अस्पताल पहुंचाने का किया प्रयास, लेकिन रास्ते में गई जान

प्राथमिक उपचार के बाद अभय को बेस कैंप सिंहगाड, फिर जाओं होते हुए निरमंड सिविल अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन दुर्भाग्यवश, सिंहगाड और जाओं के बीच रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया। इस दुखद घटना की पुष्टि डीएसपी आनी चंद्रशेखर कायथ ने की है।

यह घटना न केवल अभय के परिवार बल्कि पूरे यात्रा प्रबंधन तंत्र के लिए भी एक झटका है। यात्रा को लेकर हर साल विशेष तैयारियाँ की जाती हैं, लेकिन प्राकृतिक चुनौतियाँ और स्वास्थ्य संबंधी जोखिम इस तीर्थ यात्रा को अत्यंत कठिन बना देते हैं।


हर साल जानलेवा साबित होती है यह कठिन यात्रा

गौरतलब है कि श्रीखंड महादेव यात्रा को भारत की सबसे कठिन धार्मिक यात्राओं में से एक माना जाता है। यात्रा की लंबाई लगभग 35 किलोमीटर है और इसमें तीव्र चढ़ाइयों, ऑक्सीजन की कमी, बर्फीली हवाओं और न्यून तापमान जैसी कई कठिनाइयाँ शामिल हैं।

हर साल हजारों श्रद्धालु इस यात्रा में भाग लेते हैं, लेकिन इनमें से कई श्रद्धालु स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं या मार्ग की कठिनाई के चलते प्रभावित हो जाते हैं। कोई मेडिकल फिटनेस जांच अनिवार्य नहीं होने के कारण भी जोखिम बढ़ जाता है।

इस वर्ष 10 जुलाई से यात्रा की औपचारिक शुरुआत हुई थी, और कुछ ही दिनों में यह पहली जानलेवा घटना दर्ज की गई है।


प्रशासन और श्रद्धालुओं के लिए चेतावनी

यह घटना प्रशासन के लिए एक बार फिर से यात्रा मार्ग की समीक्षा करने और आवश्यक व्यवस्थाओं को मजबूत करने की चेतावनी है। वहीं, श्रद्धालुओं के लिए भी यह संदेश है कि वे यात्रा शुरू करने से पहले स्वास्थ्य जांच अवश्य कराएं, और जरूरी दवाइयां एवं सुरक्षात्मक सामग्री साथ रखें।

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