प्रदेश के उपकेंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) में अब मरीजों को ऑन-कॉल या वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विशेषज्ञ डॉक्टरों से परामर्श की सुविधा मिलेगी। इस व्यवस्था के लागू होने से दूरदराज क्षेत्रों में रहने वाले मरीजों को भी विशेषज्ञों की सलाह आसानी से मिल सकेगी और उन्हें बड़े अस्पतालों तक जाने की जरूरत कम पड़ेगी।
हिमाचल प्रदेश के उपकेंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) में अब मरीजों को ऑन-कॉल या वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से विशेषज्ञ डॉक्टरों से परामर्श की सुविधा मिलेगी। इस व्यवस्था को स्वास्थ्य विभाग द्वारा लागू किया जा रहा है।
नई व्यवस्था के लागू होने से छोटी बीमारियों के उपचार के लिए मरीजों को बड़े अस्पतालों में रेफर करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। केवल आपात स्थिति में ही मरीजों को उच्च संस्थानों में रेफर किया जाएगा।
अब तक उपकेंद्रों, प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी के कारण छोटी बीमारियों के मामलों में भी मरीजों को रेफर करना पड़ता था। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग की इस पहल से मरीजों की परेशानी कम होने की उम्मीद है और उन्हें स्थानीय स्तर पर ही बेहतर चिकित्सा परामर्श मिल सकेगा।
इस व्यवस्था के तहत गंभीर मरीजों को घर के पास ही उपचार की सुविधा मिल सकेगी। उपकेंद्रों में तैनात सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी जरूरत पड़ने पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) या सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) के चिकित्सकों से परामर्श लेंगे। यह प्रक्रिया एक चेन की तरह काम करेगी।
इसी क्रम में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सकों से सलाह ले सकेंगे, जबकि सीएचसी के डॉक्टर जरूरत पड़ने पर मेडिकल कॉलेजों में तैनात विशेषज्ञ चिकित्सकों से ऑन-कॉल या वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से परामर्श लेकर मरीजों का उपचार कर सकेंगे। इससे दूरदराज क्षेत्रों के मरीजों को भी विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा आसानी से उपलब्ध हो सकेगी।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से मरीजों को घरद्वार पर ही बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसके तहत सभी अस्पतालों में विभिन्न जांच सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। अब विभाग ने ऑन-कॉल विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श लेने के लिए भी निर्देश जारी किए हैं।
निर्देशों में कहा गया है कि इन नियमों का पालन करते हुए मरीजों को जरूरत पड़ने पर वीडियो कॉल के माध्यम से विशेषज्ञों से परामर्श दिलाया जाए, ताकि उन्हें किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े और समय पर उपचार मिल सके।
संवाद
मरीजों को अस्पतालों में बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। उपकेंद्रों सहित प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों से मरीजों को ऑन-कॉल सुविधा मिलेगी। मरीज की जांच के बाद उपकेंद्रों में तैनात सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी विशेषज्ञों से ऑन-कॉल या वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से सलाह लेकर मरीजों का उपचार कर सकेंगे।
— डॉ. अजय पाठक, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, सोलन
