लोक निर्माण विभाग में 33 जूनियर इंजीनियर बने असिस्टेंट इंजीनियर
प्रदेश में पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव संपन्न होने के बाद लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) में प्रशासनिक गतिविधियों ने गति पकड़ ली है। विभाग ने 33 जूनियर इंजीनियरों (जेई) को पदोन्नत कर असिस्टेंट इंजीनियर (एई) के पद पर नियुक्त किया है।
पदोन्नति के इस निर्णय से विभाग में लंबे समय से लंबित पदोन्नति प्रक्रिया को राहत मिली है। उम्मीद जताई जा रही है कि इससे विभागीय कार्यों में तेजी आएगी और विभिन्न विकास परियोजनाओं के क्रियान्वयन को मजबूती मिलेगी। विभाग ने पदोन्नत अधिकारियों की तैनाती से संबंधित आवश्यक आदेश भी जारी कर दिए हैं।
आचार संहिता हटते ही सरकार की बड़ी कार्रवाई, 33 जूनियर इंजीनियर बने असिस्टेंट इंजीनियर
हिमाचल प्रदेश में पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव संपन्न होने और आचार संहिता हटने के बाद प्रशासनिक गतिविधियों में तेजी आ गई है। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) में 33 जूनियर इंजीनियरों (जेई) को पदोन्नत कर असिस्टेंट इंजीनियर (एई) बनाया गया है। सरकार ने चुनावी प्रतिबंध समाप्त होते ही इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।
इसके साथ ही विभिन्न सरकारी विभागों में करीब 300 पदों पर भर्ती प्रक्रिया भी जल्द शुरू होने की संभावना है। चुनाव प्रक्रिया के चलते पिछले कई सप्ताह से नई नियुक्तियों, तबादलों, टेंडरों और अन्य महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णयों पर रोक लगी हुई थी।
अब सरकार ने सभी विभागों को लंबित मामलों के निपटारे में तेजी लाने के संकेत दिए हैं, जिससे प्रशासनिक कार्यों और विकास परियोजनाओं को गति मिलने की उम्मीद है।
आचार संहिता हटते ही प्रशासनिक गतिविधियों में तेजी, 300 से अधिक पदों पर भर्ती और विकास कार्यों को मिलेगी रफ्तार
पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव संपन्न होने और आचार संहिता हटने के बाद प्रदेश में प्रशासनिक गतिविधियों ने रफ्तार पकड़ ली है। लोक निर्माण विभाग, जल शक्ति विभाग, शिक्षा, स्वास्थ्य समेत कई अन्य विभागों में रिक्त पड़े पदों को भरने की तैयारी शुरू कर दी गई है। विभिन्न विभागों में 300 से अधिक पदों पर भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू होने की संभावना है।
इसके अलावा लंबे समय से लंबित पदोन्नति मामलों का भी निपटारा किया जाएगा। हाल ही में लोक निर्माण विभाग में 33 जूनियर इंजीनियरों को पदोन्नत कर असिस्टेंट इंजीनियर बनाया गया है, जिससे अन्य विभागों के कर्मचारियों को भी पदोन्नति की उम्मीद जगी है।
वहीं, लोक निर्माण, ग्रामीण विकास और शहरी विकास विभाग की ओर से सड़कों, भवनों और अन्य आधारभूत ढांचा परियोजनाओं से जुड़े टेंडर भी जल्द जारी किए जाएंगे। कई जिलों में सड़क निर्माण और मरम्मत कार्यों के प्रस्ताव पहले ही तैयार किए जा चुके हैं, जिन्हें अब मंजूरी मिलने की संभावना है।
प्रदेश सरकार की नजर अब 6 जून को प्रस्तावित मंत्रिमंडल बैठक पर टिकी हुई है। इस बैठक में भर्ती, पदोन्नति, विकास परियोजनाओं और अन्य प्रशासनिक मामलों से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए जा सकते हैं। इससे प्रदेश में विकास कार्यों और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन को नई गति मिलने की उम्मीद है।
