हिमाचल सरकार का बड़ा फैसला: सभी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी होंगे OPS में शामिल, सुप्रीम कोर्ट केस का लाभ भी मिलेगा
राज्य सरकार ने चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए उन्हें ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) के तहत शामिल करने का निर्णय लिया है। साथ ही सुप्रीम कोर्ट के सुरेंद्र सिंह केस का लाभ भी सभी पात्र कर्मचारियों को देने का फैसला लिया गया है।
सरकार के इस कदम से प्रदेश के हजारों कर्मचारियों को भविष्य में पेंशन सुरक्षा मिलेगी और उनकी लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी हो गई है।
हिमाचल में बड़ी राहत: अब दैनिक वेतनभोगी चतुर्थ श्रेणी कर्मियों को भी मिलेगी पेंशन, OPS के तहत शामिल
हिमाचल प्रदेश में दैनिक वेतन आधार पर काम करने वाले हजारों चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को अब पेंशन का लाभ मिलेगा। राज्य सरकार ने बड़ा निर्णय लेते हुए इन सभी कर्मचारियों को ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) के तहत शामिल कर दिया है।
सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के सुरेंद्र सिंह केस का लाभ भी सभी पात्र चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को देने का फैसला लिया है।
इस संबंध में वित्त विभाग ने सभी प्रशासनिक सचिवों को आधिकारिक आदेश जारी कर दिए हैं। साथ ही वित्त विभाग की 14 फरवरी 2019 की अधिसूचना में संशोधन भी कर दिया गया है, जिससे पेंशन लाभ का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है।
इस निर्णय से प्रदेश के हजारों कर्मचारियों में खुशी की लहर दौड़ गई है।
हजारों दैनिक वेतनभोगियों की पेंशन का रास्ता साफ
इस निर्णय से हिमाचल प्रदेश के हजारों दैनिक वेतन आधार पर लंबे समय तक कार्य करने वाले कर्मचारियों को पेंशन का रास्ता साफ हो गया है। वर्षों से लंबित मांगों-असमानताओं को दूर करने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर हुई थी। विभाग की ओर से जारी कार्यालय आदेश के अनुसार अब चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को दैनिक वेतन पर सेवा का लाभ (1 वर्ष के बराबर 5 वर्ष) पेंशन के लिए दिया जाएगा, चाहे उनकी नियमितीकरण की तिथि कोई भी रही हो।
ऐसे लागू होगा फैसला
यह फैसला पुरानी पेंशन योजना की 1 अप्रैल 2023 से प्रभावी बहाली के बाद लिया है। संशोधित निर्देशों का लाभ केवल उन कर्मियों को मिलेगा जो अब सीसीएस पेंशन नियम 1972 यानी ओल्ड पेंशन स्कीम के तहत हैं। इसके तहत पांच वर्ष दैनिक वेतन सेवा को 1 वर्ष क्वालीफाइंग सर्विस माना जाएगा। अधिकतम 2 वर्ष की क्वालीफाइंग सर्विस का लाभ मिलेगा।
इन कर्मचारियों को मिलेगा लाभ
यह लाभ उन चतुर्थ श्रेणी कर्मियों को मिलेगा, जिनकी सेवाएं नियमितीकरण नीति के तहत नियमित की थीं। पेंशन तभी मिलेगी जब नियमित सेवा और दैनिक वेतन सेवा से प्राप्त लाभ के कुल 10 वर्ष बनेंगे। जिनको 15 मई 2003 या उसके बाद नियमित किया गया था और जो एनपीएस में थे, वे भी पेंशन के हकदार होंगे। इन्हें ओपीएस विकल्प चुनना होगा और सरकार के योगदान और लाभांश को सरकारी खजाने में जमा करवाना होगा।
जिन कर्मियों ने यह विकल्प नहीं चुना है, वे 60 दिन में विकल्प दर्ज कर सकते हैं। पेंशन की प्रभावी तिथि 15 मई 2003 से पहले नियमित हुए कर्मियों के लिए एक जनवरी 2018 रखी गई है। 15 मई 2003 या इसके बाद में नियमित हुए और पहले एनपीएस में शामिल कर्मचारी को पेंशन 1 अप्रैल 2023 से लागू होगी।
