डगवार में इस साल शुरू होगा दूध संयंत्र: सीएम सुक्खू
मंगलवार को प्रश्नकाल के दौरान मुख्यमंत्री Sukhvinder Singh Sukhu ने विधानसभा में बताया कि जिला Kangra के डगवार में बन रहा दूध संयंत्र इसी साल शुरू हो जाएगा।
उन्होंने कहा कि इस प्लांट के शुरू होने से प्रदेश में लोगों को उच्च गुणवत्ता वाले दूध और दुग्ध उत्पाद मिल सकेंगे। साथ ही, राज्य को दूध प्रसंस्करण के लिए अन्य राज्यों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
इस संयंत्र की क्षमता करीब 1.5 लाख लीटर प्रतिदिन होगी, जहां दूध के साथ घी और अन्य डेयरी उत्पाद भी तैयार किए जाएंगे।
सरकार का लक्ष्य डेयरी सेक्टर को मजबूत करना और किसानों व पशुपालकों की आय बढ़ाना है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
डगवार दूध संयंत्र इस साल होगा शुरू, किसानों को मिलेगा लाभ: सीएम सुक्खू
मुख्यमंत्री Sukhvinder Singh Sukhu ने कहा कि जिला Kangra के डगवार में बन रहा दूध संयंत्र इसी साल काम करना शुरू कर देगा। इसके शुरू होने से प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण दुग्ध उत्पाद उपलब्ध होंगे और राज्य को अपनी जरूरतों के लिए बाहरी राज्यों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
मंगलवार को प्रश्नकाल के दौरान विधायक Satpal Singh Satti, Anil Sharma, Chandrashekhar और Lokender Kumar के सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार हिमाचल की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
वहीं, कृषि मंत्री Chandra Kumar ने दूध उत्पादकों को भरोसा दिलाया कि फरवरी और मार्च का भुगतान अप्रैल महीने में कर दिया जाएगा।
डेयरी सेक्टर को मिलेगा बढ़ावा, डगवार संयंत्र की क्षमता 1.5 लाख लीटर
मुख्यमंत्री Sukhvinder Singh Sukhu ने बताया कि सरकार की गारंटी योजना के तहत एक परिवार से 10 किलोलीटर तक दूध खरीदने का प्रावधान किया गया है।
उन्होंने कहा कि Dagwar में बन रहा दूध संयंत्र करीब 1.5 लाख लीटर प्रतिदिन क्षमता का होगा, जहां दूध के साथ-साथ घी और अन्य डेयरी उत्पाद भी तैयार किए जाएंगे।
सरकार डेयरी क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए किसानों और पशुपालकों को सस्ती दरों पर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में भी काम कर रही है।
वहीं, Dattnagar में रोजाना लगभग 70 हजार लीटर दूध एकत्रित किया जा रहा है, जहां उपभोक्ताओं को 25 पैसे प्रति लीटर सस्ता दूध उपलब्ध कराया जा रहा है।
डेयरी क्षेत्र में आएगा बड़ा बदलाव, भुगतान को लेकर उठा मुद्दा
मुख्यमंत्री Sukhvinder Singh Sukhu ने कहा कि आने वाले समय में डेयरी क्षेत्र में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा, हालांकि इसमें थोड़ा समय लगेगा। उन्होंने जानकारी दी कि Pangi क्षेत्र में भी 20 हजार लीटर क्षमता विकसित की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि फिलहाल प्रदेश का दूध बाहर जा रहा है, लेकिन भविष्य में Himachal Pradesh के दूध की गुणवत्ता और बेहतर होगी, जिससे राज्य आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ेगा।
इससे पहले भाजपा विधायक Satpal Singh Satti ने दूध के भुगतान को लेकर सवाल उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि लोगों को समय पर भुगतान नहीं मिल रहा है और 20 किलो से अधिक दूध का भुगतान नहीं किया जा रहा, जबकि यह सरकार की गारंटी में शामिल था।
दूध भुगतान व प्लांट क्षमता पर सरकार का जवाब, नई योजनाओं का ऐलान
कृषि मंत्री Chandra Kumar ने बताया कि जनवरी 2026 तक दूध उत्पादकों का भुगतान कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि दूध निर्धारित मापदंडों के अनुसार ही खरीदा जा रहा है।
उन्होंने जानकारी दी कि पहले 583 पंजीकृत सोसायटी थीं, जिनकी संख्या अब बढ़कर 768 हो गई है। हालांकि, उन्होंने स्वीकार किया कि प्लांट अपनी पूरी क्षमता से काम नहीं कर पा रहा है। अब दूध का पाउडर बनाने के बजाय घी उत्पादन पर जोर दिया जाएगा।
मंत्री ने बताया कि विभाग का नया प्लांट जल्द स्थापित किया जाएगा, जिसका उद्घाटन सितंबर तक करने का लक्ष्य है। इसके अलावा Una और Bilaspur में भी नए प्लांट लगाए जाएंगे और कई नई सोसायटी पंजीकृत की गई हैं।
वहीं, विधायक Anil Sharma ने मांग की कि यह स्पष्ट किया जाए कि कितनी सोसायटी दूध खरीदने के लिए तैयार हैं और उनकी रजिस्ट्रेशन स्थिति क्या है। उन्होंने यह भी कहा कि कई स्थानों पर दूध को 5 घंटे तक रखना पड़ता है, जिससे वह खराब हो जाता है और इसका नुकसान सोसायटी को उठाना पड़ता है।
चिलिंग स्टेशन और दूध प्रबंधन पर उठे सवाल, डगवार प्लांट से जुड़ी उम्मीदें
विधायकों ने विधानसभा में डेयरी व्यवस्था को लेकर कई अहम मुद्दे उठाए। उन्होंने चिलिंग स्टेशन खोलने की जरूरत बताते हुए सवाल किया कि अतिरिक्त दूध का किस तरह उपयोग किया जा रहा है और क्या उसे मिल्क पाउडर में बदला जा रहा है, जबकि बाजार में इसकी कमी भी देखी जा रही है।
विधायक Chandrashekhar ने कहा कि यह योजना पिछले दो वर्षों में जमीन पर उतरी है और इसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि उनके क्षेत्र में 30 सोसायटी पंजीकृत की गई हैं, जिससे लोगों में अच्छा संदेश गया है। साथ ही, Dagwar प्लांट की क्षमता करीब 1.5 लाख लीटर बताई गई और Dharampur क्षेत्र से भी यहां दूध सप्लाई भेजने की मांग की गई।
वहीं, विधायक Lokender Kumar ने Dattnagar की स्थिति उठाते हुए बताया कि वहां लगभग एक लाख लीटर दूध एकत्रित हो रहा है, लेकिन वजन मापने की उचित व्यवस्था न होने के कारण करीब 600 लीटर दूध का नुकसान हो रहा है।
मिल्क फेडरेशन में नहीं जाना चाहते अफसर
मुख्यमंत्री ने कहा कि मिल्क फेडरेशन में अफसर जाना नहीं चाहते हैं। सोचते हैं कि यह छोटा उपक्रम है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी हिमाचल में काफी मात्रा में दूध बाहरी राज्यों में स्थित निजी कंपनियों के संयंत्रों में जा रहा है। यह कंपनियां दूध से फैट निकालकर हमें ही वापस बेच रही हैं। इस व्यवस्था को अब बंद किया जाएगा।
अनुपूरक सवाल लंबे होने का दोष कैमरों का
प्रश्नकाल के दौरान विधायकों की ओर से लंबे अनुपूरक सवाल पूछे जाने पर अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि सवाल सटीक पूछे जाने चाहिए। इसमें अधिक समय नहीं लेना चाहिए। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि इसके लिए सदन में लगे कैमरे दोषी हैं।
