Himachal: नाबालिग का अपहरण कर दुष्कर्म के आरोपी को 20 साल की सजा, 40 हजार जुर्माना, कोर्ट में पेश हुए 11 गवाह

हिमाचल: नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को 20 साल की सजा

हिमाचल प्रदेश के सोनल में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक) कनिका चावला की अदालत ने नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में आरोपी को दोषी ठहराया है।

अदालत ने आरोपी को 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है, साथ ही उस पर 40 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। यह फैसला नाबालिगों के खिलाफ गंभीर अपराधों पर सख्त कार्रवाई का संदेश देता है।

हिमाचल: नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को 20 साल की सजा, 40 हजार जुर्माना

हिमाचल प्रदेश के सोनल में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक) कनिका चावला की अदालत ने नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में आरोपी को दोषी करार दिया है।

दोषी की पहचान आसिफ अंसारी (पुत्र मुन्ना), निवासी ग्राम फुलत, डाकघर खतौली, थाना रतनपुरी, जिला मुजफ्फरनगर (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है, जो पीड़िता का पड़ोसी बताया गया है।

अदालत ने आरोपी को 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है और उस पर 40 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यह सजा तीन अलग-अलग धाराओं के तहत दी गई है और तीनों सजाएं एक साथ चलेंगी

साथ ही, यदि आरोपी जुर्माना अदा नहीं करता है, तो उसे दो साल का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा। यह फैसला गंभीर अपराधों के प्रति न्यायालय की सख्त नीति को दर्शाता है।

नाबालिग से दुष्कर्म मामला: 11 गवाहों के आधार पर दोष सिद्ध, अदालत ने सुनाई सजा

नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में अभियोजन पक्ष ने प्रभावी पैरवी करते हुए आरोपी के खिलाफ अपराध साबित किया। इस मामले की पैरवी लोक अभियोजक पृथ्वी सिंह नेगी ने की।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2021 में घटना के समय पीड़िता नाबालिग थी और सोलन में अपने परिवार के साथ किराये के मकान में रहती थी। आरोपी, जो पीड़िता के कमरे के पास ही रहता था, ने पहले उससे बातचीत शुरू की और धीरे-धीरे उसे अपने प्रभाव में ले लिया।

इसके बाद आरोपी ने शादी का झांसा देकर पीड़िता को चंडीगढ़ और फिर सहारनपुर ले गया, जहां उसने उसके साथ कई बार शारीरिक संबंध बनाए।

इस मामले में आरोपी के खिलाफ पॉक्सो अधिनियम की धारा 6 तथा आईपीसी की धारा 363, 366 और 376 के तहत मामला दर्ज किया गया। रिपोर्ट महिला पुलिस थाना सोलन में दर्ज की गई थी, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की।

अभियोजन पक्ष ने अदालत में कुल 11 गवाहों के बयान पेश किए, जिनके आधार पर अपराध सिद्ध हुआ। इसके बाद अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई।

किस धारा में कितनी सजा व जुर्माना

दोषी को पॉक्सो अधिनियम की धारा 6 के तहत 20 वर्ष का कठोर कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया है। इसी तरह आईपीएसी की धारा 363 के तहत पांच वर्ष का कठोर कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माना किया गया। वहीं धारा 366 के तहत भी पांच वर्ष का कठोर कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई। तीनों सजाएं एक साथ चलेंगी।


पिछला लेख
हिमाचल कैग रिपोर्ट: सरकार ने अलग-अलग सेस से इकट्ठा किए 209.58 करोड़, पर नियमानुसार नहीं बनाई निधि
अगला लेख
Himachal: 22 शहरी निकायों में परिसीमन और आरक्षण प्रक्रिया स्थगित, सभी डीसी को निर्देश जारी

इस विषय से संबंधित:

Toggle Dark Mode