Himachal: हिमाचल में आज से बिजली सस्ती; शराब होगी महंगी, हिम बस कार्ड अनिवार्य, टोल टैक्स में भी होगा बदलाव

हिमाचल में आज से कई बड़े बदलाव: बिजली सस्ती, शराब महंगी, महिलाओं के लिए बस कार्ड अनिवार्य

Himachal Pradesh में आज से कई अहम बदलाव लागू हो गए हैं, जिनका सीधा असर आम जनता पर पड़ेगा।

सबसे बड़ा बदलाव बिजली दरों में किया गया है, जिससे उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी और बिजली पहले के मुकाबले सस्ती होगी।

वहीं, दूसरी ओर शराब की कीमतों में बढ़ोतरी की गई है, जिससे अब लोगों को शराब महंगी मिलेगी।

इसके अलावा महिलाओं के लिए हिम बस कार्ड को अनिवार्य कर दिया गया है, जिससे सरकारी बसों में यात्रा करने के लिए यह कार्ड जरूरी होगा।

इन बदलावों का उद्देश्य आम जनता को राहत देना और सरकारी व्यवस्थाओं को अधिक सुव्यवस्थित बनाना है।

1 अप्रैल से हिमाचल में बिजली सस्ती, 28 लाख उपभोक्ताओं को राहत

Himachal Pradesh के करीब 28 लाख बिजली उपभोक्ताओं को 1 अप्रैल से सस्ती बिजली मिलेगी। राज्य विद्युत विनियामक आयोग द्वारा हाल ही में जारी नई दरें बुधवार से पूरे प्रदेश में लागू होंगी।

नई दरों का सबसे अधिक लाभ औद्योगिक उपभोक्ताओं को मिलेगा, जहां बड़े पैमाने पर बिजली का उपयोग किया जाता है।

आयोग के अनुसार, वित्त वर्ष 2026-27 के लिए बिजली की औसत आपूर्ति लागत 6.75 रुपये प्रति यूनिट निर्धारित की गई है, जबकि वित्त वर्ष 2025-26 में यह 6.76 रुपये प्रति यूनिट थी। इस तरह प्रति यूनिट 1 पैसे की कमी दर्ज की गई है।

वहीं, घरेलू उपभोक्ताओं को पहले की तरह 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली की सुविधा जारी रहेगी, जिससे आम जनता को राहत मिलती रहेगी।

हिमाचल में महंगी होगी शराब, जारी होंगे नए रेट

 प्रदेश में एक अप्रैल से शराब महंगी होगी। बुधवार को शराब कंपनियों की ओर से नए ठेका संचालकों को सप्लाई दी जाएगी। नई सप्लाई के साथ ही नए दाम भी घोषित होंगे। विभागीय अधिकारियों के अनुसार शराब के दाम 80 रुपये से 200 रुपये तक बढ़ सकते हैं। नए वित्त वर्ष के लिए सरकार ने पूर्व साल के मुकाबले 10 फीसदी अधिक रिजर्व प्राइज पर ठेकों की नीलामी की है। कुल्लू और लाहौल-स्पीति जिला के सभी ठेके तेलंगाना की एक कंपनी ने ले लिए हैं, अन्य जिलों में अभी आधे ही ठेके बिके हैं। अगर मंगलवार रात तक सभी शराब ठेके नीलाम नहीं हुए तो पुराने संचालकों को ही कुछ दिनों के लिए ठेके चलाने को दिए जाएंगे। प्रदेश में पहली बार खुदरा शराब ठेकों के लिए ई-नीलामी प्रक्रिया शुरू की गई है। 

महिलाओं को किराये में 50 फीसदी छूट के लिए आज से हिम बस कार्ड अनिवार्य

 एचआरटीसी की बसों में सफर करने वाली महिलाओं को आज से हिम बस कार्ड पर ही किराये में 50 फीसदी छूट मिलेगी। कार्ड उपलब्ध न होने पर पूरा किराया चुकाना होगा। निगम प्रबंधन ने हिम बस कार्ड बनाने के लिए 31 मार्च तक की समय सीमा तय की थी। निगम प्रबंधन ने मंगलवार को फील्ड स्टॉफ को इसे लेकर निर्देश जारी कर दिए हैं। उधर सरकारी स्कूलों में पहली से जमा दो तक पढ़ने वाले छात्रों के लिए हिम बस कार्ड बनाने की समय सीमा 31 मई तक बढ़ा दी गई है। पहले सरकारी स्कूलों के छात्रों के लिए भी समय सीमा 31 मार्च तय की गई थी। निगम प्रबंधन ने निर्देश जारी किए हैं कि जिन छात्रों के पास हिम बस कार्ड नहीं हैं, उन्हें भी पूर्व प्रचलित व्यवस्था के तहत घर से स्कूल और वापस आने-जाने के लिए निःशुल्क यात्रा सुविधा दी जाए।

वाहनों के प्रवेश शुल्क की नईं दरें आज से होंगी लागू

हिमाचल प्रदेश में 1 अप्रैल 2026 से बाहरी राज्यों के वाहनों पर नई दरें लागू होंगी। टोल बैरियरों पर 24 घंटे का प्रवेश शुल्क लिया जाता है। प्रदेश के तहत आने वाले 55 टोल बैरियरों के लिए कर एवं आबकारी विभाग ने प्रवेश शुल्क की दरें तय की हैं। बैरियर संचालकों को अपने बजट से ही सीसीटीवी कैमरे भी लगाने होंगे। फास्टैग सुविधा से सात बैरियरों को जोड़ा गया है।  बाहरी राज्यों से आने वाली पांच से 12 सीटर तक वाली निजी गाड़ियों को अब 100 रुपये प्रवेश शुल्क चुकाना होगा। हिमाचल नंबर की पांच सीटर टैक्सी को अब तक शुल्क नहीं चुकाना पड़ेगा। अब 12 सीटर तक टैक्सी को शुल्क से छूट देने का फैसला लिया गया है। टोल बैरियर के पांच किलोमीटर की परिधि में रहने वाले हिमाचल और पड़ोसी राज्यों के लोगों के निजी वाहनों के रियायती पास बनेंगे। पहले सिर्फ हिमाचल के लाेगों के पास बनते थे। पास कितनी राशि का बनेगा, इसको लेकर एक-दो दिन में दरें तय होंगी।

मंत्रियों, विधायकों व अधिकारियों का 20 से 30 फीसदी वेतन होगा स्थगित

मंत्रियों, विधायकों व अधिकारियों के वेतन को 20 से 30 फीसदी तक स्थगित करने का प्रावधान भी 1 अप्रैल से लागू होगा। मुख्यमंत्री ने खुद के वेतन का 50 फीसदी छह माह तक आगे टालने का निर्णय लिया है। उप मुख्यमंत्री व मंत्रियों का वेतन 30 फीसदी और विधायकों का 20 फीसदी छह महीने स्थगित करने की बजट घोषणा हुई है। इसके अलावा मुख्य सचिव, डीजीपी, हॉफ से लेकर ग्रुप ए और बी अधिकारियों के वेतन को भी 30 से लेकर 3 फीसदी तक छह माह आगे टालने का निर्णय हुआ है। 

देर रात तक चला बैंकों और दफ्तरों में कामकाज

 वित्तीय वर्ष 2025-26 की समाप्ति पर 31 मार्च को देर रात तक प्रदेश के बैंकों में कामकाज हुआ। अधिकांश बैंकों की बड़ी शाखाओं में सरकारी धनराशि के लेनदेन के लिए काउंटर खुले रहे। सामान्य दिनों की जगह 31 मार्च को बैंकों में क्लीयरिंग का काम भी कई बार चला। राजधानी शिमला में माल रोड स्थित कई बैंकों में रात आठ बजे तक काफी चहलपहल रही। उधर, भारतीय जीवन बीमा निगम सहित बीमा से जुड़े अन्य कार्यालयों में भी देर रात तक कामकाज हुआ। पहली अप्रैल को बैंकों में लेखाबंदी के कारण सामान्य कामकाज नहीं होगा।

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