Himachal: डॉक्टर को तीन दिन डिजिटल अरेस्ट रखकर 36 लाख ठगे, डर दिखा मानसिक दबाव में रखा, जानें पूरा मामला

 ठगों ने गंभीर आपराधिक मामले में फंसाने का डर दिखाकर करीब तीन दिन तक डॉक्टर को मानसिक दबाव में रखा और नाम हटाने के एवज में मोटी रकम वसूल ली। 

हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में साइबर ठगों ने एक डॉक्टर को डिजिटल अरेस्ट कर 36 लाख रुपये ठग लिए। ठगों ने गंभीर आपराधिक मामले में फंसाने का डर दिखाकर करीब तीन दिन तक डॉक्टर को मानसिक दबाव में रखा और नाम हटाने के एवज में मोटी रकम वसूल ली। डॉक्टर ने इस संबंध में साइबर क्राइम थाना धर्मशाला में शिकायत दर्ज करवाई है। जानकारी के अनुसार ठगों ने नवंबर 2025 में डॉक्टर से संपर्क कर उन्हें गंभीर अपराध में आरोपी बताया। डर और दबाव में आकर डॉक्टर ने दो ट्रांजेक्शन के जरिये 36 लाख रुपये ठगों के खातों में ट्रांसफर कर दिए। ठगी का अहसास होने पर पीड़ित ने जनवरी 2026 में पुलिस को शिकायत दी। प्राथमिकी दर्ज कर साइबर क्राइम पुलिस थाना धर्मशाला मामले की जांच कर रही है।

दो माह में चार मामलों में 2.21 करोड़ की ठगी
जनवरी और फरवरी में जिले में साइबर ठगी के चार मामले सामने आए हैं। इनमें तीन मामले फर्जी इन्वेस्टमेंट फ्रॉड से जुड़े हैं। इन मामलों में 2.21 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की गई है। एक व्यक्ति से 50.74 लाख , दूसरे से 40 लाख और तीसरे मामले में 94,80,924 रुपये की ठगी की गई। तीनों मामलों में ठगों ने सोशल मीडिया के जरिये संपर्क कर पीड़ितों को व्हाट्एप ग्रुप में जोड़ा। इसके बाद फर्जी निवेश एप पर दोगुने मुनाफे का लालच देकर रकम लगवाई गई। एप पर रकम बढ़ती दिखाई जाती रही, लेकिन जब पैसे निकालने की कोशिश की गई तो टैक्स के नाम पर और राशि जमा करवाने की मांग की गई। कई पीड़ितों ने रिश्तेदारों से उधार लेकर भी पैसा ट्रांसफर किया था।

जनवरी और फरवरी में साइबर क्राइम पुलिस थाना धर्मशाला में डिजिटल अरेस्ट और निवेश के नाम पर ठगी के चार मामलों की शिकायतें दर्ज हुई हैं। प्राथमिकी दर्ज कर मामलों की जांच की जा रही है। – रोहित मालपानी, पुलिस उप महानिरीक्षक, साइबर क्राइम

बिना ओटीपी और लिंक क्लिक किए व्यापारी के खाते से 1.35 लाख गायब
वहीं ऑनलाइन ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सुंदरनगर में सामने आया है, जहां साइबर अपराधियों ने एक छोटे कारोबारी के बैंक खाते से 1.35 लाख रुपये की रकम उड़ा ली। पीड़ित का दावा है कि उसने न तो किसी को ओटीपी साझा किया और न ही किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक किया, इसके बावजूद उसके खाते से पूरी राशि निकल गई। जानकारी के अनुसार भोजपुर बाजार में चाय की दुकान चलाने वाले हनुमंत पवार के बैंक खाते से रहस्यमयी तरीके से रकम गायब हो गई। घटना का पता तब चला जब उन्होंने खाते की जांच की और उसमें मात्र 18 रुपये शेष पाए। मेहनत की कमाई अचानक गायब होने से व्यापारी परेशान है और उसने पुलिस से कार्रवाई की गुहार लगाई है। शिकायत मिलने पर सुंदरनगर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। डीएसपी भारत भूषण ने बताया कि मामला साइबर अपराध से जुड़ा प्रतीत हो रहा है और सभी पहलुओं की बारीकी से पड़ताल की जा रही है।

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