व्यावसायिक सिलिंडर लेने के लिए नई शर्त लागू, अब देना होगा लिखित आवेदन
सरकार ने व्यावसायिक गैस सिलिंडर लेने के लिए नई शर्त लागू कर दी है। इसके तहत अब उपभोक्ताओं को जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक के पास एक कागज पर आवेदन लिखकर जमा करना होगा।
इस नई व्यवस्था का उद्देश्य व्यावसायिक सिलिंडरों के वितरण में पारदर्शिता और नियंत्रण सुनिश्चित करना बताया जा रहा है।
व्यावसायिक सिलिंडर लेने के नियम सख्त, अब आवेदन और मंजूरी के बाद ही मिलेगा गैस
अब शादी, जागरण, भंडारा, मेलों या अन्य सार्वजनिक आयोजनों के लिए व्यावसायिक गैस सिलिंडर लेने पर नई प्रक्रिया लागू कर दी गई है। उपभोक्ताओं को सिलिंडर प्राप्त करने के लिए पहले आवेदन करना होगा।
सरकार द्वारा लागू इस नई व्यवस्था के तहत जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक के पास लिखित आवेदन जमा करना अनिवार्य होगा। वहां से मंजूरी मिलने के बाद ही उपभोक्ता को सिलिंडर उपलब्ध कराया जाएगा।
व्यावसायिक सिलिंडरों के आवंटन के लिए उपायुक्त की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया गया है। यही कमेटी तय करेगी कि किसे कितने सिलिंडर दिए जाएंगे।
धार्मिक आयोजनों के लिए कुल सिलिंडरों में से 9 प्रतिशत आवंटित किए जाएंगे। कमेटी कार्यक्रम के आकार के अनुसार सिलिंडरों की संख्या तय करेगी और साथ ही यह भी जांच करेगी कि आवेदन वास्तविक है या किसी प्रकार की धोखाधड़ी तो नहीं की गई है।
प्रदेशभर में व्यावसायिक सिलिंडरों का संकट
मौजूदा समय में प्रदेशभर में व्यावसायिक सिलिंडरों का संकट है। बुकिंग के बावजूद भी सिलिंडर नहीं मिल पा रहे हैं। वहीं मनमर्जी से सिलिंडरों का आवंटन न हो इसके लिए सरकार व प्रशासन अलर्ट है। ऐसे में सरकार ने सभी जिला उपायुक्तों को आदेश दिए थे कि वह इस पर निगरानी रखें। वहीं जिला उपायुक्तों ने इसके लिए कमेटी का गठन कर आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी। वहीं अब व्यावसायिक सिलिंडर बिना इस कमेटी के मंजूरी के नहीं मिल रहे हैं। इसमें कमेटी ही यह तय करेगी कि किस कार्यक्रम के लिए कितने सिलिंडर दिए जाएंगे। इसमें शादी व अन्य धार्मिक कार्यक्रमों को प्राथमिकता दी जाएगी।
व्यावसायिक सिलिंडरों में बनाया है कोटा
व्यावसायिक सिलिंडरों के आवंटन के लिए सरकार ने कोटा तय किया है। इसमें सबसे अधिक कोट शिक्षण संस्थानों के लिए तय किया है। इसमें मिड डे मील के लिए 37 फीसदी, होटलों के लिए 36 फीसदी, जबकि सोशल गेदरिंग, फार्मा उद्योगों और सरकार संस्थानों में कंटीन के लिए 9-9 फीसदी कोटा तय किया है। कमेटी यह देखेगी कि तय कोटे से अधिक सिलिंडर न दिए जाएं। हालांकि होटल कारोबारियों के लिए बुकिंग पर ही सिलिंडर दिए जा रहे हैं।
शादी, भंडारा, मेला या अन्य सार्वजनिक कार्यक्रमों में सिलिंडर लेने के लिए उनके पास आवेदन करना होगा। इसके लिए एक कमेटी गठित की गई है। कमेटी ही यह तय करेगी कि सिलिंडर किसे दिया जाएगा और किसे नहीं। यह भी तय होगा कि किसे कितने सिलिंडर दिए जाने हैं। हालांकि सिलिंडरों की कमी नहीं है, मगर जमाखोरी और सिलिंडरों की बंदरबांट को लेकर यह निर्णय लिया गया है।-श्रवण हिमालयन, जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक, सोलन
व्यावसायिक एलपीजी के लिए रजिस्ट्रेशन अनिवार्य, 20 फीसदी अतिरिक्त आवंटन लागू
केंद्र सरकार और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने 23 मार्च 2026 से देशभर में व्यावसायिक एलपीजी वितरण को लेकर नया नियम लागू कर दिया है। इसके तहत 19 किलोग्राम सिलिंडर लेने के लिए सभी व्यावसायिक उपभोक्ताओं को तेल विपणन कंपनियों में पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। बिना पंजीकरण अतिरिक्त कोटा नहीं मिलेगा। केंद्र सरकार के निर्देशों पर प्रदेश में भी व्यवस्था लागू कर दी गई है। सरकार ने व्यावसायिक एलपीजी की बढ़ती मांग को देखते हुए राज्यों को 20 प्रतिशत अतिरिक्त आवंटन की अनुमति दी है। इससे होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा, औद्योगिक कैंटीन, फूड प्रोसेसिंग और डेयरी क्षेत्र को राहत मिलेगी। पंजीकरण के लिए उपभोक्ताओं को गैस एजेंसी या ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवश्यक दस्तावेज जमा करने के बाद ही सदस्यता जारी होगी। साथ ही अतिरिक्त एलपीजी लेने वालों को पीएनजी कनेक्शन के लिए भी आवेदन करना अनिवार्य किया गया है, ताकि आपूर्ति व्यवस्था पारदर्शी और सुचारु बनी रहे।
