“बुजुर्गों के लिए चंबा में मुफ्त कृत्रिम दांत सुविधा शुरू”

पीएचसी पुखरी में नई सुविधा शुरू, सैकड़ों मरीजों को होगा लाभ

पुखरी। पीएचसी पुखरी में हाल ही में एक नई स्वास्थ्य सुविधा शुरू की गई है, जिसका सीधा लाभ सैकड़ों मरीजों को मिलने की उम्मीद है। इस सुविधा के तहत ग्रामीण और आसपास के क्षेत्रों के लोग अब समय पर और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ प्राप्त कर सकेंगे।

स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य स्थानीय लोगों को आसान और सुलभ चिकित्सा सेवाएँ प्रदान करना है। नई सुविधा में डॉक्टर और सहायक स्टाफ पूरी तरह से तैनात हैं और मरीजों की आवश्यकताओं के अनुसार सेवाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं।

ग्रामीण निवासी इस सुविधा को लेकर बेहद उत्साहित हैं और उन्होंने कहा कि इससे उन्हें अब लंबे समय तक शहर जाकर इलाज कराने की जरूरत नहीं पड़ेगी। अधिकारियों ने यह भी बताया कि इस पहल के जरिए स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता दोनों में सुधार होगा।

बुजुर्गों को अब मुफ्त कृत्रिम दांत सुविधा, निजी खर्च की जरूरत नहीं

चंबा। अब तक कृत्रिम दांत लगाने की सुविधा केवल मेडिकल कॉलेज और चुवाड़ी अस्पताल में ही उपलब्ध थी। लेकिन अब बुजुर्ग लोग निजी अस्पतालों में जाकर हजारों रुपये खर्च किए बिना यह सुविधा आसानी से प्राप्त कर सकेंगे।

पीएचसी पुखरी में बुजुर्गों के लिए मुफ्त कृत्रिम दांत सुविधा शुरू

चंबा। अब बुजुर्ग लोगों को कृत्रिम दांत लगवाने के लिए मेडिकल कॉलेज में महीनों लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। वे आसानी से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) पुखरी में जाकर इस सुविधा का लाभ ले सकते हैं।

अभी तक यह सुविधा केवल चुवाड़ी नागरिक अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में ही उपलब्ध थी, जबकि अन्य सरकारी अस्पतालों में इसकी सुविधा नहीं थी। निजी दंत चिकित्सालयों में कृत्रिम दांत लगवाने के लिए हजारों रुपये खर्च करने पड़ते हैं, लेकिन पुखरी में बुजुर्ग लोगों को यह सुविधा बिलकुल मुफ्त मिलेगी। सामान्य मरीजों को इसके लिए 1,000 रुपये का शुल्क देना होगा।

पीएचसी पुखरी में बुजुर्गों के लिए मुफ्त कृत्रिम दांत सुविधा का शुभारंभ

चंबा। वीरवार को खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. नवदीप राठौर ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) पुखरी में बुजुर्गों के लिए कृत्रिम दांत (डेंचर) सुविधा का शुभारंभ किया। डॉ. राठौर ने बताया कि 60 वर्ष से अधिक आयु वाली महिलाएं, 65 वर्ष से अधिक आयु वाले पुरुष और बीपीएल परिवार से संबंधित लोग इस सुविधा का लाभ बिलकुल मुफ्त उठा सकेंगे। अन्य सामान्य मरीजों को इसके लिए 1,000 रुपये का शुल्क देना होगा।

इस सुविधा की मांग क्षेत्र के लोगों ने लंबे समय से की थी, क्योंकि उन्हें कृत्रिम दांत लगवाने के लिए विभिन्न स्थानों पर भटकना पड़ता था। डॉ. राठौर ने बताया कि कुछ माह पहले एक मजदूर उनके पास आया, जिसके मुंह में एक भी दांत नहीं था। जब उसे निजी अस्पताल में 12,000 रुपये खर्च करने का परामर्श दिया गया, तो वह असमर्थ था। इस घटना के बाद डॉ. राठौर ने पीएचसी में सरकार की सहायता से यह सुविधा शुरू करने का निर्णय लिया।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी से विचार-विमर्श के बाद पीएचसी में आवश्यक लैब और उपकरण उपलब्ध कराए गए। अब चुराह सहित आसपास के क्षेत्रों के मरीज भी इस लाभकारी सुविधा का आसानी से लाभ उठा सकते हैं।

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