हिमाचल प्रदेश में एक बार फिर से दिल दहला देने वाली वारदात ने पूरे इलाके को दहला दिया है। छेक पंचायत के उपप्रधान की रहस्यमय परिस्थितियों में हत्या कर दी गई। देर रात जब परिवार के सदस्य सो रहे थे, तभी उपप्रधान अचानक घर से बाहर निकले और फिर वापस नहीं लौटे। सुबह होने से पहले ही उनका शव घर से कुछ दूरी पर संदिग्ध हालात में मिला। यह खबर फैलते ही पूरे क्षेत्र में सनसनी मच गई और लोग स्तब्ध रह गए।
स्थानीय लोगों के अनुसार, मृतक उपप्रधान सामाजिक रूप से सक्रिय और मिलनसार व्यक्ति थे। वे पंचायत क्षेत्र में विकास कार्यों को लेकर हमेशा आगे रहते थे और लोगों के बीच उनकी छवि एक ईमानदार जनसेवक की थी। उनकी मौत की खबर सुनते ही ग्रामीणों की भीड़ उनके घर के बाहर जुट गई और पूरे गांव में मातम पसर गया।
जानकारी के मुताबिक, परिवार ने बताया कि उपप्रधान रात करीब 11 बजे किसी का फोन आने के बाद घर से बाहर निकले थे। जब काफी देर तक वापस नहीं लौटे तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। देर रात ग्रामीणों के साथ मिलकर की गई खोज के दौरान घर से कुछ ही दूरी पर झाड़ियों के बीच उनका शव मिला। शव पर चोटों के निशान पाए गए हैं, जिससे साफ है कि उनकी बेरहमी से हत्या की गई है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और फोरेंसिक टीम को भी बुलाया गया। पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाकर शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। फिलहाल हत्या के कारणों का पता नहीं चल पाया है, लेकिन प्रारंभिक जांच में निजी रंजिश या किसी पुराने विवाद की संभावना जताई जा रही है।
एसपी ने बताया कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। मृतक के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल्स खंगाली जा रही हैं और जिन लोगों से हाल ही में उनका विवाद हुआ था, उनसे पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
इस बीच, ग्रामीणों ने उपप्रधान की हत्या पर गहरा रोष व्यक्त किया है और प्रशासन से दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की है। गांव में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है और आसपास के इलाकों में पुलिस गश्त तेज कर दी गई है।
यह घटना न केवल स्थानीय प्रशासन के लिए चुनौती बन गई है, बल्कि प्रदेश में बढ़ते अपराधों पर भी सवाल खड़े कर रही है। लोगों का कहना है कि पहले शांत माने जाने वाले इलाकों में अब आपराधिक घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं, जिससे आम जनता में भय का माहौल बन गया है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे जांच में सहयोग करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना दें।
