हिमाचल प्रदेश में मौसम अब पूरी तरह बदल चुका है। राज्य में सर्दियों ने आधिकारिक तौर पर दस्तक दे दी है। पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी और निचले इलाकों में ठंडी हवाओं ने लोगों को गर्म कपड़े निकालने पर मजबूर कर दिया है। मौसम विभाग के मुताबिक, आने वाले दिनों में हिमाचल के तापमान में और गिरावट दर्ज की जाएगी और ठंड का असर लगातार बढ़ता जाएगा।
राज्य के ऊंचाई वाले जिलों — लाहौल-स्पीति, किन्नौर, कुल्लू और चंबा — की ऊंची चोटियों पर ताजा बर्फबारी दर्ज की गई है। यहां के कई इलाकों में बर्फ की परत जमने लगी है। वहीं शिमला, मनाली, डलहौजी, कुफरी और नारकंडा जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों में सुबह-शाम का तापमान तेजी से गिर रहा है। कई स्थानों पर न्यूनतम तापमान 0 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया है।
मौसम विभाग का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के असर से हिमाचल के ऊपरी हिस्सों में बर्फबारी हुई है। हालांकि फिलहाल अगले कुछ दिनों तक राज्य में मौसम शुष्क रहने की संभावना है, लेकिन तापमान में गिरावट का दौर जारी रहेगा। विभाग ने चेतावनी दी है कि ऊंचाई वाले इलाकों में रात का तापमान माइनस में जा सकता है, जिससे ठंड का असर और बढ़ेगा।
राजधानी शिमला में अधिकतम तापमान सामान्य से करीब 4 डिग्री नीचे दर्ज किया गया है। वहीं मनाली और किन्नौर में न्यूनतम तापमान 0 डिग्री से नीचे चला गया है। लोगों ने अब हीटर, अलाव और ऊनी कपड़ों का सहारा लेना शुरू कर दिया है। कई इलाकों में सुबह के समय कोहरे की चादर भी देखने को मिल रही है, जिससे यातायात प्रभावित हुआ है।
कृषि और बागवानी विभाग ने किसानों और बागवानों को आगाह किया है कि वे फसलों और पौधों को ठंड से बचाने के लिए आवश्यक कदम उठाएं। विशेष रूप से ऊपरी हिमाचल के सेब और सब्जी उत्पादक क्षेत्रों में तापमान गिरने से फसलों पर ठंड का असर पड़ सकता है। विभाग ने सलाह दी है कि किसान फसलों के आसपास पुआल या मल्चिंग शीट का उपयोग करें और सिंचाई का अंतराल बढ़ाकर नमी बनाए रखें।
दूसरी ओर, सर्दियों के मौसम ने पर्यटन कारोबारियों के चेहरे पर मुस्कान ला दी है। शिमला, मनाली, डलहौजी और सोलन जैसे स्थलों में होटल बुकिंग में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। बर्फबारी का लुत्फ उठाने के लिए देश के विभिन्न हिस्सों से पर्यटक हिमाचल की ओर रुख कर रहे हैं। होटल संचालकों के अनुसार, नवंबर के दूसरे हफ्ते से पर्यटकों की संख्या और बढ़ने की उम्मीद है।
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि नवंबर के मध्य से दिसंबर की शुरुआत तक हिमाचल में सर्दी अपने चरम पर होगी। इस दौरान ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बर्फबारी के आसार हैं, जबकि मध्य और निचले हिस्सों में न्यूनतम तापमान 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है।
आपदा प्रबंधन विभाग ने यात्रियों और स्थानीय लोगों को सलाह दी है कि वे यात्रा से पहले मौसम विभाग की ताज़ा जानकारी अवश्य लें। ऊंचाई वाले बर्फीले इलाकों में जाते समय गर्म कपड़ों, फिसलन-रोधी जूतों और जरूरी सामग्री के साथ ही वाहन के टायरों में चेन का उपयोग करें।
इस तरह हिमाचल प्रदेश में सर्दियों का मौसम अब पूरी तरह सक्रिय हो चुका है। ठंडी हवाओं, बर्फीली चोटियों और गिरते तापमान के साथ पहाड़ों ने सर्दी की शुरुआत का स्वागत कर लिया है — और आने वाले दिनों में यह ठंड और ज्यादा तीखी होने वाली है।
