चीन में ट्रेन हादसा: परीक्षण के दौरान ट्रेन की चपेट में आए कर्मचारी, 11 की मौत
चीन के युनान प्रांत में एक बड़ा रेल हादसा सामने आया है, जहाँ परीक्षण के दौरान एक ट्रेन ने रेलवे कर्मचारियों के समूह को टक्कर मार दी। इस दर्दनाक दुर्घटना में 11 कर्मचारियों की मौत हो गई, जबकि 2 लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हादसे में शामिल ट्रेन संख्या 55537 ट्रायल रन पर थी। ट्रेन भूकंप से जुड़े जोखिमों का आकलन करने के लिए रेलवे ट्रैक पर लगे सिस्मिक (भूकंपीय) उपकरणों की जांच कर रही थी। इसी दौरान एक मोड़ के पास ट्रैक पर मौजूद कर्मचारियों को उसने तेज़ी से टक्कर मार दी।
यह घटना कुनमिंग रेलवे स्टेशन के नजदीक हुई। हादसे के बाद राहत और बचाव दल मौके पर पहुंचा और घायलों को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। हादसे के कारणों की जांच जारी है।
चीन के दक्षिण-पश्चिमी प्रांत युनान में रेलवे के एक परीक्षण कार्य के दौरान बड़ा हादसा सामने आया है। रेलवे ट्रैक पर परीक्षण कर रही एक ट्रेन ने कर्मचारियों के समूह को टक्कर मार दी, जिससे 11 लोगों की मौत हो गई और 2 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा शुक्रवार देर रात कुनमिंग रेलवे स्टेशन के पास हुआ, जिसने पूरे चीन के रेलवे विभाग को गहरी चिंता में डाल दिया है।
ट्रेन संख्या 55537 कर रही थी ट्रायल रन
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दुर्घटना में शामिल ट्रेन संख्या 55537 विशेष तकनीकी उद्देश्यों के लिए ट्रायल पर चलाई जा रही थी। यह ट्रेन उन ट्रैकों से गुजर रही थी जहां रेलवे विभाग ने भूकंपीय गतिविधियों का पता लगाने वाले सिस्मिक सेंसर और मॉनिटरिंग डिवाइस लगाए हैं। इन उपकरणों की जांच और डेटा रिकॉर्डिंग का काम रेलवे कर्मियों की टीम कर रही थी, तभी अचानक यह हादसा हो गया।
रात के समय परीक्षण, मोड़ पर दृश्यता कम
घटना रात के समय की बताई जा रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार, जिस जगह कर्मचारी काम कर रहे थे, वह ट्रैक का घुमावदार हिस्सा था, जिसके कारण ट्रेन चालक को ट्रैक पर मौजूद कर्मचारियों को समय रहते नहीं दिख सका।
चूंकि ट्रेन परीक्षण मोड में थी, इसलिए चालक और तकनीकी टीम का ध्यान विभिन्न उपकरणों के डेटा पर केंद्रित था, जिससे दुर्घटना को रोकने का पर्याप्त समय नहीं मिल पाया।
कर्मचारी भूकंपीय उपकरणों का डेटा जांच रहे थे
बताया जा रहा है कि रेलवे कर्मचारी ट्रैक पर लगे सिस्मिक डिटेक्टरों का रियल-टाइम डेटा चेक कर रहे थे। ये उपकरण भूकंप की स्थिति में ट्रैक की स्थिरता, कंपन, और भूमि की हलचल का आकलन करते हैं। रेलवे विभाग इन नए तकनीकी सिस्टम को बड़े पैमाने पर लागू करने की तैयारी कर रहा था, जिसके चलते यह परीक्षण चल रहा था।
टक्कर इतनी तेज़ कि कई कर्मचारियों की मौके पर मौत
दुर्घटना इतनी भयानक थी कि कई कर्मचारियों की मौत मौके पर ही हो गई। राहत-बचाव टीम ने तुरंत घटनास्थल पर पहुंचकर घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया। दो कर्मचारियों की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिनका इलाज जारी है।
रेलवे अधिकारी स्थल पर पहुँचे, जांच कमेटी गठित
हादसे की जानकारी मिलते ही युनान प्रांत के रेलवे अधिकारी और प्रशासन के वरिष्ठ प्रतिनिधि मौके पर पहुंचे।
चीन रेलवे प्रशासन ने इस घटना के तुरंत बाद एक विशेष जांच समिति गठित कर दी है जो यह पता लगाएगी:
- परीक्षण के दौरान सुरक्षा मानक क्यों नहीं अपनाए गए
- ट्रैक पर कर्मचारियों की उपस्थिति की सूचना ट्रेन चालक को क्यों नहीं मिली
- क्या संचार प्रणाली में कोई तकनीकी त्रुटि थी
- परीक्षण के दौरान कर्मचारियों और ट्रेन संचालन टीम के बीच समन्वय में कमी कैसे हुई
सुरक्षा व्यवस्थाओं पर उठे बड़े सवाल
इस दुखद हादसे के बाद चीन में रेलवे सुरक्षा मानकों पर बड़ी बहस शुरू हो गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि परीक्षण के दौरान सामान्य ट्रेनों की तुलना में अतिरिक्त सावधानियों की जरूरत होती है, क्योंकि ऐसे समय पर ट्रैक पर तकनीकी कर्मचारी बड़ी संख्या में मौजूद रहते हैं।
रेलवे यूनियन ने भी यह सवाल उठाया है कि दुर्घटना के समय सुरक्षा गार्डों, अलर्ट सिस्टम और चेतावनी संकेतों की व्यवस्था ठीक से क्यों नहीं की गई थी।
पीड़ितों के परिवारों में मातम, मुआवजे की घोषणा की तैयारी
हादसे में मारे गए सभी कर्मचारी रेलवे के तकनीकी और सिस्मिक रिसर्च विभाग से जुड़े थे। उनके परिवारों को स्थानीय प्रशासन और रेलवे विभाग की ओर से आर्थिक सहायता और मुआवजे के प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा है।
पीड़ित परिवारों में मातम का माहौल है, और सरकार की ओर से उनके मनोवैज्ञानिक समर्थन की भी व्यवस्था की जा रही है।
चीन में रेलवे परीक्षण के दौरान यह पहला बड़ा हादसा नहीं
दुर्घटनाओं के इतिहास को देखें तो चीन में रेलवे परीक्षण के दौरान ऐसी घटनाएँ पहले भी हो चुकी हैं।
जानकारों का कहना है कि रेलवे परीक्षण में भले ही तकनीक उन्नत हो रही हो, लेकिन मानव सुरक्षा और संचार प्रणाली में सुधार न होने से ऐसी दुर्घटनाओं की संभावना बनी रहती है।
