हिमाचल प्रदेश में सुक्खू सरकार ने सरकारी गेस्ट हाउस की बुकिंग ऑनलाइन कर दी है. हालांकि, सरकार ने इन गेस्ट हाउस के किराये में भी इजाफा किया है. लेकिन इस वजह से सरकार की आमदनी बढ़ी है. ऐसे में आम जनता से लेकर सैलानी भी इन रेस्ट हाउस को बुक कर सकते हैं. इससे पहले ये रेस्ट हाउस ऑफलाइन बुक होते थे
जानकारी के अनुसार, लोक निर्माण विभाग के सभी विश्राम गृहों की बुकिंग अब ऑनलाइन हो रही है. कमरों की बुकिंग के साथ-साथ कमरा नम्बर भी तुरन्त लोगों को मोबाइल या ई-मेल पर उपलब्ध होता है. लोक निर्माण विभाग के सचिव अभिषेक जैन ने बताया कि जून, 2025 से 10 अक्टूबर तक विश्राम गृहों की ऑनलाइन बुकिंग के माध्यम से दो करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है, जबकि इसी दौरान प्रदेश प्राकृतिक आपदा का सामना कर रहा था.
उन्होंने कहा कि अब बुकिंग ‘‘पहले आओ, पहले पाओ’’ के आधार पर हो रही है और तुरंत इसकी पुष्टि की जाती है. इस वर्ष जून माह से अब तक प्रतिदिन 276 विश्राम गृहों और 1000 से अधिक कमरों की बुकिंग ऑनलाइन माध्यम से हुई है. बुकिंग के लिए 50 प्रतिशत अग्रिम राशि ली जाती है, जिसके तहत हिमाचली नागरिकों के लिए 250 रुपये तथा गैर-हिमाचली के लिए 500 रुपये अग्रिम भुगतान का प्रावधान है. गौरतलब है कि सर्किट हाउस और पीडब्ल्यूडी के रेस्ट हाउस में किराया 500 से 1200 रुपये के बीच रहता है. हालांकि, गैरहिमाचली के लिए दाम अलग रहते हैं.
इन रेस्ट हाउसों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि ये प्रायः पहाड़ों की ऊँचाइयों पर, झरनों या जंगलों के बीच, नदी किनारे या शांत घाटियों में बने होते हैं, जहाँ से दृश्य अत्यंत मनमोहक होते हैं। सुबह-सुबह खिड़की से झांकते ही बादलों का नजारा और पक्षियों की चहचहाहट यात्रा को और भी सुखद बना देती है। दूसरी ओर, निजी होटलों में जहां एक दिन का किराया हजारों रुपये तक पहुंच जाता है, वहीं इन रेस्ट हाउसों में मात्र कुछ सौ रुपये में शानदार कमरा मिल सकता है।
सरकार ने अब इन रेस्ट हाउसों की बुकिंग प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया है। कोई भी व्यक्ति पर्यटन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट या पोर्टल पर जाकर अपनी पसंद का स्थान, तारीख और कमरे का प्रकार चुनकर कुछ ही मिनटों में बुकिंग कर सकता है। बुकिंग कन्फर्म होते ही ईमेल या मैसेज के जरिए जानकारी मिल जाती है। यहां तक कि कई रेस्ट हाउसों में ऑनलाइन पेमेंट की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।
सुविधाओं की बात करें तो इन रेस्ट हाउसों में यात्रियों की आरामदायक ठहराव के लिए साफ-सुथरे कमरे, गर्म पानी, भोजन व्यवस्था, पार्किंग स्पेस, और कभी-कभी तो छोटे-छोटे गार्डन भी बनाए गए हैं। कई जगहों पर तो सरकारी रेस्ट हाउसों से ही हिमालय की ऊँचाइयों या बर्फ से ढकी चोटियों का सीधा नजारा दिखता है।
इस योजना का उद्देश्य पर्यटन को बढ़ावा देना और आम लोगों को कम खर्च में हिमाचल की सुंदरता का आनंद लेने का अवसर देना है। स्थानीय लोग भी इस पहल का स्वागत कर रहे हैं, क्योंकि इससे राज्य के पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की संख्या में वृद्धि हो रही है और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है।
अगर आप भी हिमाचल की किसी यात्रा की योजना बना रहे हैं — चाहे शिमला, कुल्लू, मनाली, डलहौजी या धर्मशाला — तो इस बार किसी महंगे होटल की जगह सरकारी रेस्ट हाउस में ठहरने का विकल्प जरूर चुनें। इससे न केवल आपका बजट बचेगा, बल्कि आपको हिमाचल की असली सादगी और सुंदरता का अनुभव भी मिलेगा — जो किसी भी लग्जरी होटल में नहीं मिल सकता।
