साहो (चंबा):
क्षेत्र में सेब के बागवानों ने बगीचों में कटिंग और प्रूनिंग का कार्य शुरू कर दिया है। साहो, कीड़ी, पद्धर, लग्गा, सराहण, भरमौर, होली और चुराह क्षेत्रों में अधिकांश बागवान समय रहते अपने बगीचों में पहुंच चुके हैं। बागवान पेड़ों की आवश्यक कटिंग-प्रूनिंग के साथ-साथ जरूरत के अनुसार स्प्रे भी कर रहे हैं, ताकि आगामी सीजन में सेब की बेहतर और गुणवत्तापूर्ण फसल प्राप्त की जा सके।
बागवानों के अनुसार सेब की अच्छी फसल के लिए निर्धारित चिलिंग ऑवर्स का पूरा होना बेहद जरूरी होता है, जो सामान्य तौर पर समय पर बारिश और बर्फबारी से ही संभव हो पाता है। लेकिन बीते कुछ वर्षों से जिले के कई इलाकों में न तो पर्याप्त बारिश हो रही है और न ही बर्फबारी देखने को मिल रही है। इसके चलते सेब के पेड़ों की कटिंग-प्रूनिंग और तय समय पर स्प्रे करने में भी दिक्कतें आ रही हैं, जिसका असर फसल की गुणवत्ता और उत्पादन पर पड़ सकता है।
उत्कृष्ट बागवान धारो राम और कविंद्र कुमार ने बताया कि पिछले वर्ष भी सेब की पुरानी किस्मों के पेड़ों में समय पर चिलिंग ऑवर्स पूरे नहीं हो पाए थे, जिसका सीधा असर फसल पर देखने को मिला। उनका कहना है कि यदि मौसम का यही हाल रहा तो आने वाले समय में सेब की पैदावार और अधिक प्रभावित हो सकती है।
वहीं जिला उद्यान विभाग के उपनिदेशक डॉ. प्रमोद शाह ने बताया कि फिलहाल बारिश और बर्फबारी न होने से सेब के पेड़ों पर कोई विशेष असर नहीं पड़ेगा। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि आगामी समय में भी बर्फबारी और बारिश नहीं होती है, तो इससे सेब की फसल को नुकसान पहुंचने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता। विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और बागवानों को आवश्यक सलाह दी जा रही है।
