चंबा में बसों में डिजिटल भुगतान की शुरुआत, अब क्यूआर कोड से होगा किराया भुगतान
चंबा। जिले में निजी बस परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ी डिजिटल पहल शुरू की गई है। अब यात्रियों को बस किराया देने के लिए नकद पैसे रखने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
नई व्यवस्था के तहत बसों में क्यूआर कोड आधारित डिजिटल पेमेंट सिस्टम लागू किया गया है। यात्री अपने मोबाइल फोन से क्यूआर कोड स्कैन कर यूपीआई और अन्य डिजिटल माध्यमों से तुरंत भुगतान कर सकेंगे।
निजी बसों में विशेष डिजिटल मशीनें भी लगाई गई हैं, जिनके माध्यम से पूरा भुगतान सिस्टम कैशलेस तरीके से संचालित होगा। कंडक्टर द्वारा उपलब्ध करवाए गए क्यूआर कोड को स्कैन करते ही भुगतान प्रक्रिया तुरंत पूरी हो जाएगी और यात्रियों को डिजिटल टिकट भी मिल जाएगा।
इस पहल से न केवल यात्रियों को सुविधा मिलेगी, बल्कि परिवहन व्यवस्था में पारदर्शिता और तेजी भी आएगी।
डिजिटल भुगतान से सफर आसान: खुले पैसे की झंझट खत्म, समय की बचत
चंबा। निजी बसों में लागू की गई नई डिजिटल भुगतान व्यवस्था से यात्रियों को कई तरह की सुविधाएं मिलनी शुरू हो गई हैं। अब खुले पैसे की समस्या से छुटकारा मिलेगा और टिकट लेने में लगने वाला समय भी काफी कम हो जाएगा।
इस व्यवस्था के लागू होने से बसों में चढ़ने और उतरने की प्रक्रिया अधिक तेज और सुचारु हो जाएगी, जिससे यात्रियों का सफर पहले से अधिक सुविधाजनक बनेगा। खासतौर पर ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा मिलेगा।
पहले एक किलोमीटर तक का किराया लेने में करीब बीस मिनट तक लग जाते थे, जिससे कई बार यात्रियों का स्टॉप भी निकल जाता था। लेकिन अब क्यूआर कोड आधारित भुगतान प्रणाली से समय की बचत होगी और भुगतान प्रक्रिया तुरंत पूरी हो सकेगी।
निजी बस ऑपरेटर यूनियन के प्रधान मनोज केशव ने बताया कि यह सुविधा सभी निजी बसों में अनिवार्य रूप से लागू कर दी गई है। इससे न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि किराया भुगतान प्रणाली भी अधिक सुरक्षित और आधुनिक बन जाएगी।
