चंबा।
स्थान: चंबा बस स्टैंड
दिन: वीरवार
समय: सुबह 10 बजे
बसों के इंतजार में बैठे यात्रियों को पूरे दिन परेशानी का सामना करना पड़ा। एचआरटीसी की बसें उपलब्ध न होने के कारण लोग घंटों तक बस स्टैंड पर बैठे रहे।
परेशानी का कारण:
चंबा डिपो से कुल 11 बसें मंडी में आयोजित प्रदेश सरकार के जन संकल्प सम्मेलन के लिए भेजी गई थीं। इसके चलते चंबा जिले के कई ग्रामीण रूट बाधित हो गए।
दिन भर यात्रियों को बसें नहीं मिलीं और कई लोगों को पैदल ही घरों को लौटना पड़ा। प्रभावित रूटों में दो पठानकोट रूट भी शामिल हैं।
चंबा।
सरकारी बसों की कमी के कारण गुरुवार को चंबा बस स्टैंड पर पूरे दिन यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। सुबह से बसों का इंतजार कर रहे यात्रियों ने बताया कि कोई बस समय पर नहीं पहुंची, जिससे यात्रा पूरी तरह प्रभावित रही।
यात्रियों के अनुसार, कई ग्रामीण रूट मर्ज कर दिए गए, जिसके कारण लोगों को मजबूरन निजी टैक्सियों का सहारा लेना पड़ा, जिनका किराया काफी अधिक था। वहीं निजी बसों में भी सामान्य से ज्यादा भीड़ देखने को मिली क्योंकि लोग सरकारी बसों की प्रतीक्षा में थे।
यह स्थिति पूरे जिले में एचआरटीसी के ग्रामीण रूट संचालन पर सवाल खड़े करती है। चंबा डिपो में कुल 120 बसें हैं, जिनमें से 11 बसें मंडी में आयोजित जन संकल्प सम्मेलन के लिए भेजी गईं। इससे चंबा जिले के कई रूट प्रभावित हुए।
प्रमुख असर:
- पांच रूटों को मर्ज किया गया।
- मंगलेरा, बैरागढ़ और सलूणी के एकमात्र रूटों पर आज कोई बस नहीं गई।
- जहां पहले दो बसें चलाई जाती थीं, वहां आज सिर्फ एक बस भेजी गई।
- बस स्टैंड पर पूरे दिन कोई सरकारी बस खड़ी नजर नहीं आई।
- यात्री इधर-उधर जानकारी के लिए भटकते रहे।
एचआरटीसी के डी.डी.एम. शुगल सिंह ने बताया कि जन संकल्प सम्मेलन के लिए बसें भेजी गई थीं, जिसके चलते कई रूटों को मर्ज करना पड़ा है।
बसों की कमी से परेशान यात्रियों ने गुरुवार को चंबा बस स्टैंड में अपनी समस्याएं साझा कीं। कई यात्रियों का कहना था कि पूरे दिन इंतजार करने के बावजूद कोई सरकारी बस नहीं मिली, जिससे उन्हें मजबूरन निजी टैक्सियों का सहारा लेना पड़ा।
यात्रियों के बयान:
दर्शना देवी, यात्री
“हरिद्वार जाने के लिए सुबह से इंतजार कर रही थी, लेकिन दो बजे तक भी बस नहीं आई। पूरा दिन इंतजार में निकल गया। आखिरकार टैक्सी लेनी पड़ी, जिसका किराया हम जैसे ग्रामीणों के लिए बहुत ज्यादा है।”
अनीता देवी, यात्री
“बच्चे का चेकअप करवाने चंबा आई थी। अब घर जाने के लिए बस नहीं मिल रही। सुनने में आया कि बसें मंडी में जन संकल्प सम्मेलन के लिए भेज दी गई हैं। बच्चे के साथ घर पहुंचना मुश्किल हो गया है।”
आत्मा देवी, यात्री
“बहू के साथ बाजार आई थी। बस स्टैंड पहुंचकर देखा तो एक भी सरकारी बस नहीं थी। टांग में दर्द है, ऐसे में घर कैसे पहुंचें? अब मजबूरी में निजी बस से ही जाना पड़ेगा।”
मीना देवी, यात्री
“अगर परिवहन निगम ने बसें सम्मेलन के लिए भेजी हैं तो यात्रियों के लिए अलग व्यवस्था भी करनी चाहिए थी। पूरा दिन कभी यहां, कभी वहां भटक रहे हैं। कोई स्पष्ट जानकारी भी नहीं मिल रही।”
