चंबा: हुट्टा से सलूणी कॉलेज तक बस सेवा शुरू करने की उठी मांग

12 पंचायतों के विद्यार्थियों को मिलेगा सीधा लाभ

इस पहल से क्षेत्र की 12 पंचायतों के विद्यार्थियों को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है। बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध होने से छात्रों को अपने शिक्षण संस्थानों तक पहुंचने में आसानी होगी और उनकी पढ़ाई पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

हुट्टा से सलूणी कॉलेज तक बस सेवा न होने से छात्रों पर बढ़ा आर्थिक बोझ, 12 पंचायतों ने उठाई मांग

सलूणी (चंबा)। हुट्टा से सलूणी कॉलेज तक सरकारी बस सेवा न होने के कारण 12 पंचायतों के विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को भारी आर्थिक बोझ उठाना पड़ रहा है।

करीब 25 से 30 किलोमीटर के सफर के लिए जहां पहले विद्यार्थियों को 30 से 50 रुपये खर्च करने पड़ते थे, वहीं अब उन्हें प्रतिदिन 100 से 130 रुपये तक चुकाने पड़ रहे हैं। इससे ग्रामीण परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव बढ़ गया है।

इस समस्या को देखते हुए क्षेत्र के ग्रामीणों ने एचआरटीसी चंबा के डीडीएम से हुट्टा से सलूणी कॉलेज तक बस सेवा शुरू करने की मांग की है, ताकि विद्यार्थियों को सस्ती और सुगम परिवहन सुविधा मिल सके।

बस सेवा की मांग को लेकर ग्रामीणों ने कई बार सौंपा ज्ञापन, फिर भी नहीं हुई सुनवाई

स्थानीय ग्रामीणों मदन कुमार, अमर सिंह, देसराज, ध्यान सिंह, चतर सिंह, ख्याति राम, चतरो राम और राकेश कुमार ने बताया कि निगम की बस सेवा शुरू करवाने को लेकर वे कई बार प्रस्ताव पारित कर चुके हैं। साथ ही एचआरटीसी चंबा के आरएम को ज्ञापन भी सौंपा जा चुका है, लेकिन इसके बावजूद अब तक उनकी मांग पूरी नहीं हो पाई है, जिससे लोगों में चिंता बनी हुई है।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि बस सेवा शुरू हो जाती है, तो ग्राम पंचायत सलूणी, खरोटी, पुखरी, खरल, लिग्गा, सियुला, द्रेकड़ी, सेरी, मांझली, सालवां, मोड़ा और भैंड़ के सैकड़ों विद्यार्थियों को बड़ी राहत मिलेगी और उनकी पढ़ाई में भी सहूलियत होगी।

बस सेवा न होने से छात्रों को रोजाना सफर में परेशानी, प्रस्ताव भेजने पर मिल सकती है राहत

ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्र की पंचायतों से रोजाना 25 से 30 किलोमीटर का सफर तय कर उनके बच्चे उच्च शिक्षा के लिए सलूणी कॉलेज पहुंचते हैं। लेकिन सरकारी बस सेवा न होने के कारण उनकी चिंताएं लगातार बढ़ रही हैं।

निजी बस, टैक्सी या लिफ्ट के सहारे रोजाना आवाजाही करना न केवल महंगा साबित हो रहा है, बल्कि विद्यार्थियों के लिए असुविधाजनक भी है।

वहीं, डीडीएम चंबा शुगल सिंह ने कहा कि ग्रामीण पंचायत से प्रस्ताव पारित कर उन्हें सौंपें, जिसे आगे निदेशालय भेजा जाएगा। वहां से स्वीकृति मिलने के बाद ही बस सेवा शुरू की जा सकती है।




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