हिमाचल प्रदेश की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है।
चुराह से भाजपा विधायक डॉ. हंसराज को उस समय बड़ा कानूनी झटका लगा, जब चंबा की अदालत ने उनके खिलाफ दर्ज POCSO मामले में गंभीर धाराओं के तहत आरोप तय कर दिए।
अदालत के इस आदेश के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि विधायक को अब इस मामले में पूरे ट्रायल का सामना करना पड़ेगा। अदालत में आगे की सुनवाई के दौरान मामले से जुड़े सभी तथ्यों और साक्ष्यों पर विस्तृत रूप से विचार किया जाएगा।
अगली सुनवाई इस तारीख को होगी
अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 30 मार्च को निर्धारित की है। वीरवार को हुई सुनवाई के दौरान चुराह से भाजपा विधायक डॉ. हंसराज स्वयं अदालत परिसर में उपस्थित रहे।
सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने उपलब्ध दस्तावेजों और साक्ष्यों का अध्ययन किया। इसके आधार पर अदालत ने विधायक के खिलाफ आरोप तय करते हुए मामले को विधिवत ट्रायल के लिए आगे बढ़ाने के आदेश दिए।
इन गंभीर धाराओं में तय हुए आरोप
अदालत ने इस मामले को कई गंभीर धाराओं के तहत चलाने के आदेश दिए हैं। इनमें भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 238, 351(2), 69, 75 और 78, भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 376(F) तथा POCSO Act की धारा 6 शामिल हैं।
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार ये सभी धाराएं बेहद गंभीर मानी जाती हैं। विशेष रूप से POCSO Act की धारा 6 के तहत अपराध सिद्ध होने पर लंबी अवधि की कैद, आजीवन कारावास और भारी जुर्माने का प्रावधान है।
अब अदालत में क्या होगा
अदालत द्वारा आरोप तय किए जाने के बाद अब इस मामले में विधिवत ट्रायल की प्रक्रिया शुरू होगी। आगामी सुनवाई के दौरान अभियोजन और बचाव पक्ष अपनी-अपनी दलीलें अदालत के सामने पेश करेंगे।
इसके साथ ही मामले से जुड़े गवाहों के बयान दर्ज किए जाएंगे और दस्तावेजी साक्ष्य समेत अन्य महत्वपूर्ण सबूत भी अदालत में प्रस्तुत किए जाएंगे। कानूनी जानकारों का मानना है कि ट्रायल के दौरान इस मामले के कई संवेदनशील और अहम पहलू सामने आ सकते हैं, जिससे पूरे प्रकरण की स्थिति और अधिक स्पष्ट हो सकती है।
पीड़िता की शिकायत के बाद दर्ज हुआ मामला
यह मामला पीड़िता की शिकायत के आधार पर पुलिस द्वारा दर्ज किया गया था। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने अदालत में चालान पेश किया। इसके बाद अदालत ने मामले से जुड़े उपलब्ध साक्ष्यों और दस्तावेजों का अवलोकन करते हुए विधायक के खिलाफ आरोप तय करने का फैसला सुनाया।
