धर्मशाला। जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अनुराधा ने कहा है कि यदि कैंसर की पहचान सही समय पर हो जाए तो इसका उपचार पूरी तरह संभव है। बुधवार को स्वास्थ्य विभाग द्वारा विश्व कैंसर दिवस के अवसर पर आयोजित जागरूकता गतिविधियों के दौरान उन्होंने बताया कि सजगता और नियमित जांच से इस बीमारी के खतरे को टाला जा सकता है।
इस अवसर पर जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश सूद सहित विभाग का स्टाफ उपस्थित रहा। डॉ. अनुराधा ने स्वस्थ जीवनशैली पर जोर देते हुए कहा कि फलों और सब्जियों से भरपूर पौष्टिक आहार, नियमित व्यायाम और तंबाकू व शराब से परहेज करने से कैंसर के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2026 के विश्व कैंसर दिवस की थीम यूनाइटेड बाय यूनिक है जो रोगी-केंद्रित देखभाल पर बल देती है।
स्वयं स्तन परीक्षण पर विशेष जागरूकता
कार्यक्रम के दौरान स्तन कैंसर की रोकथाम और स्क्रीनिंग पर विशेष जानकारी दी गई। डॉ. अनुराधा ने महिलाओं को स्वयं स्तन परीक्षण के चरणों का व्यावहारिक प्रदर्शन किया और बताया कि हर महिला को माहवारी के बाद प्रतिमाह अपनी जांच स्वयं करनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह धारणा गलत है कि स्तन कैंसर केवल वृद्ध महिलाओं को होता है। 30 से 40 वर्ष की आयु के बाद नियमित चिकित्सकीय जांच और 40 वर्ष के बाद मैमोग्राम कराना सुरक्षा के लिहाज से बेहद जरूरी है।
कैंसर के प्रमुख लक्षण और जोखिम
प्रमुख लक्षण : स्तन या बगल में नई गांठ, आकार या त्वचा में बदलाव, निप्पल से असामान्य स्राव या दर्द
जोखिम कारक : तंबाकू और शराब का सेवन, अस्वस्थ खानपान, शारीरिक निष्क्रियता और प्रदूषण
बचाव : बचाव: फलों-सब्जियों का अधिक सेवन, वजन पर नियंत्रण और नियमित हेल्थ चेकअप
