फ्री बिजली को लेकर बड़ा कदम: 77 लाख उपभोक्ताओं को बिजली के बिल मिलेगी राहत, 13 अक्टूबर से रजिस्ट्रेशन शुरू

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने आम जनता को बड़ी राहत देते हुए फ्री बिजली योजना पर एक अहम फैसला लिया है। इस फैसले के तहत अब राज्य के करीब 77 लाख घरेलू उपभोक्ताओं को बिजली के बिलों में बड़ी राहत मिलने जा रही है। सरकार की नई पहल का उद्देश्य आम जनता, किसानों और गरीब तबके पर से बिजली बिलों का बोझ घटाना है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब त्योहारों का मौसम शुरू हो चुका है और घरों में बिजली की खपत बढ़ जाती है।


13 अक्टूबर से इस योजना के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू की जाएगी। उपभोक्ताओं को ऑनलाइन पोर्टल और मोबाइल ऐप दोनों के माध्यम से आवेदन करने की सुविधा दी जाएगी ताकि उन्हें किसी भी दफ्तर के चक्कर न काटने पड़ें। सरकार ने कहा है कि रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी होगी। किसी भी व्यक्ति को केवल अपना उपभोक्ता नंबर, बिजली बिल की कॉपी और पहचान पत्र अपलोड करना होगा। इसके बाद आवेदन की स्थिति को ऑनलाइन देखा जा सकेगा।

इस योजना का लाभ मुख्य रूप से उन उपभोक्ताओं को मिलेगा जिनकी मासिक बिजली खपत सौ यूनिट से कम है। ऐसे उपभोक्ताओं को पूरी तरह से मुफ्त बिजली दी जाएगी। वहीं जिनकी खपत सौ यूनिट से अधिक होगी, उन्हें बिजली बिल में 50 प्रतिशत तक की छूट मिलेगी। सरकार का कहना है कि इस योजना से सबसे अधिक फायदा ग्रामीण और निम्न आय वर्ग के लोगों को होगा जो अक्सर बिजली बिल समय पर चुकाने में कठिनाई महसूस करते हैं।

ऊर्जा मंत्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा है कि कोई भी गरीब परिवार बिजली के भारी बिलों के बोझ से दबा न रहे। उन्होंने कहा कि सरकार आम नागरिकों की जेब का ध्यान रखते हुए इस योजना को लागू कर रही है। ऊर्जा मंत्री ने यह भी बताया कि रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होगी और किसी भी उपभोक्ता से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।

इस योजना से राज्य के लाखों घरों को सीधे आर्थिक राहत मिलने वाली है। बिजली बिल में कमी आने से गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को अपने खर्चों में संतुलन बनाने में मदद मिलेगी। खासकर किसानों को इसका लाभ होगा, जिनकी बिजली खपत अधिक रहती है लेकिन आय सीमित होती है। सरकार का दावा है कि इस कदम से न केवल उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी बल्कि राज्य की ऊर्जा खपत प्रणाली में भी सुधार होगा।

शहरों से लेकर गांवों तक इस योजना की चर्चा शुरू हो गई है। लोगों में उत्साह है कि अब उन्हें हर महीने भारी बिलों से राहत मिलेगी। कई उपभोक्ताओं ने कहा कि त्योहारों के समय यह योजना एक बड़ी सौगात है। वहीं कुछ लोगों ने यह भी कहा कि सरकार को अब बिजली कटौती की समस्या को भी उतनी ही प्राथमिकता से सुलझाना चाहिए जितनी तेजी से वह राहत योजनाएं ला रही है।

सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि जो उपभोक्ता नियमित रूप से अपने बिल जमा करते हैं, उन्हें भविष्य में अतिरिक्त प्रोत्साहन भी दिया जा सकता है। ऐसे लोगों को बोनस या डिस्काउंट की सुविधा मिलने की संभावना है। इस योजना के सफल कार्यान्वयन के लिए ऊर्जा विभाग ने जिला स्तर पर विशेष टीमों का गठन किया है जो आवेदन प्रक्रिया और शिकायत निवारण दोनों की निगरानी करेंगी।

योजना का उद्देश्य केवल बिजली को सस्ता बनाना नहीं बल्कि हर घर तक बिजली पहुंचाना भी है। राज्य सरकार ने इसे अपनी ‘ऊर्जा सबके लिए’ नीति का हिस्सा बताया है। आने वाले समय में इस योजना में सौर ऊर्जा को भी जोड़ा जाएगा ताकि ग्रामीण इलाकों को स्वच्छ और किफायती ऊर्जा मिल सके। सरकार चाहती है कि प्रदेश के हर नागरिक को यह महसूस हो कि बिजली अब विलासिता नहीं बल्कि अधिकार है।

ऊर्जा विभाग ने कहा है कि आवेदन के लिए उपभोक्ता आधिकारिक वेबसाइट uppclonline.com पर जाकर रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। इसके अलावा मोबाइल एप पर भी वही सुविधा दी जाएगी ताकि ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोग आसानी से जुड़ सकें। जिन लोगों को आवेदन भरने में परेशानी है, उनके लिए ब्लॉक और तहसील स्तर पर सहायता केंद्र भी खोले जाएंगे।

इस पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए आवेदनकर्ताओं को एक यूनिक रजिस्ट्रेशन नंबर दिया जाएगा। उपभोक्ता अपनी स्थिति ट्रैक कर सकेंगे और अगर कोई गलती होती है तो तुरंत शिकायत दर्ज कर पाएंगे। सरकार ने हेल्पलाइन नंबर 1912 भी जारी किया है, जहां उपभोक्ता 24 घंटे अपनी समस्या बता सकेंगे।

फ्री बिजली योजना को लेकर सरकार का दावा है कि यह प्रदेश के विकास की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगा। आने वाले समय में लाखों घरों में जब बिजली बिल का बोझ घटेगा, तो इसका सीधा असर राज्य की आर्थिक स्थिति पर भी पड़ेगा। लोगों की क्रय शक्ति बढ़ेगी, घरेलू बजट में राहत आएगी और ग्रामीण इलाकों में ऊर्जा खपत की दर में सुधार होगा।

यह फैसला इस बात का संकेत है कि सरकार अब जनता की मूलभूत जरूरतों को लेकर गंभीर है। बिजली जैसी बुनियादी सेवा को सुलभ बनाकर सरकार न केवल विकास का वादा निभा रही है बल्कि आम जनता का भरोसा भी जीत रही है।

पिछला लेख
शिमला में मेडिकल और कॉलेज छात्रों में भिड़ंत, छह घायल, जानें पूरा मामला
अगला लेख
हिमाचल में 18 अक्टूबर तक नहीं बरसेंगे बादल, माइनस में केलंग का पारा

इस विषय से संबंधित:

Toggle Dark Mode