पंजाब में सुबह-सुबह बड़ा धमाका, जान बचाने के लिए इधर-उधर भागे मजदूर

पंजाब में गुरुवार सुबह एक बड़ा हादसा उस समय हुआ जब अमृतसर के वेरका मिल्क प्लांट में अचानक जोरदार धमाका हो गया। इस धमाके की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के इलाकों में दहशत फैल गई। प्लांट में काम कर रहे मजदूर जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे और कुछ मजदूर धमाके की चपेट में आ गए। जानकारी के अनुसार, यह विस्फोट प्लांट के एयर हीटर सेक्शन में हुआ, जहां सुबह-सुबह मेंटेनेंस का काम चल रहा था। अचानक तेज धमाके के साथ धुआं उठने लगा और पूरे परिसर में अफरातफरी मच गई। मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने किसी तरह बाहर निकलकर अपनी जान बचाई, जबकि कई मजदूर घायल हो गए।


स्थानीय लोगों ने बताया कि धमाके की आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। हादसे के बाद फैक्ट्री से धुआं उठता देख आसपास के लोग भी घटनास्थल पर पहुंच गए। सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। घायलों को तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बताया जा रहा है कि हादसे में छह से अधिक मजदूर झुलस गए हैं, जिनमें से दो की हालत गंभीर बताई जा रही है। अस्पताल प्रशासन ने घायलों को बेहतर इलाज देने की व्यवस्था की है।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि धमाका संभवतः मशीन के एयर हीटर सेक्शन में तकनीकी खराबी के कारण हुआ। वहां परटेंशन मेंटेनेंस का कार्य चल रहा था और कुछ तकनीकी कर्मचारी उस समय वहीं मौजूद थे। जैसे ही मशीन चालू की गई, अचानक से अंदर दबाव बढ़ गया और जोरदार विस्फोट हो गया। धमाके की वजह से मशीन के पुर्जे कई मीटर दूर तक जा गिरे। पुलिस ने पूरे क्षेत्र को सील कर दिया है और फॉरेंसिक टीम को जांच के लिए बुलाया गया है ताकि धमाके के असली कारणों का पता लगाया जा सके।

इस हादसे के बाद मजदूरों में भारी आक्रोश और भय का माहौल है। कई कर्मचारियों का कहना है कि प्लांट में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए थे और कई बार पहले भी मशीनों में खराबी की शिकायत की गई थी, लेकिन प्रबंधन ने लापरवाही बरती। वहीं, प्लांट प्रबंधन का कहना है कि सभी सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था, लेकिन यह एक आकस्मिक तकनीकी घटना है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही सच्चाई स्पष्ट होगी।

धमाके के बाद घटनास्थल पर अफरातफरी का माहौल था। कई लोग घायल मजदूरों की मदद के लिए दौड़े और उन्हें एम्बुलेंस की सहायता से अस्पताल भेजा गया। पुलिस ने बताया कि हादसे में किसी की मौत की खबर नहीं है, लेकिन नुकसान का आंकलन किया जा रहा है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि प्लांट में विस्फोट के समय सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन हुआ या नहीं।

वेरका मिल्क प्लांट पंजाब का एक प्रमुख डेयरी उत्पाद केंद्र है, जहां रोज़ाना हजारों लीटर दूध की प्रोसेसिंग होती है। ऐसे में इस तरह की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन ने फैक्ट्री प्रबंधन से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है और जांच पूरी होने तक प्रभावित हिस्से को बंद कर दिया गया है।

फिलहाल पुलिस, प्रशासन और फॉरेंसिक टीम की संयुक्त जांच जारी है। उम्मीद की जा रही है कि जांच रिपोर्ट में यह स्पष्ट हो जाएगा कि यह हादसा मानवीय लापरवाही का नतीजा था या किसी बड़ी तकनीकी गड़बड़ी का परिणाम। स्थानीय प्रशासन ने कहा है कि दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं, घायल मजदूरों के परिवारों को सरकारी मदद और मुआवजे की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

पंजाब में हुए इस हादसे ने एक बार फिर औद्योगिक इकाइयों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मजदूर संगठनों ने भी इस घटना की कड़ी निंदा की है और कहा है कि फैक्ट्री में काम करने वाले श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रबंधन की पहली जिम्मेदारी होनी चाहिए। इस बीच, वेरका प्लांट के आसपास के क्षेत्रों में अभी भी दहशत का माहौल बना हुआ है और लोग हादसे की पूरी जानकारी का इंतजार कर रहे हैं।

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