Himachal News: हिमाचल में सेंचुरी प्रवेश शुल्क बढ़ा, भारतीयों के लिए 300; विदेशियों के लिए 600 रुपये फीस

हिमाचल में अभयारण्यों की सैर हुई महंगी, नए प्रवेश और फोटोग्राफी शुल्क लागू

हिमाचल प्रदेश सरकार ने वन्यजीव संरक्षण नियमों में संशोधन करते हुए राज्य के अभयारण्य (सेंचुरी) क्षेत्रों के लिए नए प्रवेश और फोटोग्राफी शुल्क लागू कर दिए हैं। संशोधित नियमों के तहत भारतीय नागरिकों को अभयारण्य में प्रवेश के लिए प्रतिदिन 300 रुपये शुल्क देना होगा, जबकि विदेशी नागरिकों के लिए यह शुल्क 600 रुपये प्रतिदिन निर्धारित किया गया है।

सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, नए शुल्क राजपत्र में प्रकाशन के साथ ही प्रभावी हो गए हैं। इसके अलावा फोटोग्राफी और अन्य गतिविधियों के लिए भी निर्धारित शुल्क लागू किए गए हैं।

सरकार का कहना है कि इन संशोधनों का उद्देश्य वन्यजीव संरक्षण को मजबूत करना, अभयारण्यों के बेहतर प्रबंधन के लिए संसाधन जुटाना और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखना है। नए नियम लागू होने के बाद प्रदेश के संरक्षित वन क्षेत्रों में प्रवेश करने वाले पर्यटकों और प्रकृति प्रेमियों को निर्धारित शुल्क का भुगतान करना होगा।

हिमाचल के अभयारण्यों में बढ़ा प्रवेश शुल्क, सरकार ने जारी की नई अधिसूचना

हिमाचल प्रदेश सरकार ने वन्यजीव संरक्षण नियमों में संशोधन करते हुए अभयारण्य (सेंचुरी) क्षेत्रों के लिए नए प्रवेश और फोटोग्राफी शुल्क लागू कर दिए हैं। इस संबंध में अतिरिक्त मुख्य सचिव (वन) केके पंत ने अधिसूचना जारी कर दी है।

नई अधिसूचना के अनुसार, भारतीय नागरिकों के लिए अभयारण्य में प्रवेश और फोटोग्राफी का शुल्क पहले तीन दिनों तक 300 रुपये प्रतिदिन निर्धारित किया गया है। इसके बाद प्रत्येक अतिरिक्त दिन के लिए 500 रुपये शुल्क देना होगा।

वहीं, विदेशी नागरिकों के लिए पहले तीन दिनों तक 600 रुपये प्रतिदिन शुल्क तय किया गया है, जबकि अतिरिक्त दिनों के लिए 1000 रुपये प्रतिदिन शुल्क लिया जाएगा।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि पर्यटन गतिविधियों के साथ-साथ अभयारण्य क्षेत्रों में वैध व्यावसायिक गतिविधियों के लिए आने वाले लोगों पर भी यही प्रवेश शुल्क लागू होगा। यह संशोधित व्यवस्था राजपत्र में प्रकाशन के साथ ही प्रभावी हो गई है।

हिमाचल के अभयारण्यों में लागू हुए नए शुल्क, बच्चों और छात्रों को मिलेगी रियायत

हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा अभयारण्य (सेंचुरी) क्षेत्रों के लिए लागू किए गए नए नियमों के तहत प्रवेश और फोटोग्राफी शुल्क की विस्तृत दरें भी तय कर दी गई हैं। जारी अधिसूचना के अनुसार, पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों से किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा, जबकि स्कूली छात्रों को निर्धारित शुल्क की आधी दर पर प्रवेश की सुविधा मिलेगी।

अभयारण्यों में प्रवेश करने वाले वाहनों के लिए भी अलग शुल्क निर्धारित किया गया है। हल्के वाहनों के लिए 1000 रुपये प्रतिदिन और भारी वाहनों के लिए 2000 रुपये प्रतिदिन का अतिरिक्त शुल्क देना होगा।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि मोबाइल कैमरे से फोटोग्राफी करने पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लगेगा, क्योंकि इसका उपयोग प्रवेश शुल्क में ही शामिल रहेगा। हालांकि, पेशेवर फोटोग्राफी उपकरणों के लिए अलग से शुल्क निर्धारित किया गया है।

नए नियमों के अनुसार, पेशेवर स्टिल कैमरे के उपयोग के लिए भारतीय नागरिकों को पहले तीन दिनों तक 625 रुपये शुल्क देना होगा, जबकि इसके बाद प्रत्येक अतिरिक्त दिन के लिए 125 रुपये का शुल्क निर्धारित किया गया है। इन संशोधनों का उद्देश्य वन्यजीव संरक्षण को मजबूत करना और अभयारण्यों के बेहतर प्रबंधन के लिए संसाधन जुटाना बताया गया है।

हिमाचल के अभयारण्यों में फोटोग्राफी और ड्रोन उपयोग के लिए नए शुल्क लागू

हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा जारी नई अधिसूचना के तहत अभयारण्य (सेंचुरी) क्षेत्रों में पेशेवर फोटोग्राफी और ड्रोन उपयोग के लिए भी शुल्क निर्धारित कर दिए गए हैं।

नियमों के अनुसार, पेशेवर स्टिल कैमरे के उपयोग के लिए विदेशी नागरिकों को भारतीयों की तुलना में दोगुना शुल्क देना होगा। विदेशी नागरिकों के लिए पहले तीन दिनों का शुल्क 1250 रुपये और प्रत्येक अतिरिक्त दिन के लिए 250 रुपये तय किया गया है।

वहीं, सिने कैमरे के उपयोग के लिए भारतीय नागरिकों से पहले तीन दिनों तक 12,500 रुपये शुल्क लिया जाएगा। इसके बाद प्रत्येक अतिरिक्त दिन के लिए 18,500 रुपये का भुगतान करना होगा।

अभयारण्य क्षेत्रों में ड्रोन कैमरे के उपयोग के लिए मुख्य वन्यजीव वार्डन से विशेष अनुमति लेना अनिवार्य होगा। निजी एजेंसियों और मीडिया संस्थानों के लिए ड्रोन संचालन का शुल्क पहले तीन दिनों के लिए 50,000 रुपये निर्धारित किया गया है, जबकि अतिरिक्त दिनों के लिए यह शुल्क 75,000 रुपये होगा।

सरकार का कहना है कि इन नियमों का उद्देश्य वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित करना, अभयारण्यों में गतिविधियों को नियंत्रित करना और संरक्षण कार्यों के लिए संसाधन उपलब्ध कराना है।

शोध के लिए हर रोज 100 रुपये

वन्य जीवों के अध्ययन या वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए भारतीय नागरिकों को 100 रुपये प्रतिदिन का शुल्क देना होगा। गैर-भारतीय नागरिकों के लिए यह शुल्क 500 रुपये प्रतिदिन है। वार्षिक लाइसेंस शुल्क भारतीय छात्रों के लिए 500 रुपये से लेकर फार्मास्युटिकल उद्योगों के लिए 75,000 रुपये तक है। हिमाचल प्रदेश वन विभाग से उपकरण किराए पर लेने के लिए 200 रुपये से 1250 रुपये प्रतिदिन तक का शुल्क लगेगा। राज्य सरकार को समय-समय पर इन दरों को संशोधित करने का अधिकार होगा।

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