Dharamshala: 18वीं तिब्बती संसद के लिए 27 देशों में हुआ मतदान, 91 हजार ने डाले वोट; चीन का प्रतिकार

तिब्बती समुदाय ने लोकतंत्र के महापर्व में बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा

निर्वासित तिब्बती सरकार के मुख्यालय धर्मशाला सहित दुनिया के 27 देशों में बसे तिब्बती समुदाय के करीब 91 हजार मतदाताओं ने लोकतंत्र के इस महापर्व में उत्साहपूर्वक भाग लिया।

सुबह 9 बजे मतदान प्रक्रिया शुरू होते ही विभिन्न मतदान केंद्रों के बाहर लंबी कतारें लग गईं। मतदाताओं में खासा उत्साह देखने को मिला और बड़ी संख्या में लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग कर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत किया।

18वीं तिब्बती निर्वासित संसद चुनाव का अंतिम चरण शांतिपूर्वक संपन्न

18वीं तिब्बती निर्वासित संसद के चुनाव का दूसरा एवं अंतिम चरण रविवार को वैश्विक स्तर पर शांतिपूर्वक संपन्न हो गया। निर्वासित सरकार के मुख्यालय धर्मशाला सहित दुनिया के 27 देशों में बसे तिब्बती समुदाय के करीब 91 हजार मतदाताओं ने लोकतंत्र के इस महापर्व में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

सुबह 9 बजे मतदान प्रक्रिया शुरू होते ही विभिन्न मतदान केंद्रों के बाहर लंबी कतारें लग गईं। मतदाताओं में भारी उत्साह देखने को मिला और बड़ी संख्या में लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग कर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूती प्रदान की।

तिब्बती चुनाव बना चीन की नीतियों के खिलाफ मजबूत संदेश

तिब्बती समुदाय ने स्पष्ट किया है कि यह चुनाव चीन की दमनकारी नीतियों के खिलाफ एक सशक्त संदेश है और उनका संघर्ष अभी थमा नहीं है।

केंद्रीय तिब्बती प्रशासन (सीटीए) के मुख्य चुनाव आयुक्त लोबसांग येशी ने बताया कि इस चुनाव के लिए दुनिया भर में करीब 91 हजार मतदाता पंजीकृत थे। बड़ी संख्या में मतदाताओं की भागीदारी ने तिब्बती लोकतांत्रिक व्यवस्था और अपने अधिकारों के प्रति समुदाय की प्रतिबद्धता को दर्शाया है।

तिब्बती चुनाव के जरिए लोकतांत्रिक संघर्ष को मिली मजबूती

18वीं तिब्बती निर्वासित संसद चुनाव को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए 27 देशों में 58 क्षेत्रीय चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति की गई थी।

चीन द्वारा इन चुनावों को अवैध बताए जाने पर मुख्य चुनाव आयुक्त ने स्पष्ट कहा कि चीन चाहे कुछ भी दावा करे, तिब्बती समुदाय अपनी निर्वासित सरकार को ही वैध मानता है। केंद्रीय तिब्बती प्रशासन (सीटीए) के माध्यम से उनका लोकतांत्रिक संघर्ष लगातार जारी है।

उन्होंने कहा कि यह मतदान न केवल चीन के दावों को खारिज करता है, बल्कि तिब्बती समुदाय की लोकतांत्रिक परंपराओं को भी और मजबूत बनाता है।

तिब्बती निर्वासित सरकार चुनाव में कई दिग्गजों की किस्मत दांव पर

निर्वासित तिब्बती सरकार के मुखिया (सिक्योंग) पद के लिए चार प्रमुख प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं, जबकि 45 संसदीय सीटों के लिए करीब 98 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।

इससे पहले एक फरवरी को चुनाव के पहले चरण का मतदान संपन्न हुआ था, जिसमें 309 मतदान केंद्रों पर मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। वहीं, दुर्गम क्षेत्रों और बस्तियों से बाहर रहने वाले मतदाताओं की सुविधा के लिए विभाग ने 31 विशेष मतदान केंद्र भी स्थापित किए थे, ताकि अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित हो सके।

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