हिमाचल प्रदेश: बाबा बालक नाथ मंदिर क्षेत्र में देर रात हादसा, दो बच्चे बाल-बाल बचे; महिला श्रद्धालु घायल

बाबा बालक नाथ मंदिर क्षेत्र में चट्टान गिरने से महिला घायल

10 अप्रैल की रात बाबा बालक नाथ मंदिर क्षेत्र में चट्टान गिरने की घटना सामने आई, जिसमें अमृतसर की एक महिला घायल हो गई। घायल महिला को तुरंत उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के बाद उसकी हालत अब स्थिर बताई जा रही है।

इस घटना के बाद मंदिर क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं ने प्रशासन से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।

बाबा बालक नाथ मंदिर क्षेत्र में चट्टान गिरने से महिला घायल

वीरवार रात करीब सवा दस बजे बाबा बालक नाथ मंदिर क्षेत्र में पहाड़ी से चट्टान दरकने की घटना सामने आई, जिसमें अमृतसर निवासी एक महिला घायल हो गई। यह हादसा बैरियर नंबर के समीप उस समय हुआ, जब 15 से 20 श्रद्धालुओं का एक जत्था मंदिर की ओर जा रहा था।

घटना के तुरंत बाद स्थानीय दुकानदारों और लोगों ने तत्परता दिखाते हुए महिला को प्राथमिक उपचार दिया और बाद में ट्रस्ट के अस्थायी अस्पताल पहुंचाया। उपचार के बाद महिला की हालत स्थिर बताई जा रही है।

इस घटना के बाद क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता जताई जा रही है।

बाबा बालक नाथ मंदिर क्षेत्र में चट्टान गिरने से महिला घायल, बच्चे सुरक्षित

बाबा बालक नाथ मंदिर क्षेत्र में हुए हादसे में घायल महिला की पहचान देवी (40), निवासी अमृतसर के रूप में हुई है। वह अपने दो बच्चों के साथ मंदिर में दर्शन करने पहुंची थी।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वीरवार रात करीब सवा दस बजे जैसे ही श्रद्धालु बैरियर नंबर के पास पहुंचे, तभी पास की पहाड़ी से एक बड़ी चट्टान अचानक नीचे आ गिरी। चट्टान सड़क पर गिरते ही उसके टुकड़ों की चपेट में आने से महिला घायल हो गई, जबकि उसके दोनों बच्चे बाल-बाल बच गए।

हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आसपास मौजूद स्थानीय दुकानदारों और अन्य श्रद्धालुओं ने तुरंत मदद करते हुए घायल महिला को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था की।

टैक्सी सेवा की फर्स्ट एड किट से मिला प्राथमिक उपचार, महिला की हालत स्थिर

प्रवीण कुमार और दीपक कल्पेश ने बताया कि मंदिर ट्रस्ट द्वारा संचालित टैक्सी सेवा में उपलब्ध फर्स्ट एड किट की सहायता से घायल महिला को तुरंत प्राथमिक उपचार दिया गया। इसके बाद उसे ट्रस्ट के अस्थायी अस्पताल में पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने आगे इलाज किया।

महिला को घुटने और बाजू में चोटें आई हैं, हालांकि उपचार के बाद उसकी हालत अब स्थिर बताई जा रही है।

घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल, पुख्ता इंतजाम की मांग

घटना के बाद मंदिर क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मंदिर मार्ग पर कई स्थान ऐसे हैं जहां ढलान वाली पहाड़ियों से पत्थर गिरने का खतरा बना रहता है।

बताया जा रहा है कि कुछ महीने पहले भी मंदिर क्षेत्र में भूस्खलन की घटना सामने आई थी, हालांकि उस दौरान श्रद्धालु मलबे की चपेट में आने से बाल-बाल बच गए थे।

स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं ने प्रशासन से मांग की है कि संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा जालियां लगाई जाएं, चेतावनी बोर्ड स्थापित किए जाएं और पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

घटना के बाद प्रशासन सतर्क, प्रभावित स्थान पर होगी फेंसिंग

मंदिर अधिकारी सुभाष मल्होत्रा ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही कर्मचारियों को तुरंत मौके पर भेज दिया गया। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रभावित स्थान पर जल्द ही फेंसिंग की जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

फिलहाल श्रद्धालुओं को वैकल्पिक और सुरक्षित मार्ग से गुजरने के निर्देश दिए गए हैं। मौके पर मौजूद कर्मचारियों और सुरक्षा कर्मियों को भी आवश्यक बचाव उपाय अपनाने के निर्देश दिए गए हैं।

उन्होंने यह भी बताया कि सूचना मिलते ही एंबुलेंस को तुरंत मौके पर भेज दिया गया था, ताकि घायल को समय पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

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