Himachal: लंबित एरियर, मेडिकल बिलों के भुगतान में नहीं होगी देरी, वित्त विभाग ने जल्द अदायगी के दिए निर्देश

गंभीर बीमार कर्मचारियों और पेंशनरों को राहत, एरियर व मेडिकल बिलों का भुगतान समय पर होगा

गंभीर बीमारियों से जूझ रहे कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए राहत भरी खबर है। अब उनके लंबित एरियर और मेडिकल बिलों के भुगतान में देरी नहीं होगी।

सरकार/विभाग ने स्पष्ट किया है कि ऐसे मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाएगा, ताकि जरूरतमंदों को समय पर आर्थिक सहायता मिल सके और इलाज में किसी प्रकार की बाधा न आए।

हिमाचल में कर्मचारियों-पेंशनरों को राहत, एरियर और मेडिकल बिलों के भुगतान में नहीं होगी देरी

हिमाचल प्रदेश के विभिन्न विभागों, निगमों, बोर्डों और विश्वविद्यालयों के कर्मचारियों व पेंशनरों के लिए राहत भरी खबर है। गंभीर बीमारियों से जूझ रहे कर्मचारियों और पेंशनरों को अब लंबित एरियर और मेडिकल बिलों के भुगतान में देरी नहीं होगी।

इस संबंध में सरकार ने विस्तृत कार्यालय आदेश जारी कर प्रक्रिया को सरल और समयबद्ध बनाने के निर्देश दिए हैं, ताकि जरूरतमंदों को समय पर आर्थिक सहायता मिल सके।

गौरतलब है कि पिछले कुछ समय से कई कर्मचारी और पेंशनर संशोधित वेतनमान, ग्रेच्युटी, लीव एनकैशमेंट और कम्यूटेशन के एरियर जारी करने को लेकर हाईकोर्ट में याचिकाएं दायर कर रहे थे। इन सभी मामलों को ‘मधु देश्टा बनाम राज्य’ सहित अन्य याचिकाओं के साथ क्लब किया गया था।

गंभीर बीमार कर्मचारियों के मामलों में प्राथमिकता से भुगतान के निर्देश

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं के वकील ने अदालत को बताया कि कई याचिकाकर्ता कैंसर और हृदय रोग जैसी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं। आर्थिक तंगी के कारण उनके लिए इलाज जारी रखना कठिन हो रहा है।

इस पर राज्य सरकार ने अदालत को जानकारी दी कि ऐसे मामलों में एरियर और अन्य देयकों के भुगतान के लिए वित्त विभाग द्वारा विशेष अनुमति प्रदान कर दी गई है।

अदालत ने राज्य सरकार, बोर्डों, निगमों और विश्वविद्यालयों को निर्देश दिए हैं कि गंभीर बीमारियों से पीड़ित कर्मचारियों और पेंशनरों के मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए और उनके लंबित भुगतान शीघ्र जारी किए जाएं, ताकि उन्हें समय पर इलाज में सहायता मिल सके।

गंभीर बीमार मामलों में त्वरित कार्रवाई, एरियर भुगतान की प्रक्रिया तय

सरकार ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में आने वाले ऐसे सभी मामलों में भी यही प्रक्रिया अपनाई जाएगी। इसके तहत गंभीर बीमारियों से जुड़े मामलों को प्राथमिकता देते हुए शीघ्र निपटान सुनिश्चित किया जाएगा।

इसी कड़ी में बिजली बोर्ड प्रबंधन ने पत्र जारी कर कहा है कि जिन मामलों में अदालत के स्पष्ट आदेश हैं, उनमें एरियर का भुगतान तुरंत किया जाएगा। वहीं, यदि कोई कर्मचारी या पेंशनर गंभीर बीमारी का हवाला देते हुए आवेदन करता है, तो संबंधित अधिकारी सीएमओ द्वारा जारी मेडिकल प्रमाणपत्र के आधार पर मामले को तुरंत प्रोसेस करेंगे।

एरियर की गणना बिजली बोर्ड (संशोधित वेतन) विनियम 2022 के अनुसार की जाएगी, ताकि भुगतान प्रक्रिया पारदर्शी और निर्धारित नियमों के अनुरूप हो।

मेडिकल बिलों का भी होगा त्वरित निपटान, तीन दिन में कमी बताना अनिवार्य

गंभीर बीमारियों से जुड़े मामलों में मेडिकल रीइंबर्समेंट बिलों का निपटान भी अब प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। यदि दस्तावेजों में कोई कमी पाई जाती है, तो संबंधित आवेदक को तीन दिन के भीतर इसकी सूचना देना अनिवार्य होगा। दस्तावेज दोबारा जमा होने पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।

बोर्ड प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि इस व्यवस्था का उद्देश्य बीमार कर्मचारियों और पेंशनरों को समय पर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है, ताकि उनके इलाज में किसी प्रकार की बाधा न आए।

इसके लिए वित्त एवं लेखा विंग को भी निर्देश दिए गए हैं कि सभी भुगतान शीघ्र जारी किए जाएं और प्रक्रिया में अनावश्यक देरी न हो।

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