पांगी घाटी में बदहाल स्वास्थ्य सेवाएं: डॉक्टरों और सुविधाओं की भारी कमी
चंबा। जनजातीय क्षेत्र पांगी में खराब स्वास्थ्य सेवाओं को सुधारने के लिए विधायक डॉ. जनकराज की अगुवाई में एक प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को शिमला में स्वास्थ्य मंत्री से मुलाकात की।
इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने पांगी घाटी के स्वास्थ्य संस्थानों में डॉक्टरों और अन्य स्टाफ के खाली पदों की गंभीर समस्या को उठाया। विधायक ने बताया कि किलाड़ में नाम मात्र का नागरिक अस्पताल है, जहां न तो खंड चिकित्सा अधिकारी तैनात है और न ही सर्जन के अलावा अन्य किसी बीमारी के विशेषज्ञ डॉक्टर उपलब्ध हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि इलाज के लिए मरीजों को मजबूरन कुल्लू या चंबा जाना पड़ता है, जिससे उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। वहीं, अन्य पंचायतों के स्वास्थ्य केंद्रों की स्थिति और भी खराब है, जहां मरीजों के लिए जांच (टेस्ट) की सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं हैं।
खंड चिकित्सा अधिकारी तक नहीं, अस्पतालों की हालत खराब
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि पांगी घाटी के स्वास्थ्य संस्थानों में डॉक्टरों और अन्य मेडिकल स्टाफ के कई पद लंबे समय से खाली पड़े हैं। किलाड़ स्थित नागरिक अस्पताल में खंड चिकित्सा अधिकारी तक की नियुक्ति नहीं है और सर्जन को छोड़कर अन्य विशेषज्ञ डॉक्टरों की भारी कमी है।
स्वास्थ्य केंद्रों में सुविधाओं की कमी, मरीजों की बढ़ी परेशानी
इसके चलते मरीजों को छोटी-बड़ी बीमारियों के इलाज के लिए भी कुल्लू या चंबा जैसे दूरस्थ क्षेत्रों का रुख करना पड़ता है, जिससे समय और पैसे दोनों की परेशानी बढ़ जाती है। वहीं, अन्य पंचायतों में स्थित स्वास्थ्य केंद्रों की हालत और भी खराब है, जहां न तो पर्याप्त सुविधाएं हैं और न ही जरूरी जांच (टेस्ट) की व्यवस्था।
दूर-दराज इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं का संकट, मरीजों की बढ़ी मुश्किलें
Chamba के पांगी और आसपास के क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी लोगों के लिए बड़ी समस्या बनती जा रही है। स्थानीय स्तर पर उचित इलाज न मिलने के कारण मरीजों को छोटी-बड़ी बीमारियों के लिए भी कुल्लू या चंबा जैसे दूरस्थ क्षेत्रों में जाना पड़ रहा है।
इससे न केवल उनका समय बर्बाद होता है, बल्कि आर्थिक रूप से भी उन्हें काफी नुकसान उठाना पड़ता है। खासकर गंभीर मरीजों के लिए यह स्थिति और भी चिंताजनक बन जाती है।
ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों की हालत बदहाल, मरीजों को नहीं मिल रहीं सुविधाएं
वहीं, अन्य पंचायतों में स्थित स्वास्थ्य केंद्रों की हालत और भी खराब है, जहां न तो पर्याप्त मेडिकल सुविधाएं उपलब्ध हैं और न ही जरूरी जांच (टेस्ट) की व्यवस्था है। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को बेहतर इलाज के लिए काफी संघर्ष करना पड़ रहा है।
लोगों की मुख्य समस्याएं:
- डॉक्टरों और स्टाफ की भारी कमी
- किलाड़ अस्पताल में विशेषज्ञों का अभाव
- स्वास्थ्य केंद्रों में टेस्ट सुविधा नहीं
- इलाज के लिए बाहर जाना पड़ रहा
स्वास्थ्य केंद्रों में जांच सुविधाएं जरूरी, समाधान से मिलेगी राहत
इसके साथ ही, स्वास्थ्य केंद्रों में जरूरी जांच (टेस्ट) की सुविधा उपलब्ध कराना भी बेहद आवश्यक है, ताकि मरीजों को छोटी-छोटी जांच के लिए भी दूसरे जिलों का रुख न करना पड़े। लोगों का मानना है कि अगर इन समस्याओं का जल्द समाधान किया जाए, तो न केवल मरीजों की परेशानियां कम होंगी, बल्कि पूरे क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं में भी काफी सुधार देखने को मिलेगा।
कुल मिलाकर, पांगी घाटी के लोगों की यह मांग उनके बेहतर स्वास्थ्य अधिकारों से जुड़ी है, और वे उम्मीद कर रहे हैं कि सरकार इस दिशा में जल्द ठोस कदम उठाएगी।
समस्याओं की सूची:
- डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की भारी कमी
- किलाड़ अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों का अभाव
- स्वास्थ्य केंद्रों में टेस्ट (जांच) की सुविधा नहीं
- इलाज के लिए कुल्लू या चंबा जैसे बाहर के क्षेत्रों में जाना पड़ रहा
निष्कर्ष:
लोगों ने सरकार से मांग की है कि पांगी घाटी को प्राथमिकता के आधार पर डॉक्टरों और आवश्यक चिकित्सा सुविधाओं से सुसज्जित किया जाए, ताकि स्थानीय निवासियों को अपने ही क्षेत्र में बेहतर और समय पर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें। Chamba के इस दूरदराज इलाके में स्वास्थ्य व्यवस्था की मौजूदा स्थिति को देखते हुए लोगों का कहना है कि यहां तुरंत विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति, मेडिकल स्टाफ की भर्ती और आधुनिक उपकरणों की व्यवस्था की जानी चाहिए।
