हिमाचल हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: नर्स भर्ती प्रक्रिया पर लगी रोक
हाईकोर्ट ने राज्य के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में सहायक स्टाफ नर्स और स्टाफ नर्सों की चल रही भर्ती प्रक्रिया पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है।
अदालत के इस आदेश के बाद भर्ती से जुड़ी सभी प्रक्रियाएं फिलहाल स्थगित कर दी गई हैं।
हिमाचल हाईकोर्ट का आदेश: नर्स भर्ती प्रक्रिया पर रोक, अगली सुनवाई मंगलवार को
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में सहायक स्टाफ नर्स और स्टाफ नर्सों की चल रही भर्ती प्रक्रिया पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है।
यह आदेश न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर और न्यायाधीश रंजन शर्मा की खंडपीठ ने गौरव कुमार एवं अन्य द्वारा दायर याचिका की सुनवाई के दौरान पारित किया।
अदालत ने प्रतिवादी पक्ष—राज्य सरकार और अन्य संबंधित अधिकारियों—को निर्देश दिए हैं कि अगले आदेश तक इस विज्ञापन के तहत चयन प्रक्रिया को आगे न बढ़ाया जाए।
साथ ही, अदालत ने मामले में स्थिति स्पष्ट करने के लिए संबंधित पक्षों से जवाब तलब किया है। इस मामले की अगली सुनवाई मंगलवार को निर्धारित की गई है।
याचिकाकर्ता पुरुष उम्मीदवारों ने अदालत में दिया ये तर्क
याचिकाकर्ता पुरुष उम्मीदवारों ने अदालत में तर्क दिया कि वे हिमाचल प्रदेश स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग भर्ती एवं पदोन्नति नियम 2019 के तहत स्टाफ नर्स के पद के लिए पूरी तरह से योग्य हैं। उनके पास आवश्यक शैक्षणिक योग्यता है और वे हिमाचल प्रदेश नर्स पंजीकरण परिषद के साथ विधिवत पंजीकृत भी हैं। विवाद तब शुरू हुआ जब विभाग ने इसे लेकर विज्ञापन 6 दिसंबर 2025 और 10 जनवरी 2026 को विज्ञापन जारी किए।
विज्ञापनों में केवल महिला उम्मीदवारों से ही आवेदन मांगे गए
इन विज्ञापनों में केवल महिला उम्मीदवारों से ही आवेदन मांगे गए थे, जबकि पुरुष उम्मीदवारों को इस प्रक्रिया से पूरी तरह बाहर रखा गया था। याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि मौजूदा भर्ती एवं पदोन्नति नियमों या नीति में कहीं भी यह उल्लेख नहीं है कि स्टाफ नर्स के पदों पर केवल महिलाओं की ही नियुक्ति की जाएगी। उन्होंने तर्क दिया कि केवल लिंग के आधार पर उन्हें भर्ती से बाहर करना भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार) और अनुच्छेद 16 (1) व (2) का सीधा उल्लंघन है। जब योग्यता समान है, तो पुरुषों के साथ भेदभाव करना तर्कसंगत नहीं है।
