हिमाचल प्रदेश: बिना नक्शा पास और दो मीटर से अधिक निर्माण पर अब महंगी होगी बिजली, जानें पूरी जानकारी

हिमाचल प्रदेश: बिना नक्शा पास और अतिरिक्त निर्माण पर महंगी होगी बिजली

हिमाचल प्रदेश में अब उन भवन मालिकों को महंगी बिजली का सामना करना पड़ेगा, जिन्होंने बिना नक्शा पास करवाए या निर्धारित सीमा से अधिक निर्माण किया है।

जानकारी के अनुसार, दो मीटर से अधिक अतिरिक्त निर्माण करने वाले और नगर निकायों से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) नहीं लेने वाले उपभोक्ताओं पर सख्ती की जा रही है। ऐसे उपभोक्ताओं को अब घरेलू बिजली दरों के उच्चतम स्लैब में रखा जाएगा।

इस फैसले के बाद संबंधित भवन मालिकों के बिजली बिल में बढ़ोतरी होना तय है। सरकार का उद्देश्य अवैध निर्माण पर लगाम लगाना और नियमों का पालन सुनिश्चित करना है।

हिमाचल प्रदेश: बिना नक्शा पास भवन मालिकों को अब महंगी बिजली, बढ़ी दरें लागू

हिमाचल प्रदेश में बिना नक्शा पास करवाए भवन बनाने वाले मालिकों पर अब सख्ती शुरू हो गई है। ऐसे उपभोक्ताओं को अब पहले के मुकाबले अधिक बिजली बिल चुकाना होगा।

जानकारी के अनुसार, नगर निकायों से एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) नहीं लेने वाले भवन मालिकों पर घरेलू बिजली दरों का उच्चतम स्लैब लागू किया गया है। अब इन उपभोक्ताओं को 4.17 रुपये प्रति यूनिट के बजाय 6.11 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली बिल देना होगा। यानी प्रति यूनिट 1.94 रुपये की बढ़ोतरी की गई है।

पहले इन उपभोक्ताओं को सब्सिडी के साथ 4.17 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से बिजली मिलती थी, लेकिन नई व्यवस्था के तहत यह लाभ समाप्त कर दिया गया है।

यह नियम प्रदेश के सभी शहरी क्षेत्रों में लागू होगा। गौरतलब है कि वर्ष 2022 से पहले बिजली कनेक्शन लेने के लिए नगर निकायों से भवन के नक्शे का एनओसी लेना अनिवार्य था, लेकिन कई उपभोक्ताओं ने इस नियम का पालन नहीं किया। अब सरकार ने ऐसे मामलों पर सख्ती दिखाते हुए यह कदम उठाया है।

हिमाचल प्रदेश: बिना एनओसी वाले उपभोक्ताओं पर सख्ती, अब उच्चतम दर से वसूला जाएगा बिजली बिल

हिमाचल प्रदेश में बिना भवन एनओसी वाले उपभोक्ताओं को लेकर सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। अब ऐसे उपभोक्ताओं से घरेलू बिजली दरों के उच्चतम स्लैब के अनुसार बिल वसूला जाएगा।

जानकारी के अनुसार, जिन उपभोक्ताओं के पास भवन का एनओसी नहीं होता था, उन्हें पहले घरेलू कनेक्शन की बजाय अस्थायी कनेक्शन दिए जाते थे, जिनकी दर 8.42 रुपये प्रति यूनिट थी।

मार्च 2022 में सरकार ने नियमों में बदलाव करते हुए स्थानीय निकायों की एनओसी के बिना भी घरेलू बिजली कनेक्शन देने का निर्णय लिया। इस दौरान सब्सिडी का लाभ देने के लिए कई अस्थायी कनेक्शनों को घरेलू श्रेणी में बदल दिया गया।

अब सरकार ने ऐसे उपभोक्ताओं पर फिर से सख्ती करते हुए फैसला लिया है कि उनसे घरेलू बिजली दरों के उच्चतम स्लैब के अनुसार ही बिल वसूला जाएगा।

घरेलू उपभोक्ताओं की सब्सिडी पर संशय

नियामक आयोग की ओर से जारी बिजली की नई दरों में प्रदेश के करीब 22 लाख घरेलू उपभोक्ताओं को मिलने वाले सब्सिडी का कोई उल्लेख नहीं है। आयोग ने 126 से 300 और 300 यूनिट से अधिक के दो स्लैब तय किए हैं। 126 से 300 यूनिट वाले स्लैब में सरकार 1.73 रुपये प्रति यूनिट की सब्सिडी देकर बिजली दरों को सस्ती करती है।

126 से 300 यूनिट के लिए अभी आयोग ने प्रति यूनिट 5.89 रुपये दाम तय किया है। इस पर सरकार की ओर से 1.73 रुपये की सब्सिडी देकर दरों को देकर राहत दी जाती रही है। प्रदेश में अभी तक कुल 29,344 उपभोक्ता सब्सिडी छोड़ चुके हैं। इनमें 13,668 सरकारी कर्मचारी, 11,364 पेंशनर और 4,312 आम उपभोक्ता हैं।

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