Himachal Vidhan Sabha: सीएम सुक्खू बोले- शक्तिपीठों के सौंदर्यीकरण के लिए बनेगा मास्टर प्लान

हिमाचल: सभी शक्तिपीठों के सौंदर्यीकरण को बनेगा मास्टर प्लान, धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

हिमाचल प्रदेश के सभी शक्तिपीठों के सौंदर्यीकरण के लिए राज्य सरकार मास्टर प्लान तैयार करने जा रही है। इस पहल का उद्देश्य धार्मिक स्थलों का समग्र विकास कर श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

सरकार की योजना के तहत मंदिरों के आसपास आधारभूत ढांचे को मजबूत किया जाएगा और सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। इससे न केवल श्रद्धालुओं को सहूलियत मिलेगी, बल्कि धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।

प्रशासन का मानना है कि इस कदम से प्रदेश की धार्मिक आस्था के केंद्र और अधिक आकर्षक बनेंगे और पर्यटन क्षेत्र को नई दिशा मिलेगी।

हिमाचल: शक्तिपीठों के सौंदर्यीकरण को बनेगा मास्टर प्लान, नयनादेवी और ज्वालाजी के लिए 25 करोड़ का प्रावधान

मुख्यमंत्री Sukhvinder Singh Sukhu ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के सभी शक्तिपीठों के सौंदर्यीकरण के लिए जल्द ही मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देना और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

उन्होंने बताया कि मंदिरों के समग्र विकास के लिए सरकार विशेष योजना पर काम कर रही है। इस बजट में Shri Naina Devi Ji Temple और Jwala Ji Temple के लिए 25 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एक वर्ष के भीतर मास्टर प्लान तैयार कर लिया जाएगा। साथ ही, सभी प्रमुख मंदिरों की न्यास समितियों में स्थानीय विधायकों को विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में शामिल किया जाएगा।

इसके अलावा, Shri Naina Devi Ji Temple में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सुगम आवाजाही हेतु लिफ्ट निर्माण और मुख्य सड़क के चौड़ीकरण का भी आश्वासन दिया गया है।

हिमाचल विधानसभा: नयनादेवी मंदिर में लिफ्ट निर्माण पर विवाद, अलग-अलग प्रस्तावों से अटका काम

मंगलवार को विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान भाजपा विधायक Randhir Sharma ने नयनादेवी मंदिर में लिफ्ट निर्माण का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि पूर्व सरकार के समय मंदिर में लिफ्ट बनाने का कार्य शुरू हुआ था, लेकिन सत्ता परिवर्तन के बाद यह काम ठप पड़ गया।

इस पर जवाब देते हुए उप मुख्यमंत्री Mukesh Agnihotri ने बताया कि पूर्व सरकार के दौरान न्यास कमेटी ने लिफ्ट निर्माण का प्रस्ताव भेजा था, जिसके तहत छह करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए थे और तीन करोड़ रुपये जारी भी हो चुके थे। साथ ही, कार्य का एक बड़ा हिस्सा पूरा भी किया जा चुका है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान में मंदिर की नई न्यास कमेटी ने लिफ्ट निर्माण के खिलाफ प्रस्ताव दिया है। कमेटी का तर्क है कि मंदिर में पहले भगदड़ की घटनाएं हो चुकी हैं, इसलिए सुरक्षा के लिहाज से यह उचित नहीं है।

उप मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि अलग-अलग प्रस्तावों के कारण लिफ्ट निर्माण का कार्य फिलहाल अटका हुआ है।

हिमाचल विधानसभा: नयनादेवी मंदिर में लिफ्ट निर्माण पर बहस तेज, सुरक्षा और सुविधा के बीच उलझा मामला

विधानसभा में नयनादेवी मंदिर में प्रस्तावित लिफ्ट निर्माण को लेकर पक्ष और विपक्ष के बीच बहस तेज हो गई। भाजपा विधायक Randhir Sharma ने कहा कि यदि न्यास कमेटी लिफ्ट निर्माण का प्रस्ताव देती है तो काम शुरू किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जहां पहले भगदड़ हुई थी और जहां लिफ्ट प्रस्तावित है, वे अलग-अलग स्थान हैं, ऐसे में सुरक्षा का तर्क भ्रामक है।

विधायक ने कहा कि लिफ्ट बनने से दिव्यांगों, बुजुर्गों और बच्चों को बड़ी राहत मिलेगी और श्रद्धालुओं की आवाजाही सुगम होगी।

इस पर उप मुख्यमंत्री Mukesh Agnihotri ने बताया कि सरकार द्वारा कराए गए भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण में Shri Naina Devi Ji Temple के पूरे परिक्षेत्र को अत्यधिक संवेदनशील और खतरनाक क्षेत्र घोषित किया गया है।

उन्होंने कहा कि विशेषज्ञों ने भू-स्थिरता के मद्देनजर इस क्षेत्र में किसी भी प्रकार के भारी निर्माण या बड़ी मशीनरी के उपयोग पर रोक लगाने की सिफारिश की है। उप मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इस मामले में अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री के स्तर पर लिया जाएगा और उसी के अनुसार आगे कार्रवाई की जाएगी।

ट्रैफिक जाम से निपटने को अतिरिक्त पुलिस बल होगा तैनात

भाजपा विधायक सुरेंद्र शौरी के सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि समर टूरिस्ट सीजन के दौरान प्रदेश के ऐसे सभी प्रमुख क्षेत्रों, जहां ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रहती है। वहां अतिरिक्त पुलिस बल को तैनात किया जाएगा, जिससे सैलानियों को परेशानियों का सामना न करना पड़े।

पैरा मिलिट्री कर्मियों के उत्थान के लिए सरकार प्रयासरत : मुख्यमंत्री

 राज्य एक्स-पैरा मिलिट्री कोऑर्डिनेशन एंड वेलफेयर एसोसिएशन ने बजट में पैरा मिलिट्री वेलफेयर बोर्ड के गठन की घोषणा के लिए मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू का आभार व्यक्त किया है। एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को विधानसभा में मुख्यमंत्री से भेंट कर उन्हें सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि राज्य सरकार पूर्व सैनिकों और पैरा मिलिट्री कर्मियों के उत्थान के लिए हर संभव प्रयास करेगी। एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने कहा कि लंबे समय से यह मांग उठाई जा रही थी। पैरा मिलिट्री वेलफेयर बोर्ड के गठन से पैरा मिलिट्री बलों के कर्मियों, वीर नारियों और उनके परिवारों को लाभ मिलेगा। 

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