शिमला: आरट्रैक में अलंकरण समारोह, ‘रेड टीमिंग’ से मजबूत होगी सैन्य तैयारी
शिमला स्थित आरट्रैक में आयोजित अलंकरण समारोह के दौरान जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल देवेंद्र शर्मा ने आधुनिक सैन्य रणनीतियों पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि ‘रेड टीमिंग’ एक अत्याधुनिक अवधारणा है, जिसका उद्देश्य युद्ध या सैन्य अभियानों की योजना बनाते समय दुश्मन की सोच और रणनीति को समझना है। इससे अपनी तैयारियों को और अधिक मजबूत एवं अभेद्य बनाया जा सकता है।
उन्होंने जोर देते हुए कहा कि बदलते युद्ध परिदृश्य में इस तरह की रणनीतियां सेना की दक्षता और तैयारियों को नई दिशा देती हैं।
शिमला: आरट्रैक की ‘विदुर वक्ता’ पहल से मजबूत होगी सेना की रणनीतिक क्षमता
सेना प्रशिक्षण कमान (आरट्रैक) की ‘विदुर वक्ता’ पहल भारतीय सेना की रणनीतिक क्षमता को नई मजबूती देने जा रही है। मंगलवार को आरट्रैक शिमला में आयोजित अलंकरण समारोह के दौरान जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल देवेंद्र शर्मा ने इस पहल की विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि यह एक अत्याधुनिक ‘रेड टीमिंग’ अवधारणा है, जिसका उद्देश्य युद्ध या सैन्य अभियानों की योजना बनाते समय दुश्मन की सोच और रणनीति को समझना है, ताकि अपनी तैयारियों को और अधिक सुदृढ़ व अभेद्य बनाया जा सके। महाभारत के विदुर से प्रेरित यह पहल भारतीय योजनाओं की कमजोरियों को पहचानकर उन्हें और मजबूत बनाने का कार्य करती है।
लेफ्टिनेंट जनरल शर्मा ने बताया कि इस पहल का सफल परीक्षण ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान किया जा चुका है। साथ ही, वर्ष 2027 तक इसे पूरे सेना स्तर पर लागू करने का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2030 तक 33 विशिष्ट तकनीकों को आत्मसात करने के लिए 15 संस्थानों को ‘सेंटर ऑफ एक्सपर्टीज’ के रूप में विकसित किया जा रहा है। वहीं, ‘सीओएएस क्वाड्रेनियल ट्रेनिंग डायरेक्टिव 2025-2029’ के तहत प्रशिक्षण ढांचे को आधुनिक बनाया जा रहा है।
इसके अलावा, पदोन्नति और प्रतियोगी परीक्षाओं को ऑनलाइन मोड में परिवर्तित करने की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने जेंडर न्यूट्रैलिटी और सैन्य कूटनीति के क्षेत्र में भी आरट्रैक शिमला की प्रतिबद्धता दोहराई।
आधुनिक युद्ध में ड्रोन सेना के लिए ईगल ऑन द सोल्जर
समारोह में प्रशिक्षण वर्ष 2025-26 के उत्कृष्ट संस्थानों और कर्मियों को सम्मानित किया गया। सेना कमांडर ने डिकेड ऑफ ट्रांसफॉर्मेशन के तहत चल रही 57 पहलों का उल्लेख करते हुए कहा कि आरट्रैक भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप भारतीय सेना को और सशक्त बनाने के लिए निरंतर कार्यरत है। लेफ्टिनेंट जनरल देवेंद्र शर्मा ने आधुनिक युद्ध में ड्रोन की बढ़ती भूमिका पर बल देते हुए कहा कि हर सैनिक को ड्रोन संचालन में प्रशिक्षित किया जाएगा। ड्रोन सेना के लिए ईगल ऑन द सोल्जर है। ड्रोन सैनिकों को दूरस्थ क्षेत्रों तक निगरानी और कार्रवाई में सक्षम बनाते हैं। अब तक 50,000 से अधिक सैन्य कर्मियों को ड्रोन प्रशिक्षण दिया जा चुका है। सेना के हर जवान को ड्रोन संचालन का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
