हिमाचल में कई बीमारियों की दवाएं फेल, सैंपल मानकों पर खरे नहीं उतरे\
हिमाचल प्रदेश में बीपी, संक्रमण, अल्सर, विटामिन, बलगम वाली खांसी, निमोनिया, सर्दी-जुखाम, बुखार और एसिडिटी जैसी बीमारियों में इस्तेमाल होने वाली दवाओं के सैंपल जांच में मानकों पर खरे नहीं उतरे हैं।
जांच में सामने आया कि इन दवाओं की गुणवत्ता निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई, जिससे स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है। संबंधित एजेंसियां अब मामले की जांच में जुटी हैं और आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
हिमाचल समेत देशभर में 194 दवाएं फेल, कंपनियों पर होगी कार्रवाई
हिमाचल प्रदेश में बनी 73 दवाओं सहित देशभर में कुल 194 दवाओं के सैंपल जांच में मानकों पर खरे नहीं उतरे हैं। फरवरी के ड्रग अलर्ट में केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएसओ) और राज्य प्रयोगशाला द्वारा लिए गए ये सैंपल फेल पाए गए।
हिमाचल में बीपी, संक्रमण, अल्सर, विटामिन, बलगम वाली खांसी, निमोनिया, सर्दी-जुखाम, बुखार और एसिडिटी जैसी बीमारियों में इस्तेमाल होने वाली दवाएं भी गुणवत्ता जांच में असफल रही हैं।
राज्य दवा नियंत्रक डॉ. मनीष कपूर ने बताया कि संबंधित दवा कंपनियों को नोटिस जारी किए जाएंगे। इन कंपनियों के खिलाफ ड्रग एंड कॉस्मेटिक एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी और बाजार में मौजूद स्टॉक को वापस मंगवाया जाएगा।
इन कंपनियों की दवाओं के सैंपल फेल
प्रदेश की कालाअंब स्थित एथेंस लैब, ऊना की जिंदल मेडियर, बद्दी सीआईईएल कंपनी, बद्दी के भु्ड्ड की सार बायोटेक, बद्दी की मर्क लैब, ऊना की स्विस गार्नियर, सोलन की चिमक हेल्थकेयर, कांगड़ा की लियोटिक फार्मा, बद्दी के भटोली के क्योरटेक स्किन केयर, पांवटा साहिब की लेबोरेट, कांगड़ा की राचिल फार्मातथा बद्दी के मार्टिन एंक क्रो कंपनी की अल्सर की दवा के सैंपल फेल हुए हैं।इसके अलावा अन्य कंपनियों की दवाओं के सैंपल भी फेल हुए हैं।
