टी20 विश्व कप 2026 में अभिषेक शर्मा लगातार तीसरी बार शून्य पर आउट हुए, जिससे उनकी फॉर्म और मानसिक स्थिति पर सवाल उठे हैं। सुनील गावस्कर और आकाश चोपड़ा ने कहा कि उम्मीदों का दबाव और जल्दबाजी उनके खेल को प्रभावित कर रही है। सुपर-8 से पहले का ब्रेक उनके लिए अहम साबित हो सकता है।
टी20 विश्व कप 2026 में दुनिया के नंबर-एक टी20 बल्लेबाज अभिषेक शर्मा का बल्ला खामोश नजर आ रहा है। अमेरिका और पाकिस्तान के खिलाफ असफल रहने के बाद नीदरलैंड्स के खिलाफ भी वह खाता नहीं खोल सके। 18 फरवरी को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में अभिषेक तीन गेंदों में शून्य पर बोल्ड हो गए। यह इस टूर्नामेंट में उनका तीसरा शून्य रहा। जो खिलाड़ी पिछले डेढ़ साल से विश्व क्रिकेट में तूफानी बल्लेबाजी के लिए जाना जा रहा था, वही अब संघर्ष करता दिख रहा है। ऐसे में सवाल उठने लगे हैं कि क्या यह केवल खराब फॉर्म है या उम्मीदों का दबाव या फिर उन्हें किसी की नजर लग गई है?
कैसे हुए आउट?
नीदरलैंड्स के ऑफ स्पिनर आर्यन दत्त की एक तेज स्लाइडर गेंद अभिषेक की स्टंप्स से जा टकराई। उन्होंने गेंद की लंबाई को गलत पढ़ा और आगे बढ़ने के बजाय बैकफुट पर चले गए। गेंद अंदर आई और सीधा स्टंप्स उखाड़ गई। आउट होने के बाद अभिषेक ने सिर पीछे झटकते हुए खुद से नाराजगी जाहिर की, जो उनके मानसिक दबाव की ओर इशारा करता है।
क्या कहते हैं दिग्गज?
सुनील गावस्कर का बयान
पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर ने मैच के बाद कहा कि युवा बल्लेबाज पर उम्मीदों का बोझ साफ दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि उन पर उम्मीदों का बोझ भारी पड़ रहा है। अगर पहले मैच में उन्हें तेज शुरुआत मिल जाती तो स्थिति अलग हो सकती थी, लेकिन अब आप देख सकते हैं कि सर्वश्रेष्ठ सिक्स-हिटर और नंबर-एक बल्लेबाज होने की अपेक्षाएं उन पर हावी हो रही हैं।’
गावस्कर ने यह भी सलाह दी कि अभिषेक को शुरुआत में थोड़ा समय लेना चाहिए। गावस्कर ने कहा, ‘उनके पास शॉट्स की शानदार रेंज है, लेकिन उन्हें खुद को थोड़ा समय देना होगा। हर गेंद पर चौका या छक्का मारने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। अगर चार डॉट गेंदें भी हो जाएं, तो बाद में उसकी भरपाई की जा सकती है। पहले एक-दो ओवर खुद को सेट करें, पैरों में मूवमेंट लाएं, फिर अपने शॉट्स खेलें।’
आकाश चोपड़ा की राय
पूर्व क्रिकेटर आकाश चोपड़ा ने भी अभिषेक की तकनीक पर सवाल उठाए। उनका मानना है कि अभिषेक शुरुआत में क्रॉस-बैट शॉट्स खेलने लगे हैं, जबकि उनकी असली ताकत सीधे बल्ले से लाइन के साथ शॉट खेलने में है। चोपड़ा का मानना है कि हल्की टर्न और ग्रिप वाली पिच पर भी अभिषेक को अपनी नैचुरल गेम पर भरोसा रखना चाहिए और सीधे शॉट्स खेलते रहना चाहिए।
फैंस कह रहे- नजर लग गई
वहीं, सोशल मीडिया पर फैंस का कहना है कि उन्हें नजर लग गई है। पिछले साल अभिषेक ने कई ताबड़तोड़ पारियां खेलीं और अब लोग उनसे इतनी उम्मीद लगा बैठे कि उन्हें नजर लग गई। हालांकि, फैंस का अभी भी उन्हें समर्थन है और उनके जल्द से जल्द फिर से दमदार वापसी में लौटने की उम्मीद जताई है।
बीमारी और रणनीति का असर
रिपोर्ट्स के मुताबिक, टूर्नामेंट से पहले अभिषेक हल्की बीमारी से जूझ रहे थे। इसके अलावा विरोधी टीमों ने भी उनके खिलाफ विशेष रणनीति बनाई है। पावरप्ले में उन्हें टाइट लाइन-लेंथ और स्पिन का मिश्रण दिया जा रहा है, जिससे वह खुलकर शॉट नहीं खेल पा रहे। लगातार असफलता से मानसिक दबाव बढ़ना स्वाभाविक है। यही कारण है कि मैदान पर उनकी बॉडी लैंग्वेज भी बदली हुई नजर आ रही है।
आगे का रास्ता
भारत को अब सुपर-आठ मुकाबले से पहले तीन दिन का ब्रेक मिला है। अगला मैच भी अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में ही खेला जाएगा। यात्रा नहीं होने से अभिषेक को आराम और मानसिक संतुलन पाने का मौका मिलेगा। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि एक अच्छी पारी अभिषेक का आत्मविश्वास लौटा सकती है। उनकी प्रतिभा पर किसी को संदेह नहीं है, लेकिन बड़े टूर्नामेंट में मानसिक मजबूती भी उतनी ही जरूरी होती है।
