प्रदेश में शराब के ठेके महंगे नीलाम होंगे। इससे शराब महंगी हो सकती है। बाहरी राज्यों के वाहनों को हिमाचल आने पर अधिक प्रवेश शुल्क देना पड़ेगा। राज्य सरकार लॉटरी भी शुरू करेगी।
हिमाचल प्रदेश में शराब के ठेके महंगे नीलाम होंगे। इससे शराब महंगी हो सकती है। बाहरी राज्यों के वाहनों को हिमाचल आने पर अधिक प्रवेश शुल्क देना पड़ेगा। राज्य सरकार लॉटरी भी शुरू करेगी। केंद्र से राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) बंद होने के बाद मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में आमदनी बढ़ाने के लिए ये फैसले लिए गए। प्रदेश में पहली बार शराब के ठेकों की ई-नीलामी होगी। इससे पूर्व टेंडर लगते थे। चालू वित्त वर्ष में जिस रेट पर ठेके व हिमाचल में प्रवेश के टोल बैरियर नीलाम हुए हैं, वही बेस वैल्यू रहेगी और उस पर 10 फीसदी की बढ़ोतरी होगी। इसके लिए कैबिनेट ने टोल टैक्स बैरियर पॉलिसी 2026-27 और आबकारी पॉलिसी 2026-27 को मंजूरी दी। नए प्रावधान एक अप्रैल से लागू होंगे। शराब ठेकों से 3,000 करोड़ की आमदनी की उम्मीद है। इससे पहले 2,850 करोड़ हो रही थी। टोल बैरियर से 180 करोड़ का राजस्व प्राप्त होगा।
लॉटरी शुरू करने के लिए बनेगी सब कमेटी
लॉटरी शुरू करने के लिए ग्रामीण विकास मंत्री अनिरुद्ध सिंह की अध्यक्षता में सब कमेटी बनेगी। यह हिमाचल प्रदेश राज्य लॉटरी विनियमन नियम 2026 का प्रारूप तैयार करेगी। तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी और सदस्य सचिव निदेशक कोष इसके सदस्य होंगे। बैठक में सीएम ने सभी मंत्रियों को अपने-अपने विभागों में फिजूलखर्ची रोकने और संसाधन जुटाने के उपाय तलाशने को कहा। इसके अलावा, चंबा जिले में डिजिटल विवि की स्थापना, महिला होमगार्ड वॉलंटियर्स को 26 हफ्ते की मैटरनिटी लीव देने, इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना में संशोधन को स्वीकृति देते हुए विधवाओं की बेटियों को राज्य के भीतर एवं बाहर के सरकारी संस्थानों में व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की पढ़ाई के लिए वित्तीय सहायता देने का निर्णय लिया गया है। छात्रावास सुविधा उपलब्ध न होने की स्थिति में उन्हें 3,000 रुपये प्रतिमाह दिए जाएंगे। कैबिनेट ने नगर निगमों और नगर निकायों की लंबे समय से किराये पर चल रही दुकानों के लिए लीज पाॅलिसी बनाने का भी फैसला लिया
स्वास्थ्य सेवाएं होंगी मजबूत, 1617 करोड़ से स्थापित होंगी मशीनें और नए उपकरण
कैबिनेट ने 1617.40 करोड़ रुपये से मेडिकल कॉलेजों, सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल और आदर्श स्वास्थ्य संस्थानों को आधुनिक बनाने के प्रोजेक्ट को भी मंजूरी दी गई। इस परियोजना का मकसद राज्य मे स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना है। जाइका एजेंसी की मदद से राशि खर्च की जाएगी। अस्पतालों में 20 साल पुरानी मशीनों को हटाकर नई मशीनें स्थापित की जानी हैं। कैबिनेट बैठक में फैसला लिया गया कि ने शिमला के कमला नेहरू अस्पताल में मदर एंड चाइल्ड हॉस्पिटल, सुंदरनगर और नूरपुर के सिविल हॉस्पिटल, ऊना के रीजनल हॉस्पिटल, भोरंज के सिविल हॉस्पिटल में 50 बेड वाले क्रिटिकल केयर ब्लॉक और बिलासपुर के क्षेत्रीय अस्पताल में जिला इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैबो के लिए आधुनिक उपकरण खरीदे जाएंगे। मेडिकल कॉलेज नाहन में इम्यूनोहेमेटोलॉजी और ब्लड ट्रांसफ्यूजन डिपार्टमेंट बनाने के साथ-साथ जरूरी पद सृजित करने और भरने को मंज़ूरी दी गई। मंत्रिमंडल ने राज्य के सभी सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्थानों में बायोमेडिकल उपकरण प्रबंधन और मेंटेनेंस प्रोग्राम लागू करने को भी मंजूरी दी। इससे चिकित्सा उपकरणों का नियमित प्रबंधन होगा, मरीजों की सुरक्षा बढ़ेगी और अस्पताल आसानी से काम कर पाएंगे। नूरपुर, बद्दी एवं ऊना में औषधि परीक्षण प्रयोगशालाओं की स्थापना और विभिन्न श्रेणियों के 36 पदों के सृजन एवं भरने को भी मंजूरी दी।
