अगर आपका बच्चा फ्रूट जेली पसंद करता है तो सावधान हो जाएं। ये फ्रूट जेली बहुत खतरनाक हो सकती है। बद्दी की एक नामी दुकान में बिक रही बच्चों की पसंदीदा फ्रूट जेली का सैंपल जांच में फेल हो गया है। पढ़ें पूरी खबर…
औद्योगिक क्षेत्र बद्दी में बच्चों के स्वास्थ्य के साथ सरेआम खिलवाड़ का बड़ा मामला सामने आया है। यहां एक नामी दुकान में बिक रही बच्चों की पसंदीदा फ्रूट जेली का सैंपल जांच में फेल हो गया है। सीटीएल कंडाघाट लैब की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि जिस उत्पाद को फ्रूट जेली कहकर बेचा जा रहा था, उसमें फलों का कोई अंश ही नहीं है। विभाग ने इस सैंपल को मिसलीडिंग (भ्रामक) और मिस-ब्रांडेड श्रेणी में रखा है।
जांच में पता चला है कि कारोबारी इस जेली को अपने ही कारखाने में तैयार कर रहा था। न केवल अपनी दुकान, बल्कि वह इसे अन्य छोटी दुकानों पर भी सप्लाई कर रहा था। इससे खाद्य सुरक्षा विभाग की चिंता बढ़ गई है। विभाग ने कारोबारी से उन दुकानों की सूची मांगी है, जहां-जहां यह जेली सप्लाई की गई थी। खाद्य सुरक्षा अधिकारी अनुज शर्मा की टीम ने बद्दी में मिठाई की दुकानों के औचक निरीक्षण के दौरान शक के आधार पर जेली का सैंपल लिया था। लैब रिपोर्ट के अनुसार जेली के पैकेट पर जो कंटेंट (सामग्री) लिखे गए थे, वे जांच में मिले ही नहीं। यह सीधे तौर पर भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण के नियमों का उल्लंघन है।
10 लाख तक का लग सकता है जुर्माना
नियमों के अनुसार भ्रामक जानकारी देकर उत्पाद बेचने पर 10 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। विभाग ने कारोबारी को नोटिस जारी कर 30 दिनों के भीतर लाइसेंस और संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने के आदेश दिए हैं। संतोषजनक जवाब न मिलने पर सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
फ्रूट जेली का सैंपल मिसलीडिंग पाया गया है। कारोबारी को नोटिस जारी कर 30 दिन में दस्तावेज मांगे गए हैं। खाद्य पदार्थों पर भ्रामक जानकारी देना गंभीर अपराध है। रिपोर्ट के आधार पर अगली कार्रवाई की जाएगी।- डॉ. अतुल कायस्थ, सहायक आयुक्त, जिला खाद्य सुरक्षा विभाग
