हिमाचल: बैंकों और बीमा संस्थानों पर प्रति यूनिट दो रुपये लगेगा बिजली सेस, ऊर्जा विभाग ने जारी की अधिसूचना

 हिमाचल में बैंकिंग, वित्त और बीमा क्षेत्र से जुड़े संस्थानों से दो रुपये की दर से सेस वसूला जाएगा। राज्यपाल से मंजूरी मिलने के बाद वीरवार को अधिसूचना राजपत्र में प्रकाशित की गई। पढ़ें पूरी खबर…

हिमाचल प्रदेश सरकार ने बैंकिंग, वित्त और बीमा क्षेत्र से जुड़े संस्थानों पर बिजली सेस (उपकर) लगाने का फैसला लिया है। ऊर्जा एवं बहुउद्देश्यीय परियोजनाएं विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के तहत अब इन संस्थानों से प्रति यूनिट बिजली खपत पर दो रुपये की दर से सेस वसूला जाएगा। यह फैसला हिमाचल प्रदेश विद्युत ड्यूटी अधिनियम 2009 की धारा 3 बी के तहत लिया गया है। राज्यपाल से मंजूरी मिलने के बाद वीरवार को अधिसूचना राजपत्र में प्रकाशित की गई।

वाणिज्यिक और सेवा क्षेत्र के इन संस्थानों में बिजली खपत अपेक्षाकृत अधिक होती है। इन उपभोक्ताओं को व्यावसायिक दरों पर 6.40 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली बिल जारी होते हैं। अब प्रति यूनिट दो रुपये उपकर लगने से इनके बिजली बिल में और बढ़ोतरी हो जाएगी। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि राजस्व बढ़ाने के लिए यह फैसला लिया गया है। उपकर से राज्य को अतिरिक्त आय प्राप्त होगी। इस आय का उपयोग ऊर्जा क्षेत्र के विकास और आधारभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण में किया जाएगा।

2372 बैंक शाखाओं सहित 4000 वित्त संस्थान आएंगे दायरे में
हिमाचल प्रदेश में विभिन्न बैंकों की 2372 शाखाएं हैं। इसके अलावा बैंकों के क्षेत्रीय, अंचल, जिला और मुख्यालय कार्यालय भी हैं। बीमा और अन्य वित्तीय संस्थानों की संख्या भी प्रदेश में काफी अधिक है। ऊर्जा विभाग के अनुसार करीब 4000 उपभोक्ताओं पर प्रति यूनिट दो रुपये का नया सेस लगेगा।

फरवरी 2025 में लगा था दूध और पर्यावरण सेस
हिमाचल प्रदेश में फरवरी 2025 से उपभोक्ताओं के बिजली बिल में दूध और पर्यावरण सेस शामिल किया गया था। इससे घरेलू उपभोक्ताओं के दस पैसे प्रति यूनिट और अन्य के दो पैसे से छह रुपये प्रति यूनिट तक बिजली के दाम बढ़ गए थे। साल 2024 के विधानसभा मानसून सत्र में पारित विद्युत शुल्क संशोधन अधिनियम 2024 के तहत यह सेस लगाया गया है। घरेलू उपभोक्ताओं पर सिर्फ दूध सेस लगा है, जबकि अन्य सभी श्रेणियों के उपभोक्ताओं को दूध के साथ पर्यावरण सेस भी चुकाना पड़ रहा है। शून्य बिल वाले घरेलू उपभोक्ताओं से दूध उपकर नहीं लिया जाता है।

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