Himachal: सीएम सुक्खू की तबीयत नासाज; ओकओवर में किया आराम, बिलासपुर दौरा भी रद्द

सीएम सुक्खू का लुहणू दौरा रद्द, महोत्सव के सभी कार्यक्रम पूर्व निर्धारित

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू का 21 नवंबर को लुहणू में प्रस्तावित दौरा स्वास्थ्य कारणों के चलते रद्द कर दिया गया है। हालांकि, महोत्सव से संबंधित किसी भी कार्यक्रम को रद्द नहीं किया गया है और सभी आयोजन पूर्व निर्धारित शेड्यूल के अनुसार ही होंगे।

सीएम सुक्खू की तबीयत बिगड़ी, लुहणू दौरा रद्द; जल तरंग जोश महोत्सव अपने तय समय पर

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू स्वास्थ्य ठीक न होने के कारण वीरवार को सचिवालय नहीं पहुंचे और ओकओवर में आराम कर स्वास्थ्य लाभ लेते रहे। इसी वजह से 21 नवंबर को लुहणू में उनका प्रस्तावित दौरा भी रद्द कर दिया गया है।

हालांकि, जल तरंग जोश महोत्सव-2025 का कोई कार्यक्रम रद्द नहीं किया गया है। जल क्रीड़ा प्रतियोगिताएं, रेडक्रॉस मेला, आजीविका मेला, युवा कार्यक्रम और सांस्कृतिक संध्याएं पहले से तय समयानुसार ही आयोजित होंगी।

सीएम की अनुपस्थिति में तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी सुबह 11 बजे महोत्सव का शुभारंभ करेंगे।

इसके साथ ही शुक्रवार को सचिवालय में होने वाली जनसुनवाई भी अपरिहार्य कारणों से स्थगित कर दी गई है।

सुक्खू कल करेंगे विद्या समीक्षा केंद्र का शुभारंभ
शिमला। हिमाचल में शिक्षा सुधारों को गति देने के लिए मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू शनिवार को समग्र शिक्षा निदेशालय में नए विद्या समीक्षा केंद्र समेत कई आधुनिक सुविधाओं का शुभारंभ करेंगे। कार्यक्रम सुबह 10 बजे होगा। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, शिक्षा सचिव राकेश कंवर व समग्र शिक्षा के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। विद्या समीक्षा केंद्र शिक्षा विभाग की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। राष्ट्रीय स्तर के मॉडल पर आधारित यह केंद्र पूरे प्रदेश से प्राप्त शिक्षण, उपस्थिति, मूल्यांकन और स्कूल प्रबंधन से जुड़े रीयल-टाइम डाटा को एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराएगा। इससे न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि निर्णय प्रक्रिया भी तेज और प्रभावी होगी। विद्या समीक्षा केंद्र में अभ्यास हिमाचल के तहत बच्चों के स्तर के अनुसार व्यक्तिगत सीख, जियो टैगिंग

हिमाचल में शिक्षा व्यवस्था होगी हाई-टेक: स्मार्ट उपस्थिति, निपुण प्रगति और आधुनिक सुविधाओं का शुभारंभ

स्मार्ट उपस्थिति प्रणाली के तहत रीयल-टाइम हाजिरी से पारदर्शिता बढ़ेगी, जबकि निपुण प्रगति के माध्यम से प्रारंभिक कक्षाओं में साक्षरता और अंकज्ञान की निगरानी अधिक प्रभावी होगी। डाटा आधारित मूल्यांकन से छात्रों की सीखने संबंधी कमियां तुरंत पहचान में आ सकेंगी और शिक्षकों को आवश्यक सामग्री व दिशानिर्देश तुरंत उपलब्ध होंगे। इससे शिक्षकों का प्रशासनिक बोझ कम होकर वे शिक्षण पर अधिक ध्यान दे पाएंगे।

मुख्यमंत्री एजुकेशन गैलरी, प्रोग्राम मैनेजमेंट स्टूडियो, कांफ्रेंस एरिया, न्यू कांफ्रेंस हॉल और निदेशालय परिसर में स्थापित सेंट्रल हीटिंग सिस्टम का भी उद्घाटन करेंगे। इन सुविधाओं से विभागीय प्रशिक्षण, बैठकें और समीक्षाएं अधिक सुचारु रूप से संचालित हो सकेंगी।

समग्र शिक्षा निदेशक राजेश शर्मा ने कहा कि ये सुविधाएं राज्य के शिक्षा क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि हैं। नई तकनीकी पहलें शिक्षा प्रणाली को अधिक प्रभावी और आधुनिक बनाएंगी। सरकार का लक्ष्य राज्य के हर बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण और समान शिक्षा पहुंचाना है, और ये कदम उस दिशा में मजबूत आधार प्रदान करेंगे।

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