Himachal: ज्वालामुखी के अनुज कुमार ने अंग्रेजी वर्णमाला की सबसे तेज टाइपिंग कर बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड

टिहरी गांव के छात्र अनुज कुमार ने इंटरनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज कराया नाम

ज्वालामुखी उपमंडल की खुंडिया पंचायत के टिहरी गांव के प्रतिभाशाली छात्र अनुज कुमार, पुत्र रणजीत सिंह ने अपनी अद्भुत दक्षता और कड़ी मेहनत के बल पर इंटरनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में जगह बनाकर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उनकी इस उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है और लोग उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना कर रहे हैं।



टिहरी गांव के अनुज कुमार ने तेज़ टाइपिंग में बनाया विश्व रिकॉर्ड, इंटरनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज हुआ नाम

हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के ज्वालामुखी उपमंडल की खुंडिया पंचायत के टिहरी गांव के प्रतिभाशाली छात्र अनुज कुमार, पुत्र रणजीत सिंह ने अपनी अद्भुत दक्षता और कड़ी मेहनत के दम पर इंटरनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में जगह बनाकर क्षेत्र का नाम रोशन किया है।

सितंबर में दिल्ली में आयोजित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में अनुज ने अंग्रेजी वर्णमाला (A से Z) की सबसे तेज़ टाइपिंग की श्रेणी में मात्र 1 सेकंड 986 मिलीसेकंड में लक्ष्य पूरा कर विश्व स्तर पर अपना रिकॉर्ड पंजीकृत करवाया।

प्रतियोगिता का औपचारिक परिणाम दो दिन पूर्व घोषित होते ही पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई।

इंटरनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में नाम दर्ज कराने वाले अनुज कुमार का सपना—इंजीनियर बनकर देश की सेवा करना

हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के ज्वालामुखी उपमंडल की खुंडिया पंचायत के टिहरी गांव के मेधावी छात्र अनुज कुमार इन दिनों पूरे क्षेत्र में चर्चा का मुख्य विषय बने हुए हैं। अंग्रेजी वर्णमाला की सबसे तेज़ टाइपिंग की श्रेणी में इंटरनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में जगह बनाकर अनुज ने सिद्ध कर दिया है कि मेहनत, लगन और निरंतर अभ्यास से कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता।

अनुज के पिता रणजीत सिंह केंद्रीय विद्यालय में प्रधानाचार्य हैं, जबकि उनकी माता गृहिणी हैं। बेटे की इस ऐतिहासिक उपलब्धि ने पूरे परिवार का मान बढ़ा दिया है। घर-परिवार से लेकर गुरुजनों और क्षेत्रवासियों के बीच खुशी का माहौल है। हर कोई अनुज की इस सफलता पर फूला नहीं समा रहा।

प्राथमिक शिक्षा खंड खुंडिया के अध्यक्ष भीम सिंह राणा ने अनुज और उनके परिवार को बधाई देते हुए कहा कि अनुज की यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि अनुज की मेहनत और निरंतर अभ्यास क्षेत्र के उन विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का जीवंत उदाहरण है जो छोटी उम्र में बड़े सपने देखने का साहस रखते हैं।

गांववासियों और रिश्तेदारों ने भी अनुज की इस सफलता को क्षेत्र की सामूहिक उपलब्धि बताया है। उनका कहना है कि आज के डिजिटल युग में तकनीकी दक्षता बहुत महत्व रखती है और अनुज ने कम उम्र में जो मानक स्थापित किए हैं, वे आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेंगे।

अनुज कुमार ने अपनी खुशी साझा करते हुए बताया कि उनका सपना इंजीनियर बनने का है। वे आगे चलकर नई तकनीकों पर काम करना चाहते हैं और देश के विकास में अपना योगदान देना चाहते हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह सफलता उनके बड़े सफर की सिर्फ शुरुआत है।
अनुज ने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि लगातार अभ्यास, समर्पण और आत्मविश्वास ही हर बड़ी उपलब्धि की सबसे बड़ी कुंजी हैं। वे मानते हैं कि मेहनत कभी व्यर्थ नहीं जाती और हर चुनौती एक नए अवसर के रूप में सामने आती है।

क्षेत्र के लोगों का कहना है कि अनुज जैसे युवा प्रतिभाशाली विद्यार्थी न केवल गांव और क्षेत्र का नाम रोशन करते हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए नई दिशा भी तय करते हैं। उनकी सफलता से बच्चों और अभिभावकों दोनों में शिक्षा और कौशल विकास के प्रति नई जागरूकता और उत्साह बढ़ा है।

अनुज की इस उपलब्धि ने यह साबित कर दिया है कि बड़े सपने देखने वालों के कदम गांवों की गलियों से उठकर अंतरराष्ट्रीय मंचों तक पहुंच सकते हैं। उनकी कहानी अब क्षेत्र में प्रेरणा का प्रतीक बन चुकी है।

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