हिमाचल प्रदेश में एक बेहद दर्दनाक और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक सरकारी स्कूल परिसर में खुले पड़े सेप्टिक टैंक में गिरने से नर्सरी कक्षा में पढ़ने वाली एक मासूम बच्ची की मौत हो गई। यह हादसा उस वक्त हुआ जब बच्ची अपने साथियों के साथ खेल रही थी और अनजाने में खुले टैंक के पास पहुंच गई।
जानकारी के मुताबिक, घटना उस समय की है जब स्कूल का लंच ब्रेक चल रहा था। बच्ची खेलते-खेलते स्कूल के पीछे वाले हिस्से में पहुंच गई, जहां सेप्टिक टैंक का ढक्कन खुला हुआ था। अचानक उसका पैर फिसल गया और वह सीधे टैंक में जा गिरी। जब काफी देर तक बच्ची नजर नहीं आई तो शिक्षकों और छात्रों ने उसकी तलाश शुरू की। बाद में जब टैंक में झांककर देखा गया, तो सभी के होश उड़ गए।
तुरंत बच्ची को बाहर निकाला गया और नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस दर्दनाक घटना के बाद स्कूल में अफरा-तफरी मच गई।
स्थानीय लोगों और अभिभावकों में इस घटना के बाद भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि स्कूल प्रशासन की यह घोर लापरवाही है कि परिसर में ऐसा खतरनाक स्थान खुला छोड़ दिया गया। माता-पिता ने सवाल उठाया है कि आखिर सुरक्षा के इतने दावे करने वाले शिक्षा विभाग की नजर इस लापरवाही पर क्यों नहीं पड़ी।
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं, शिक्षा विभाग ने भी इस घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं।
इस हादसे से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। लोग स्कूल प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। मासूम की मौत ने सभी को झकझोर कर रख दिया है, और अब सवाल उठ रहे हैं कि क्या स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा सिर्फ कागजों तक ही सीमित रह गई है।
